ईसाइयों पर सीसीपी के क्रूर उत्पीड़न के तथ्य, एपिसोड 20 : सीसीपी द्वारा सालों से पीछा किए जा रहे ईसाइयों का जीवन
27 जुलाई, 2026
सत्ता में आने के बाद से ही इस दुष्ट नास्तिक पार्टी, सीसीपी ने धार्मिक विश्वास को पागलों की तरह दबाया है। यह ईसाइयों को गिरफ्तार करने और उनके साथ क्रूरता करने के अपने प्रयासों में किसी भी हद तक जाने से नहीं रुकती और उन्हें पूरी तरह से मिटा देने की कोशिश करती है। यह एक भी ईसाई को बचने देने के बजाय गलती से एक हज़ार लोगों को मार डालना पसंद करेगी। मुख्य भूमि चीन में ईसाइयों के जीवित रहने के लिए बिल्कुल भी जगह नहीं है। उन्हें न केवल उनके विश्वास की स्वतंत्रता के अधिकार से, बल्कि उनके जीने के अधिकार से भी वंचित कर दिया जाता है। नतीजतन, अनगिनत ईसाइयों को अपना घर छोड़कर भागने और निर्वासित होकर भटकने के लिए मजबूर होना पड़ता है। वे भारी मुश्किलें सहते हुए सालों तक भागते-फिरते हैं। आज तक, सीसीपी लगातार उनका पीछा कर रही है, यहाँ तक कि उन्हें राष्ट्रीय वांछित अपराधियों के डेटाबेस में भी जोड़ देती है। लंबे समय तक निर्वासन में रहने के लिए मजबूर इन ईसाइयों का जीवन आज कैसा है? हाल ही में, हमें तीन ईसाइयों के बारे में जानकारी मिली है जिनका सीसीपी सालों से पीछा कर रही है, साथ ही उनके परिवारों के बारे में भी ताज़ा जानकारी मिली है। आइए इस कार्यक्रम में उनके बारे में जानें।
00:20 मुख्य अंश
01:57 ईसाई लुओ यू को सीसीपी द्वारा राष्ट्रीय वांछित अपराधी करार दिया गया गया; 11 सालों तक पीछा किए जाने के बाद, उन्हें पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया और गंभीर यातनाएँ सहने के बाद न्याय देखे बिना ही उनकी मौत हो गई
40:15 ईसाई जिंग ताओ के तीन लोगों के परिवार का सीसीपी द्वारा लगभग 10 सालों तक पीछा किया गया; उसके पति बीमार पड़ गए लेकिन इलाज नहीं करवा पाए, आखिरकार उनकी मौत हो गई और उन्हें चुपके से दफना दिया गया
47:41 ईसाई सोंग लियांग का परिवार बिखर गया और सीसीपी द्वारा पीछा किए जाने के दौरान 14 सालों तक भागते फिरने के लिए मजबूर हुआ; सीसीपी ने उनके परिवार का पंजीकरण रद्द कर दिया