परमेश्वर की पुकार | संगीतमय नाटक “चीनी 9वाँ प्रदर्शन”

गायक-मण्डली   1008  

परिचय

पुकारने की आवाज

गतिविधि I

सर्वशक्तिमान की आह

भ्रष्ट मानवजाति का दुःख

मनुष्य सदियों से परमेश्वर के साथ चलता आया है,

फिर भी मनुष्य नहीं जानता है कि परमेश्वर सभी बातों पर, जीवित प्राणियों के भाग्य पर शासन करते हैं

या सभी बातों को परमेश्वर किस प्रकार से योजनाबद्ध या निर्देशित करते हैं।

यह कुछ ऐसी बातें हैं जिनसे अतीतकाल से आज तक मनुष्य बच नहीं पाया है।

जहाँ तक उस कारण की बात है, यह इसलिए नहीं है क्योंकि परमेश्वर के मार्ग बहुत ही भ्रान्तिजनक हैं,

या क्योंकि परमेश्वर की योजना को अभी महसूस किया जाना बाकी है,

परन्तु इसलिए कि मनुष्य का हृदय और आत्मा परमेश्वर से अत्याधिक दूर है।

इसलिए, हालांकि मनुष्य परमेश्वर का अनुसरण करता है,

वह अनजाने में शैतान की सेवा में लगा रहता है।

धन!

दूर हटो!

यह मेरा है, मेरा! यह सब मेरा है! यह मेरा है!

समझ गया।

मैं ... मैं ...

सब मेरा है!

दूर हटो!

चले जाओ!

कोई भी सक्रिय तौर पर परमेश्वर के नक्शेकदमों या उपस्थिति नहीं खोजता है,

और कोई भी परमेश्वर की देखभाल और संभालने की इच्छा में नहीं रहना चाहता।

परन्तु वे शैतान और दुष्टता की इच्छा पर भरोसा करने को तैयार रहते हैं

ताकि इस संसार और दुष्ट मानवजाति के जीवन के नियमों का पालन करने के लिए अनुकूल बन जाएँ।

इस बिन्दु पर, मनुष्य का हृदय और आत्मा शैतान के लिए बलिदान हो जाता है

और वे उसके बने रहने का सहारा बन जाते हैं।

इसके अलावा, मनुष्य का हृदय और आत्मा शैतान का निवास और उपयुक्त खेल का मैदान बन जाते हैं।

इस प्रकार से,

मनुष्य अनजाने में अपने मानव होने के नियमों की समझ,

और मानव के मूल्य और उसके अस्तित्व के उद्देश्य को खो देता है।

परमेश्वर से प्राप्त नियमों और परमेश्वर तथा मनुष्य के मध्य की वाचा

धीरे-धीरे मनुष्य के हृदय में तब तक क्षीण होती जाती है

जब तक मनुष्य परमेश्वर पर अपना ध्यान केन्द्रित न करे या उसे न खोजे।

परमेश्वर पर अपना ध्यान केन्द्रित न करे या उसे न खोजे।

जैसे-जैसे समय बीतता है, मनुष्य समझ नहीं पाता कि परमेश्वर ने मनुष्य को क्यों बनाया है,

न ही वह परमेश्वर के मुख से निकलनेवाले शब्दों को समझ पाता है

या न ही जो कुछ परमेश्वर से होता है उसे महसूस कर पाता है।

मनुष्य परमेश्वर के नियमों और आदेशों का विरोध करना प्रारम्भ करता है;

मनुष्य का हृदय और आत्मा शक्तिहीन हो जाते हैं…

परमेश्वर अपनी मूल रचना के मनुष्य को खो देता है,

और मनुष्य अपने प्रारम्भ की मुख्यता को खो देता है।

यह इस मानवजाति का दुख है।

यह इस मानवजाति का दुख है।

मैंने कर लिया!

मैंने कर लिया!

हे स्वर्ग! क्यों? क्यों?

निरर्थक! निरर्थक!

यह इस मानवजाति का दुख है।

सर्वशक्तिमान की नज़रों ने अत्याधिक पीड़ित मानवजाति के चारों ओर देखा,

वे जो दुख सह रहे थे उनके विलाप को सुना,

वे जो व्यथित थे उनकी निर्लज्जता को देखा,

और उस मानवजाति की बेबसी एवं भय को महसूस किया जिसने अपना उद्धार खो दिया है।

मनुष्यजाति उसकी देखभाल को नकारती है, अपने ही मार्ग पर चलती है, और उस की नज़र रखने वाली आंखों से दूर रहती है।

उसके बजाए वे शत्रु के संग गहरे समुद्र की सारी कड़वाहट का स्वाद चखना पसंद करेंगे।

शैतान द्वारा भ्रष्ट होने की मनुष्य की असली स्थिति

कई सालों से,

जिस सोच के अनुसार मनुष्य जीवन जीता है उसने मनुष्य के हृदय को, मनुष्य के हृदय को भ्रष्ट कर दिया है।

इसलिए मनुष्य चालाक, कायर और नीच बन जाता है।

मनुष्य के पास कोई दृढ़ता या संकल्प नहीं है, और वह लालची और कमजोर और उद्दंड है।

उसमें स्वयं को ऊँचा उठाने की इच्छा बिल्कुल नहीं है,

अंधकार के प्रभाव वाले बंधन को तोड़ने की हिम्मत थोड़ी बहुत भी नहीं है।

मनुष्य का मन भ्रष्ट होता है और वह भ्रष्ट जीवन जीता है।

परमेश्वर में विश्वास करने का मनुष्य का दृष्टिकोण अभी भी भयावह है,

और बोले जाने पर यह कान के लिए भी असहनीय है, कान के लिए भी असहनीय है।

सभी मनुष्य कायर, शक्तिहीन, नीच और दुर्बल होते हैं।

वे अन्धकार की शक्तियों के प्रति घृणा महसूस नहीं करते हैं,

और वे उजाले और सत्य से प्रेम नहीं करते हैं,

लेकिन वे अपनी क्षमता के अनुसार उन्हें बाहर निकालने का काम करते हैं।

सभी पुरुष कायर, शक्तिहीन, नीच और दुर्बल होते हैं।

वे अन्धकार की शक्तियों के प्रति घृणा महसूस नहीं करते हैं,

और वे उजाले और सत्य से प्रेम नहीं करते हैं,

लेकिन वे अपनी क्षमता के अनुसार उन्हें बाहर निकालने का काम करते हैं।

गतिविधि II

सर्वशक्तिमान का उद्धार

व्यावहारिक परमेश्वर अंधकार में डूबे मनुष्यों को बचाते हैं

परमेश्वर ने इस बार देहधारण किया है ताकि वह कार्य कर सकें जिसे उन्होंने अभी तक पूरा नहीं किया है,

इस युग का न्याय करना और इसका समापन करना ताकि मनुष्य को दुख के सागर से बचा सके,

मनुष्य को पूरी तरह से जीतने और उनके जीवन स्वभाव को बदल डालने के लिए,

और मनुष्य को उन काली शक्तियों की पीड़ा

और ज़ुल्म से मुक्त करना जो रात के समान काली हों।

परमेश्वर ने मानवजाति के कार्य के लिए

बहुत सारी रातें जाग कर गुजारी हैं।

वे ऊँचाईयों से नीचे गहराइयों में उतरते हैं और जीवित नर्क में रहते हैं।

ओह! वे अपने दिन मनुष्य के साथ गुजारते हैं,

और उन्होंने कभी मनुष्यों की तुच्छता की शिकायत नहीं की।

वे मनुष्य से बहुत अधिक मांग नहीं करते हैं,

लेकिन अपना काम खुद करते समय घोर अपमान सहते हैं।

पूरी मानवजाति को जल्दी से शांति दिलाने,

उन्होंने धरती पर आने के लिए अपमान और अन्याय सहा है,

और मनुष्य को बचाने के लिए खुद बाघ की मांद में घुस गए।

कितनी बार वे पूरी रात जागते रहे,

कितनी बार वे सबेरे चले गए और सांझ को लौट आए,

बहुत पीड़ा झेली, मनुष्य का हमला और "टूटना" झेला।

परमेश्वर इस मलिन धरती पर आए हैं,

और मनुष्य के विध्वंस को शांतिपूर्वक स्वीकार करते हैं, मनुष्य के अत्याचार को स्वीकार करते हैं।

उन्होंने कभी भी पलट कर वार नहीं किया, न ही मनुष्य से कभी बहुत ज्यादा मांगा।

ओह! वे बस मनुष्य के लिए जरूरी सभी काम करते हैं:

वचनों के माध्यम से पढ़ाना, ज्ञान प्रदान करना, उलाहना देना, परिष्कृत करना,

मनुष्य को याद दिलाना, प्रोत्साहित करना, सान्त्वना देना, न्याय करना और प्रकट कर देना।

उनका प्रत्येक कदम मनुष्य के जीवन के लिए है और मनुष्य के शुद्धिकरण के लिए, मनुष्य के शुद्धिकरण के लिए है।

हालाँकि उन्होंने मनुष्य की संभावनाओं और भाग्य को अलग कर दिया है,

जो उन्होंने मानवजाति के लिए किया है।

प्रत्येक कदम मनुष्य के जीवित रहने के खातिर है,

धरती पर संपूर्ण मानवजाति के सुंदर गंतव्य के लिए है,

धरती पर संपूर्ण मानवजाति के सुंदर गंतव्य के लिए है।

चमकती पूर्वी बिजली, सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया का सृजन सर्वशक्तिमान परमेश्वर के प्रकट होने और उनका काम, परमेश्वर यीशु के दूसरे आगमन, अंतिम दिनों के मसीह की वजह से किया गया था। यह उन सभी लोगों से बना है जो अंतिम दिनों में सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कार्य को स्वीकार करते हैं और उसके वचनों के द्वारा जीते और बचाए जाते हैं। यह पूरी तरह से सर्वशक्तिमान परमेश्वर द्वारा व्यक्तिगत रूप से स्थापित किया गया था और चरवाहे के रूप में उन्हीं के द्वारा नेतृत्व किया जाता है। इसे निश्चित रूप से किसी मानव द्वारा नहीं बनाया गया था। मसीह ही सत्य, मार्ग और जीवन है। परमेश्वर की भेड़ परमेश्वर की आवाज़ सुनती है। जब तक आप सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचनों को पढ़ते हैं, आप देखेंगे कि परमेश्वर प्रकट हो गए हैं।

विशेष वक्तव्य: यह वीडियो प्रस्तुति सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कलीसिया द्वारा लाभ-के-लिए-नहीं (नॉट-फॉर प्रॉफिट) रचना के रूप में तैयार की गई थी। इस प्रस्तुति में दिखाई देने वाले अभिनेता लाभ-के-लिए-नहीं आधार पर अभिनय कर रहे हैं, और उन्हें किसी भी तरह से भुगतान नहीं किया गया है। यह वीडियो किसी भी तीसरे पक्ष को लाभ के लिए वितरित नहीं किया जा सकता है, और हमें आशा है कि हर कोई इसे खुले तौर पर साझा और वितरित करेगा। जब आप इसे वितरित करते हैं, तो कृपया स्रोत पर ध्यान दें। सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कलीसिया की सहमति के बिना, कोई भी संगठन, सामाजिक समूह या व्यक्ति इस वीडियो की सामग्री के साथ छेड़छाड़ नहीं कर सकता है या इसे गलत तरीके से प्रस्तुत नहीं कर सकता है।