Hindi Christian Testimony Video, एपिसोड 644: अपना कर्तव्य निभाने के लिए मैं हमेशा दूसरों पर निर्भर क्यों रहती हूँ?
15 मार्च, 2026
वह कलीसिया की एक अगुआ चुनी गई थी लेकिन कम चिंता करने के लिए और कीमत चुकाने से बचने के लिए वह हर चीज के लिए अपनी सहयोगी पर निर्भर रहती थी। जब उसकी सहयोगी को पदोन्नत किया गया, तब जाकर वह दबाव महसूस करने लगी। कार्य के विभिन्न पहलुओं में पीड़ा सहने और कीमत चुकाने की जरूरत से सामना होने पर वह शिकायत करती थी और प्रतिरोध महसूस करती थी। बाद में, परमेश्वर के वचन पढ़कर उसे एहसास हुआ कि दैहिक सुख में लिप्त रहने और दूसरों पर निर्भर रहने ने उसे एक परजीवी जैसा बना दिया, कोई ऐसा जो अपने माता-पिता के सहारे जीता है। उसे खुद से घिन आने लगी और उसके बाद उसने एक सच्चा परिवर्तन अनुभव किया।
परमेश्वर के बिना जीवन कठिन है। यदि आप सहमत हैं, तो क्या आप परमेश्वर पर भरोसा करने और उसकी सहायता प्राप्त करने के लिए उनके समक्ष आना चाहते हैं?
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