Hindi Christian Testimony Video, एपिसोड 684: मैं क्यों अपनी राय व्यक्त करने से हमेशा डरती थी

12 जून, 2026

उसने कलीसिया में धर्मोपदेशों का मूल्यांकन करने का कर्तव्य निभाया। कुछ समय बाद, उसने चर्चाओं के दौरान बार-बार गलतियाँ कीं, जिससे वह अत्यधिक सतर्क हो गई। जब उसके पास विचार होते थे, तब भी वह अपनी सहयोगी के पहले बोलने का इंतजार करती थी, जिससे काम की प्रगति धीमी हो गई। पर्यवेक्षक द्वारा सुधारे जाने और मदद किए जाने के बाद ही उसने सत्य की खोज शुरू की। आत्म-चिंतन के माध्यम से, उसने अपने विचारों को व्यक्त करने में लगातार झिझक के पीछे कौन-सा भ्रष्ट स्वभाव छिपा पाया? आइए शिन चुन का अनुभव सुनें।

और देखें

परमेश्वर के बिना जीवन कठिन है। यदि आप सहमत हैं, तो क्या आप परमेश्वर पर भरोसा करने और उसकी सहायता प्राप्त करने के लिए उनके समक्ष आना चाहते हैं?

अन्य प्रकार की वीडियो

वचन, खंड 1 : परमेश्वर का प्रकटन और कार्य से लिया गया पाठ परमेश्वर के दैनिक वचन से पाठ वचन, खंड 2 : परमेश्वर को जानने के बारे में से लिया गया पाठ वचन, खंड 3 : अंत के दिनों के मसीह के प्रवचन से लिया गया पाठ वचन, खंड 4 : मसीह-विरोधियों को उजागर करना से लिया गया पाठ वचन, खंड 5 : अगुआओं और कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारियाँ से लिया गया पाठ वचन, खंड 6 : सत्य के अनुसरण के बारे में से लिया गया पाठ वचन, खंड 7 : सत्य के अनुसरण के बारे में से लिया गया पाठ सुसमाचार फ़िल्में धर्मोपदेश शृंखला : आस्था में सत्य की खोज कलीसियाई जीवन की गवाहियाँ जीवन-अनुभव की गवाही की फ़िल्में धार्मिक उत्पीड़न पर फिल्में सामूहिक गायन संगीत की नृत्य प्रस्तुतियाँ समवेत वीडियो शृंखला कलीसिया का जीवन—विविध कार्यक्रम श्रृंखला संगीत वीडियो भजन के वीडियो सत्य का उद्घाटन चित्रित फिल्म-सारांश

उत्तर यहाँ दें

साझा करें

रद्द करें

WhatsApp पर हमसे संपर्क करें