Hindi Christian Testimony Video, एपिसोड 283: अब मैं बुढ़ापे में अपना कर्तव्य अच्छे से न निभाने को लेकर परेशान नहीं होती हूँ
15 जून, 2026
अधेड़ उम्र में उसने प्रभु की वापसी का स्वागत किया और तब से वह उत्साहपूर्वक खुद को खपा रही थी, इस उम्मीद में कि वह एक दिन राज्य में प्रवेश कर सकेगी और अनंत जीवन पा सकेगी। लेकिन सत्तर साल की उम्र पार करने के बाद उसकी सेहत गिरने लगी और याददाश्त कमजोर होने लगी। उसे चिंता सताने लगी कि वह अपना कर्तव्य नहीं निभा पाएगी और उद्धार पाने की उम्मीद खो देगी, नतीजतन वह गहरे दुख में डूब गई। परमेश्वर के वचनों को पढ़ने से उसकी चिंताएँ और परेशानियाँ दूर हो गईं। वह सक्रिय होकर अपना कर्तव्य निभाने लगी और सत्य का अनुसरण करने लगी। आइए मिलकर उसका अनुभव सुनते हैं।
परमेश्वर के बिना जीवन कठिन है। यदि आप सहमत हैं, तो क्या आप परमेश्वर पर भरोसा करने और उसकी सहायता प्राप्त करने के लिए उनके समक्ष आना चाहते हैं?
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