Hindi Christian Testimony Video | अब मैं काम से जी नहीं चुराती | True Story of a Christian

04 अक्टूबर, 2022

मुख्य किरदार को अगुआ चुनकर कई कलीसियाओं के कार्य का प्रभारी बना दिया जाता है। लेकिन उसे लगता है कि यह एक भारी जिम्मेदारी है और वह उसे स्वीकार नहीं करना चाहती। उसे इस बात की चिंता है कि अगर वह अपना कर्तव्य अच्छे से नहीं कर पाई तो काम रुक जाएगा और फिर उससे कार्य करने का अवसर छीन लिया जाएगा। परमेश्वर के वचनों के न्याय और ताड़ना से, उसे एहसास होता है कि वह उस कार्य से बच रही है क्योंकि वह अपनी भविष्य की संभावनाओं और गंतव्य पर कुछ ज्यादा ही ध्यान दे रही है, इसलिए वह परमेश्वर के प्रति सतर्क है और उसे गलत समझ रही है। वह फिर इस कर्तव्य के प्रति अपना दृष्टिकोण बदल लेती है और इसे परमेश्वर के आदेश के रूप में देखती है : चाहे उसका भविष्य और गंतव्य कुछ भी हो, उसे इसे स्वीकार लेना चाहिए। यह अनुभव उसे एक व्यावहारिक समझ देता है कि यह कर्तव्य उसके दोषों को दूर कर सकता है और परमेश्वर का आशीर्वाद है।

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परमेश्वर की ओर से एक आशीर्वाद—पाप से बचने और बिना आंसू और दर्द के एक सुंदर जीवन जीने का मौका पाने के लिए प्रभु की वापसी का स्वागत करना। क्या आप अपने परिवार के साथ यह आशीर्वाद प्राप्त करना चाहते हैं?

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