Hindi Christian Testimony Video | मेरा अहंकारी स्वभाव कैसे बदला

08 अगस्त, 2021

मुख्य किरदार को इंटीरियर डिज़ाइन में चार साल का पेशेवर अनुभव है। उसे कलीसिया की फ़िल्मों के लिए सेट और उसका सामान बनाने की ज़िम्मेदारी मिलती है। वह उस काम में अपने अनुभव का इस्तेमाल करने की कोशिश करती है। अहंकारी और आत्मतुष्ट होने के कारण, वह अपने विचारों को ही ज़्यादा अहमियत देती है, दूसरों के सुझावों पर ज्यादा ध्यान नहीं देती। इससे उसके भाई-बहन बहुत दबाव महसूस करते हैं और बहुत सी गड़बड़ियाँ होने लगती हैं, बहुत से काम दोबारा करने पड़ते हैं और फ़िल्म की प्रगति में भी रुकावट आती है। परमेश्वर के वचनों द्वारा न्याय और उजागर किये जाने के बाद, उसे अपनी अहंकारी प्रकृति की थोड़ी-बहुत समझ आती है और वह खुद से नफ़रत करने लगती है। उसे यह भी एहसास होता है कि सिर्फ़ अपने अनुभव और गुणों पर निर्भर रहकर वह अपना काम अच्छे से नहीं कर सकती। वह अपने अहंकारी स्वभाव को त्याग कर समझदारी से सत्य की खोज करने पर ध्यान देने लगती है। जब वह अपने अहम को भूलकर दूसरों के सुझावों पर ध्यान देती है, तो वह मानवीय गुणों के अनुसार जीने लगती है।

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