Hindi Christian Testimony Video, एपिसोड 663: कर्तव्य से मुँह मोड़ते समय मुझे क्या चिंता थी?
15 अप्रैल, 2026
एक कलीसिया के चुनाव के दौरान उसे जिले के निर्णायक समूह की अगुआ के रूप में चुना गया। उसे चिंता हुई कि इस भूमिका में बहुत अधिक जिम्मेदारी है और यह थका देने वाली होगी, इसलिए उसने बहाने बनाए और दावा किया कि वह इस भूमिका के लिए उपयुक्त नहीं है। कर्तव्य अस्वीकार करने के बाद उसे गहरा अपराध-बोध हुआ और वह विचार करने लगी। परमेश्वर के वचनों के प्रबोधन और मार्गदर्शन के माध्यम से उसे एहसास हुआ कि व्यक्तिगत लाभ के लिए कर्तव्यों से बचना एक स्वार्थी और घिनौने भ्रष्ट स्वभाव को प्रकट करता है। बाद में उसने सत्य का अभ्यास कैसे किया, अपनी देह के खिलाफ विद्रोह कैसे किया और समर्पण में कर्तव्य को स्वीकार कैसे किया?
परमेश्वर के बिना जीवन कठिन है। यदि आप सहमत हैं, तो क्या आप परमेश्वर पर भरोसा करने और उसकी सहायता प्राप्त करने के लिए उनके समक्ष आना चाहते हैं?
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