परमेश्वर के दैनिक वचन | "मनुष्य के सामान्य जीवन को पुनःस्थापित करना और उसे एक अद्भुत मंज़िल पर ले जाना" | अंश 593

परमेश्वर के दैनिक वचन | "मनुष्य के सामान्य जीवन को पुनःस्थापित करना और उसे एक अद्भुत मंज़िल पर ले जाना" | अंश 593

379 |24 जुलाई, 2020

वे सभी लोग जो सिद्ध किये जाने की इच्छा रखते हैं उनके पास सिद्ध बनने का एक अवसर है, अतः हर किसी को शांत हो जाना चाहिए: भविष्य में आप उस मंज़िल में प्रवेश करेंगे। परन्तु यदि आप सिद्ध बनाए जाने की इच्छा नहीं रखते हैं, और उस बेहतरीन आयाम में प्रवेश करने की इच्छा नहीं रखते हैं, तो यह आपकी स्वयं की समस्या है। वे सभी जो सिद्ध बनाए जाने की इच्छा रखते हैं और जो परमेश्वर के प्रति वफादार हैं, वे सभी जो आज्ञाओं को मानते हैं, और वे सभी जो वफादारी से अपने कार्य को क्रियान्वित करते हैं—ऐसे सभी लोगों को सिद्ध बनाया जा सकता है। आज, वे सभी लोग जो वफादारी से अपने अपने कर्तव्य को नहीं निभाते हैं, वे सभी जो परमेश्वर के प्रति वफादार नहीं हैं, वे सभी जो परमेश्वर के अधीन नहीं होते हैं, विशेष रूप से वे जिन्होंने पवित्र आत्मा का अद्भुत प्रकाशन एवं अद्भुत ज्योति प्राप्त की है किन्तु उसे अभ्यास में नहीं लाते हैं—ऐसे सभी लोगों को सिद्ध नहीं बनाया जा सकता है। वे सभी लोग जो वफादार होने और परमेश्वर की आज्ञा मानने की इच्छा रखते हैं, भले ही वे थोड़े से अज्ञानी हैं; वे सभी जो अनुसरण करने की इच्छा रखते हैं उन्हें सिद्ध बनाया जा सकता है। इसके विषय में चिंता करने की कोई आवश्यकता नहीं है। जब तक आप इस दिशा में अनुसरण करने के इच्छुक हैं, आपको सिद्ध बनाया जा सकता है। मैं आप लोगों में से किसी को भी छोड़ने या निष्कासित करने के लिए इच्छुक नहीं हूँ, परन्तु यदि मनुष्य अच्छा करने के लिए परिश्रम न करे, तो आप सिर्फ अपने आपको बर्बाद कर रहे हैं; वह मैं नहीं हूँ जो आपको निष्कासित करता है, परन्तु आप स्वयं हो। यदि आप स्वयं अच्छा करने के लिए परिश्रम न करें—यदि आप आलसी हैं, या अपने कर्तव्य नहीं निभाते हैं, या वफादार नहीं हैं, या सत्य का अनुसरण नहीं करते हैं, और हमेशा जैसा चाहते हैं वैसा ही करते हैं, धन खर्च करते हैं और लैंगिक सम्बन्ध बनाते हैं, तो आप स्वयं को दोषी ठहराते हैं, और किसी की दया के अयोग्य हैं। मेरा उद्देश्य आप सभी लोगों के लिए है कि आप सब सिद्ध बनें, और इस बात की बहुत कम इच्छा करता हूँ कि आप पर विजय पाया जाए, ताकि कार्य के इस चरण को सफलतापूर्वक पूरा किया जा सके। प्रत्येक व्यक्ति के लिए परमेश्वर की इच्छा है कि उसे सिद्ध बनाया जाए, अन्ततः उसके द्वारा उसे प्राप्त किया जाए, और उसके द्वारा पूरी तरह से शुद्ध किया जाए, और वह ऐसा इंसान बने जिससे वह प्रेम करता है। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है कि मैं ने आप लोगों को पिछड़ा हुआ कहा या निम्न क्षमता वाला—यह सब प्रमाणित सत्य है। मेरा ऐसा कहना यह सिद्ध नहीं करता है कि मैं ने आपको छोड़ने का इरादा किया है, कि मैंने आप लोगों में आशा खो दी है, और मैं आप लोगों को बचाने की इच्छा बिलकुल भी नहीं करता हूँ। आज मैं आप सब के उद्धार के कार्य को करने के लिए आया हूँ, कहने का तात्पर्य है कि वह कार्य जिसे मैं करता हूँ वह उद्धार के कार्य की निरन्तरता है। प्रत्येक व्यक्ति के पास सिद्ध किये जाने का एक मौका है: बशर्ते आप तैयार हों, बशर्ते आप अनुसरण करते हों, तो अन्त में आप प्रभावों को हासिल करने में सक्षम होंगे, और आप में से किसी को भी त्यागा नहीं जाएगा। यदि आप निम्न क्षमता के इंसान हैं, तो आप से मेरी अपेक्षाएं आपकी निम्न क्षमता के अनुसार होंगी, यदि आप उच्च क्षमता के इंसान हैं, तो आप से मेरी अपेक्षाएं आपकी उच्च क्षमता के अनुसार होंगी; यदि आप अज्ञानी एवं निरक्षर (अनपढ़) हैं, तो आप से मेरी अपेक्षाएं आपकी निरक्षरता के स्तर के अनुसार होंगी; यदि आप साक्षर हैं, तो आप से मेरी अपेक्षाएं आपकी साक्षरता के स्तर के अनुसार होंगी; यदि आप वृद्ध हैं, तो आप से मेरी अपेक्षाएं आपकी उम्र के अनुसार होंगी; यदि आप अतिथि सत्कार करने में समर्थ हैं, तो आप से मेरी अपेक्षाएं इसके अनुसार होंगी; यदि आप कहते हैं कि आप अतिथि सत्कार नहीं कर सकते हैं, और केवल कुछ निश्चित कार्य ही कर सकते हैं, चाहे यह सुसमाचार फैलाने का कार्य हो, या कलीसिया की देखरेख करने का कार्य हो, या अन्य सामान्य मामलों में शामिल होने का कार्य हो, मेरे द्वारा आपकी सिद्धता भी उस कार्य के अनुसार होगी जिसे आप करते हैं। वफादार होना, अन्त तक आज्ञा मानना, और परमेश्वर के सर्वोच्च प्रेम का अनुसरण करना—यही वह कार्य है जिसे आपको पूरा करना होगा, और इन तीन चीज़ों की अपेक्षा अभ्यास करने के लिए और कोई बेहतर चीज़ नहीं है। अन्ततः, मनुष्य से अपेक्षा की जाती है कि वह इन तीन चीज़ों को हासिल करे, और यदि वह इन तीन चीज़ों को हासिल कर सकता है तो उसे सिद्ध बनाया जाएगा। परन्तु, इन सबसे ऊपर, आपको सचमुच में अनुसरण करना होगा, आपको सक्रियता से ऊपर और नीचे बढ़ते जाना होगा, उसके प्रति निष्क्रिय नहीं होना होगा, मैं कह चुका हूँ कि प्रत्येक व्यक्ति के पास सिद्ध बनाए जाने का एक अवसर है, और प्रत्येक व्यक्ति सिद्ध बनाए जाने के योग्य है, और यह मायने रखता है, परन्तु यदि आप अपने अनुसरण में बेहतर बनने की कोशिश नहीं करते हैं, यदि आप इन तीनों मापदंडों को हासिल नहीं करते हैं, तो अन्त में आप ज़रूर निष्कासित होंगे। मैं चाहता हूँ कि हर कोई उस स्तर तक पहुंचे, मैं चाहता हूँ कि प्रत्येक के पास पवित्र आत्मा का कार्य एवं अद्भुत प्रकाशन हो, और वह अन्त तक आज्ञा मानने में सक्षम हो, क्योंकि यह वह कर्तव्य है जिसे आप लोगों में से प्रत्येक को निभाना है। जब आप सभी लोग अपने कर्तव्य को निभा लेते हैं, तो आप सभी लोगों को सिद्ध बनाया जा चुका होगा, आप लोगों के पास भी गूंजायमान गवाही होगी। वे सभी लोग जिनके पास गवाही है वे ऐसे लोग हैं जो शैतान के ऊपर विजयी हुए हैं और जिन्होंने परमेश्वर की प्रतिज्ञा को प्राप्त किया है, और वे ऐसे लोग हैं जो उस बेहतरीन मंज़िल में जीवन बिताने के लिए बने रहेंगे।

— 'वचन देह में प्रकट होता है' से उद्धृत

God Wishes Everyone Could Be Perfected

I

All those willing to be made perfect, loyal and obedient to God, faithfully performing their function— all of them can be made perfect. I don’t want to forsake or cast out any of those among you. But if you don’t strive to do well, you’ll only ruin yourself. It’s you, not Me, that weed you out. God’s wish is for every person to be gained by Him in the end, to be totally cleansed by Him. God wishes to make all perfect and become people that He loves, and become people that He loves.

II

It’s a fact when I say you’re backward or when I say you’re of poor caliber. Doesn’t mean I intend to forsake you or lose hope, unwilling to save you. Today I have come to continue My salvation work for you. Everyone has the chance to be made perfect. Just be willing and pursue, it will work in the end; none will be forsaken. God’s wish is for every person to be gained by Him in the end, to be totally cleansed by Him. God wishes to make all perfect and become people that He loves, and become people that He loves.

III

I want everyone to catch up, have Holy Spirit’s work and light, to obey until the very end, for this is duty you all should do. When duties all done, you’ll find yourself perfected, you’ll have great testimony. Defeating Satan and gaining God’s promise, you will be those who remain to live in a destination so good. God’s wish is for every person to be gained by Him in the end, to be totally cleansed by Him. God wishes to make all perfect and become people that He loves, and become people that He loves.

from Follow the Lamb and Sing New Songs

सब
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