परमेश्वर के दैनिक वचन : परमेश्वर का प्रकटन और कार्य | अंश 69

11 जून, 2021

किसी को भी यह विश्वास नहीं कि वह मेरी महिमा देख पाएगा, और मैं उन्हें मजबूर नहीं करता, बल्कि मैं मानवजाति के बीच से अपनी महिमा हटा लूँगा और उसे दूसरी दुनिया में ले जाऊँगा। जब मनुष्य एक बार फिर पश्चात्ताप करेगा, तब मैं अपनी महिमा आस्था रखने वाले और अधिक लोगों को दिखाऊँगा। यही वह सिद्धांत है, जिसके अनुसार मैं कार्य करता हूँ। क्योंकि एक समय ऐसा आएगा, जब मेरी महिमा कनान को छोड़ देगी, और ऐसा समय भी आएगा, जब मेरी महिमा चुने हुए लोगों को भी छोड़ देगी। इतना ही नहीं, एक समय ऐसा आएगा जब मेरी महिमा पूरी पृथ्वी को छोड़ देगी, जिससे यह धुँधली पड़कर अंधकार में डूब जाएगी। यहाँ तक कि कनान की धरती भी सूरज की रोशनी नहीं देखेगी; सभी लोग अपनी आस्था खो देंगे, लेकिन कोई भी कनान की धरती की सुगंध छोडना सहन नहीं कर पाएगा। जब मैं नए स्वर्ग और पृथ्वी में प्रवेश करूँगा, सिर्फ तभी मैं अपनी महिमा का दूसरा भाग लेकर उसे सबसे पहले कनान की धरती पर प्रकट करूँगा, जिससे रात के गहरे अंधकार में डूबी पूरी पृथ्वी पर रोशनी की चमक फ़ैल जाएगी, ताकि पूरी पृथ्वी प्रकाशमान हो जाए; ताकि इस प्रकाश के सामर्थ्य से पूरी पृथ्वी के मनुष्य शक्ति प्राप्त करें, जिससे मेरी महिमा बढ़ सके और हर देश में नए सिरे से प्रकट हो सके; और सभी मनुष्यों को यह एहसास हो सके कि मैं बहुत पहले मानव-संसार में आ चुका हूँ और बहुत पहले अपनी महिमा इस्राएल से पूरब में ला चुका हूँ; क्योंकि मेरी महिमा पूरब से चमकती है और वह अनुग्रह के युग से आज के दिन तक लाई गई है। लेकिन वह इस्राएल ही था जहाँ से मैं गया था और वहीं से मैं पूरब में पहुँचा था। जब पूरब का प्रकाश धीरे-धीरे सफेद रोशनी में तब्दील होगा, तभी पूरी धरती का अंधकार प्रकाश में बदलना शुरू होगा, और तभी मनुष्य को यह पता चलेगा कि मैं बहुत पहले इस्राएल से जा चुका हूँ और नए सिरे से पूरब में उभर रहा हूँ। एक बार इस्राएल में अवतरित होने और फिर वहाँ से चले जाने के बाद मैं दोबारा इस्राएल में पैदा नहीं हो सकता, क्योंकि मेरा कार्य पूरे ब्रह्मांड की अगुआई करता है, और यही नहीं, रोशनी सीधे पूरब से पश्चिम की ओर चमकती है। यही कारण है कि मैं पूरब में अवतरित हुआ हूँ और कनान को पूरब के लोगों तक लाया हूँ। मैं पूरी पृथ्वी के लोगों को कनान की धरती पर लाऊँगा, इसलिए मैं पूरे ब्रह्मांड को नियंत्रित करने के लिए कनान की धरती से लगातार अपने कथन जारी कर रहा हूँ। इस समय, कनान को छोड़कर पूरी पृथ्वी पर प्रकाश नहीं है, और सभी लोग भूख और ठंड के कारण संकट में हैं। मैंने अपनी महिमा इस्राएल को दी और फिर उसे हटा लिया, और इस प्रकार इस्राएलियों और सभी मनुष्यों को पूरब में ले आया। मैं उन सभी को प्रकाश में ले आया हूँ, ताकि वे इसके साथ फिर से जुड़ सकें और इससे जुड़े रह सकें, और उन्हें इसकी खोज न करनी पड़े। जो लोग प्रकाश की खोज कर रहे हैं, उन्हें मैं फिर से प्रकाश देखने दूँगा और उस महिमा को देखने दूँगा जो मेरे पास इस्राएल में थी; मैं उन्हें यह देखने दूँगा कि मैं बहुत पहले एक सफेद बादल पर सवार होकर मनुष्यों के बीच आ चुका हूँ, मैं उन्हें असंख्य सफेद बादल और प्रचुर मात्रा में फलों के गुच्छे देखने दूँगा, और यही नहीं, मैं उन्हें इस्राएल के यहोवा परमेश्वर को भी देखने दूँगा। मैं उन्हें यहूदियों के गुरु, इच्छित मसीहा को देखने दूँगा, और अपना पूर्ण प्रकटन देखने दूँगा, जिन्हें युगों-युगों से राजाओं द्वारा सताया गया है। मैं संपूर्ण ब्रह्मांड पर कार्य करूँगा और मैं महान कार्य करूँगा, और अंत के दिनों में मनुष्य के सामने अपनी पूरी महिमा और अपने सभी कर्म प्रकट कर दूँगा। मैं अपना महिमामय मुखमंडल उसकी पूर्णता में उन लोगों को, जिन्होंने कई वर्षों से मेरी प्रतीक्षा की है और जो मुझे सफेद बादल पर सवार होकर आते हुए देखने के लिए लालायित रहे हैं, और उस इस्राएल को, जिसने मेरे एक बार फिर प्रकट होने की लालसा की है, और उस पूरी मनष्यजाति को दिखाऊँगा, जो मुझे कष्ट पहुँचाती हैं, ताकि सभी यह जान सकें कि मैंने बहुत पहले ही अपनी महिमा हटा ली है और उसे पूरब में ले आया हूँ, और वह अब यहूदिया में नहीं है। कारण, अंत के दिन पहले ही आ चुके हैं!

पूरे ब्रह्मांड में मैं अपना कार्य कर रहा हूँ, और पूरब में असंख्य गर्जनाएँ निरंतर जारी हैं और सभी राष्ट्रों और संप्रदायों को झकझोर रही हैं। यह मेरी वाणी है, जो सभी मनुष्यों को वर्तमान में ले आई है। मैं अपनी वाणी से सभी मनुष्यों को जीत लेता हूँ, उन्हें इस धारा में बहाता हूँ और उनसे अपने सामने समर्पण करवाता हूँ, क्योंकि मैंने बहुत पहले पूरी पृथ्वी से अपनी महिमा वापस लेकर उसे नए सिरे से पूरब में जारी किया है। भला कौन मेरी महिमा देखने के लिए लालायित नहीं होता? कौन बेसब्री से मेरे लौटने का इंतज़ार नहीं करता? किसे मेरे पुनः प्रकटन की प्यास नहीं है? कौन मेरी सुंदरता देखने के लिए नहीं तरसता? कौन प्रकाश में नहीं आना चाहता? कौन कनान की समृद्धि नहीं देखना चाहता? किसे उद्धारकर्ता के लौटने की लालसा नहीं है? कौन उसकी आराधना नहीं करता, जो सामर्थ्य में महान है? मेरी वाणी पूरी पृथ्वी पर फैल जाएगी; मैं अपने चुने हुए लोगों के सामने आकर उनसे और अधिक वचन बोलूँगा। मैं उन शक्तिशाली गर्जनाओं की तरह, जो पर्वतों और नदियों को हिला देती हैं, पूरे ब्रह्मांड के लिए और पूरी मानवजाति के लिए अपने वचन बोलता हूँ। इस प्रकार, मेरे मुँह से निकले वचन मनुष्य का खजाना बन गए हैं, और सभी मनुष्य मेरे वचनों को सँजोते हैं। बिजली पूरब से चमकते हुए दूर पश्चिम तक जाती है। मेरे वचन ऐसे हैं, जिन्हें मनुष्य छोड़ना नहीं चाहता और साथ ही उनकी थाह भी नहीं ले पाता, फिर भी उनमें और अधिक आनंदित होता है। सभी मनुष्य खुशी और आनंद से भरे हैं और मेरे आने की खुशी मनाते हैं, मानो किसी शिशु का जन्म हुआ हो। अपनी वाणी के माध्यम से मैं सभी मनुष्यों को अपने समक्ष ले आऊँगा। उसके बाद, मैं औपचारिक रूप से मनुष्यों की जाति में प्रवेश करूँगा, ताकि वे मेरी आराधना करने लगें। स्वयं द्वारा विकीर्ण महिमा और अपने मुँह से निकले वचनों से मैं ऐसा करूँगा कि सभी मनुष्य मेरे समक्ष आएँगे और देखेंगे कि बिजली पूरब से चमकती है और मैं भी पूरब में "जैतून के पर्वत" पर अवतरित हो चुका हूँ। वे देखेंगे कि मैं बहुत पहले से पृथ्वी पर मौजूद हूँ, अब यहूदियों के पुत्र के रूप में नहीं, बल्कि पूरब की बिजली के रूप में। क्योंकि बहुत पहले मेरा पुनरुत्थान हो चुका है, और मैं मनुष्यों के बीच से जा चुका हूँ, और फिर अपनी महिमा के साथ लोगों के बीच पुनः प्रकट हुआ हूँ। मैं वही हूँ, जिसकी आराधना अब से असंख्य युगों पहले की गई थी, और मैं वह शिशु भी हूँ जिसे अब से असंख्य युगों पहले इस्राएलियों ने त्याग दिया था। इसके अलावा, मैं वर्तमान युग का संपूर्ण-महिमामय सर्वशक्तिमान परमेश्वर हूँ! सभी मेरे सिंहासन के सामने आएँ और मेरे महिमामय मुखमंडल को देखें, मेरी वाणी सुनें और मेरे कर्मों को देखें। यही मेरी संपूर्ण इच्छा है; यही मेरी योजना का अंत और उसका चरमोत्कर्ष है और साथ ही मेरे प्रबंधन का उद्देश्य भी : हर राष्ट्र मेरी आराधना करे, हर जिह्वा मुझे स्वीकार करे, हर मनुष्य मुझमें आस्था रखे और हर मनुष्य मेरी अधीनता स्वीकार करे!

—वचन, खंड 1, परमेश्वर का प्रकटन और कार्य, सात गर्जनाएँ होती हैं—भविष्यवाणी करती हैं कि राज्य का सुसमाचार पूरे ब्रह्मांड में फैल जाएगा

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