परमेश्वर के दैनिक वचन | "आरंभ में मसीह के कथन : अध्याय 36" | अंश 56

परमेश्वर के दैनिक वचन | "आरंभ में मसीह के कथन : अध्याय 36" | अंश 56

0 |05 मार्च, 2021

सर्वशक्तिमान सच्चा परमेश्वर, सिंहासन पर विराजमान राजा, सभी राष्ट्रों और सभी लोगों के सामने, पूरे ब्रह्मांड पर शासन करता है, और स्वर्ग के नीचे सब-कुछ परमेश्वर की महिमा से चमकता है। ब्रह्मांड में और पृथ्वी के अंतिम छोर तक सभी जीवित प्राणी देखेंगे। सच्चे परमेश्वर के चेहरे के प्रकाश में पर्वतों, नदियों, झीलों, मैदानी इलाकों, महासागरों और सभी जीवित प्राणियों ने अपने पर्दे खोल दिए हैं, और वे पुनर्जीवित हो गए हैं, मानो किसी सपने से जाग उठे हों, मानो वे मिट्टी को चीरकर फूट निकलने वाले अंकुर हों!

आह! वह एकमात्र सच्चा परमेश्वर दुनिया के सामने प्रकट होता है। कौन प्रतिरोध के साथ उसके पास आने का दुस्साहस कर सकता है? सभी भय से काँपते हैं। सभी पूरी तरह से आश्वस्त हैं, और सभी बारंबार क्षमा-याचना करते हैं। सभी लोग उसके सामने घुटने टेक देते हैं, और सभी लोग उसकी पूजा करते हैं! महाद्वीप और महासागर, पहाड़, नदियाँ—सभी चीज़ें उसकी निरंतर प्रशंसा करती हैं! वसंत ऋतु अपनी गर्म हवाओं के साथ आती है, जिससे वसंत की सुहावनी बारिश होती है। समस्त लोगों की तरह, नदियों की धाराएँ कृतज्ञता और आत्मग्लानि के आँसू बहाती हुई शोक और हर्ष के साथ बहती हैं। नदियाँ, झीलें, लहरें और हिलोरें, सभी गा रही हैं, सच्चे परमेश्वर के पवित्र नाम की प्रशंसा करते हुए! प्रशंसा की ध्वनि इतनी स्पष्ट सुनाई देती हैं! पुरानी चीज़ें, जिन्हें कभी शैतान द्वारा भ्रष्ट कर दिया गया था—उनमें से प्रत्येक को नवीनीकृत किया जाएगा, परिवर्तित किया जाएगा, और वे पूर्णत: एक नए राज्य में प्रवेश करेंगी ...

यह पवित्र तुरही है, और इसने बजना शुरू कर दिया है! ध्यान से सुनो। वह इतनी मधुर आवाज़ सिंहासन की आवाज़ है, जो सभी देशों और लोगों के लिए घोषणा कर रही है कि समय आ गया है, निर्णायक अंत आ गया है। मेरी प्रबंधन योजना पूरी हो गई है। मेरा राज्य पृथ्वी पर खुलकर प्रकट हो गया है। धरती के राज्य मेरे, यानी परमेश्वर के राज्य बन गए हैं। सिंहासन से मेरी सात तुरहियाँ बजती हैं, और ऐसी चमत्कारी चीज़ें घटित होंगी! धरती के कोने-कोने से लोग हिमस्खलन और वज्रपात की प्रचंडता के साथ हर दिशा से एक-साथ लपककर आएँगे...।

मैं अपने लोगों को ख़ुशी से देखता हूँ, जो मेरी आवाज़ सुनते हैं, हर देश और भूमि से आकर इकट्ठे होते हैं। सभी लोग सच्चे परमेश्वर को हमेशा अपनी ज़ुबान पर रखकर उसकी प्रशंसा करते हैं और खुशी से लगातार उछलते-कूदते हैं! वे दुनिया को गवाही देते हैं, और सच्चे परमेश्वर के लिए उनकी गवाही की आवाज़ कई समुद्रों के गरजने जैसी है। सभी लोग मेरे राज्य में आकर भीड़ लगाएँगे।

मेरी सात तुरहियाँ बजकर सोए हुए लोगों को जगाती हैं! जल्दी उठो, ज्यादा देर नहीं हुई। अपने जीवन को देखो! अपनी आँखें खोलो और देखो कि अभी क्या समय हुआ है। खोजने लायक क्या चीज़ है? सोचने के लिए क्या रखा है? और चिपके रहने के लिए क्या है? क्या तुमने कभी मेरे जीवन को पाने और उन सभी चीज़ों को पाने के मूल्य के अंतर पर विचार नहीं किया, जिनसे तुम प्यार करते हो और जिनसे चिपके रहते हो? अब और ज़िद या मनमानी मत करो। इस अवसर को मत गँवाओ। यह समय फिर नहीं आएगा! तुरंत खड़े हो जाओ, अपनी आत्मा से काम लेने का अभ्यास करो, शैतान की हर साजिश और चाल का भेद जानने और उसे नाकाम करने के लिए विभिन्न उपकरणों का उपयोग करो, और शैतान पर विजय प्राप्त करो, ताकि तुम्हारे जीवन का अनुभव गहरा हो सके और तुम मेरे स्वभाव को जी सको, ताकि तुम्हारा जीवन परिपक्व और अनुभवी बन सके और तुम हमेशा मेरे पदचिह्नों का अनुसरण कर सको। निडर, मज़बूत, हमेशा आगे बढ़ते हुए, कदम-दर-कदम, ठीक मार्ग के अंत तक!

जब सात तुरहियाँ फिर से बजेंगी, तो यह न्याय के लिए पुकार होगी, विद्रोह के पुत्रों के न्याय के लिए, सभी राष्ट्रों और सभी लोगों के न्याय के लिए, और प्रत्येक राष्ट्र परमेश्वर के सामने आत्मसमर्पण करेगा। परमेश्वर का भव्य मुख-मंडल निश्चित रूप से सभी राष्ट्रों और सभी लोगों के सामने प्रकट होगा। हर कोई पूरी तरह से आश्वस्त हो जाएगा, और निरंतर चीखते-चिल्लाते हुए सच्चे परमेश्वर को पुकारेगा। सर्वशक्तिमान परमेश्वर और अधिक महिमा-मंडित होगा, और मेरे पुत्र इस महिमा में हिस्सा बँटाएँगे, मेरे साथ राजसत्ता साझी कर सभी राष्ट्रों और सभी लोगों का न्याय करेंगे, बुरे को दंडित करेंगे, जो मेरे हैं उन्हें बचाएँगे और उन पर दया करेंगे, और राज्य को मज़बूत और स्थिर बनाएँगे। सात तुरहियों की आवाज़ से बहुत सारे लोगों को बचाया जाएगा, जो निरंतर प्रशंसा के साथ मेरे सामने घुटने टेकने और मेरी आराधना करने के लिए लौट आएँगे!

जब सात तुरहियाँ एक बार फिर से बजेंगी, तो यह युग का समापन होगा, दुष्ट शैतान पर जीत का तूर्यनाद, पृथ्वी पर राज्य में खुलकर जीने की शुरुआत की सूचना देने वाली सलामी! कितनी बुलंद आवाज़ है, वह आवाज़ जो सिंहासन के चारों ओर गूँजती है, यह तूर्यनाद स्वर्ग और पृथ्वी को हिला देता है, जो मेरी प्रबंधन योजना की जीत का संकेत है, जो शैतान का न्याय है; यह इस पुरानी दुनिया को पूरी तरह से मौत की सज़ा और अथाह कुंड में गिरने की सज़ा देता है! तुरही का यह तूर्यनाद दर्शाता है कि अनुग्रह का द्वार बंद होने वाला है, पृथ्वी पर राज्य का जीवन शुरू होगा, जो पूरी तरह से उचित और उपयुक्त है। परमेश्वर उन्हें बचाता है, जो उससे प्रेम करते हैं। एक बार जब वे उसके राज्य में वापस लौट जाएँगे, तो धरती पर लोग अकाल और महामारी का सामना करेंगे, परमेश्वर के सात कटोरे और सात विपत्तियाँ एक के बाद एक प्रभावी होंगी। पृथ्वी और स्वर्ग मिट जाएँगे, परंतु मेरा वचन नहीं!

— 'वचन देह में प्रकट होता है' से उद्धृत

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