ईसाइयों पर सीसीपी के क्रूर उत्पीड़न के तथ्य, एपिसोड 31 : सीसीपी द्वारा यातना देकर की गई पूछताछ से महिला ईसाई की जान जाते-जाते बची

24 अक्टूबर, 2026

आज के एपिसोड में, हम लिन हुई की कहानी सुना रहे हैं, जो सिचुआन प्रांत के मियानयांग शहर की एक ईसाई हैं, जिन्हें सीसीपी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था और यातना देकर की गई पूछताछ के कारण उनकी जान जाते-जाते बची थी। 26 अगस्त 2008 को, जब लिन हुई एक टैक्सी में थीं, तब पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया और बाद में उन्हें पूछताछ की एक गुप्त जगह पर ले जाया गया। पुलिस ने उनसे कलीसिया की जानकारी के बारे में बार-बार पूछताछ की और पानी की जमी हुई बोतल से उनके सिर पर जोर से वार किया। ... 28 अगस्त की दोपहर को, पुलिस लिन हुई को पूछताछ के लिए आपराधिक जाँच ब्रिगेड ले गई। वहाँ, उन्होंने कलीसिया की भेंटों के ठिकानों के बारे में बताने के लिए उन पर लगातार दबाव डाला और यातना देकर उनसे पूछताछ की। लिन हुई के हाथों को उनकी पीठ के पीछे करके हथकड़ी लगा दी गई थी और तीन अधिकारी उन्हें घूँसे और लातें मार रहे थे। उनमें से एक ने, जिसने पुलिस अकादमी में चार साल तक मार्शल आर्ट का प्रशिक्षण लिया था, उनके बाएँ कंधे पर लगातार 30 से ज्यादा घूँसे जड़ दिए। राष्ट्रीय सुरक्षा ब्रिगेड का कप्तान भी उनके सिर और चेहरे पर जोर-जोर से थप्पड़ मारता रहा और उनके सिर पर हिंसक तरीके से घूँसे मारता रहा। इन सब के दौरान, लिन हुई को बार-बार मारकर गिराया गया, हर बार कप्तान उनके पैरों पर क्रूरता से लात मारता और उन्हें वापस खड़े होने के लिए मजबूर करता। बाद में, कप्तान ने ठीक उनके बाएँ स्तन पर एक भारी घूँसा जड़ दिया। वे एक बार फिर फर्श पर गिर पड़ीं और दर्द के मारे उनका पूरा शरीर काँपने लगा ... इस यातना के बाद, लिन हुई का चेहरा चोटिल और सूजा हुआ था, उनका बायाँ स्तन गहरे बैंगनी रंग का हो गया था और उनके पैरों पर चोट के कई निशान थे। उनके जबड़े के जोड़ में गंभीर चोट आई थी, उनकी बाईं हँसली टूट गई थी और उनका बायाँ कंधा उतर गया था। उनकी बाईं तरफ की सामने की पसलियों में चार बारीक दरारें भी आ गई थीं और पीठ के ऊपरी हिस्से की रीढ़ की कम से कम दो हड्डियाँ अपनी जगह से खिसक गई थीं। लिन हुई एक समय गंभीर हालत में थीं, लेकिन बाद में चमत्कारिक रूप से बच गईं। 9 जनवरी 2009 को, लिन हुई को श्रम के माध्यम से पुनर्शिक्षा के लिए डेढ़ साल की सज़ा सुनाई गई। अपनी सज़ा पूरी करने और रिहा होने के बाद भी, लिन हुई अपनी यातना के स्थायी दुष्प्रभावों से पीड़ित रहीं, जिनका इलाज करना मुश्किल साबित हुआ।

00:10 मुख्य अंश

05:32 लिन हुई को गिरफ्तार किया गया, यातना देकर पूछताछ की गई और अपमानित किया गया

16:12 पूछताछ के दौरान लिन हुई को बेरहमी से यातना दी गई

35:49 लिन हुई गंभीर हालत में

52:22 समापन-टिप्पणी & अपराधियों की जानकारी

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