Hindi Christian Testimony Video, एपिसोड 680: मैं आखिरकार हीनता की परछाईं से निकली
29 मई, 2026
अपनी धीमी प्रतिक्रियाओं और खराब बोध क्षमता के कारण सहपाठी उसका मजाक उड़ाते थे और शिक्षक उसे नीचा दिखाते थे, जिससे वह हीन महसूस करने लगी। यहाँ तक कि अपना कर्तव्य करते हुए भी वह अक्सर नकारात्मक और निष्क्रिय दशा में रहती थी और अपने विचार व्यक्त करने की हिम्मत नहीं करती थी, जिससे काम में देरी होती थी और उसे कष्ट झेलना पड़ता था। परमेश्वर के वचनों के समय पर मिले मार्गदर्शन के माध्यम से ही उसे एहसास हुआ कि वह हीनता की नकारात्मक भावना में फँसी हुई है। आखिरकार, वह अपना अहंकार छोड़ सकी, अपनी कमियों का सही ढंग से सामना कर सकी और अब वह हीनता की भावना से नहीं बँधी थी।
परमेश्वर के बिना जीवन कठिन है। यदि आप सहमत हैं, तो क्या आप परमेश्वर पर भरोसा करने और उसकी सहायता प्राप्त करने के लिए उनके समक्ष आना चाहते हैं?
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