राज्य का सुसमाचार वार्तालाप मंच : विशेष साक्षात्कार के मुख्य अंश : कलीसियाएँ वीरान क्यों हैं? लौटकर आए प्रभु ने किया सत्य का खुलासा
सुझाये गये:
कार्लोस गिल एक पादरी थे जिन्होंने बीस साल से अधिक समय तक एक कलीसिया में प्रभु की सेवा की, लगभग सौ विश्वासियों की कलीसिया की चरवाही की। 2017 के आसपास, उन्होंने देखा कि कलीसिया अधिकाधिक वीरान होती जा रही थी। सभाओं के दौरान विश्वासी ऊँघते रहते थे, उनकी आस्था ठंडी पड़ चुकी थी और सभाएँ सिर्फ औपचारिकता बनकर रह गई थीं। उन्होंने देखा कि खुद उनके पास भी उपदेश देने के लिए कुछ नहीं था। चीजों को आजमाने और बदलने के लिए उन्होंने पवित्र शास्त्र याद करने, उपवास और प्रार्थना करने और कई-कई दिनों तक अनवरत जागरण करने में विश्वासियों की अगुआई की। लेकिन इन प्रयासों का कोई फल नहीं निकला, वह अधिकाधिक भ्रमित और चिंतित होते गए। कलीसिया की वीरानी को देखकर वह लगातार प्रार्थना करते थे और जवाब खोजते थे। फिर संयोग से उन्होंने एक फिल्म देखी और उसकी जिंदगी ने एक नया मोड़ ले लिया ...
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