Hindi Christian Testimony Video Based on a True Story | जब मैं 20 साल की थी

28 अक्टूबर, 2021

परमेश्वर में विश्वास रखने के कारण 20 साल की उम्र में ही पुलिस मुख्य किरदार को गिरफ्तार कर लेती है। परमेश्वर को धोखा देने पर मजबूर करने के लिए, पुलिसवालों ने जलती हुई सिगरेट से उसके हाथ जला दिये, मेटल की रॉड से उसकी कमर और कूल्हों पर मारा, उसे यातना देने के लिए सिर पर हेलमेट पहनाकर मेटल की रॉड से उस हेलमेट पर मारा, ज़बरदस्ती उसके कपड़े उतरवाए, एयर कंडीशनर का तापमान एकदम कम करके उसके शरीर पर ठंडा पानी डाला। उसे ऐसी भयंकर यातनाओं का सामना करना पड़ा कि वह चल भी नहीं पाती थी, उसके दिल की धड़कनें बिलकुल धीमी पड़ जाती थीं। अपने जीवन पर इतना बड़ा संकट मंडराने के बावजूद कैसे उसने परमेश्वर पर भरोसा करके गवाही दी? जब पुलिसवालों ने चालाकी से एक शपथ पत्र पर उससे दस्तखत करवाने के लिए उसके रिश्तेदारों को बुलाया और उसकी भावनाओं का इस्तेमाल करने की कोशिश की, तो उसने इसका अनुभव कैसे किया? उसे अपने अनुभव से क्या हासिल हुआ? आइए, साथ मिलकर उसकी गवाही सुनते हैं!

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सभी विश्वासी यीशु मसीह की वापसी के लिए तरस रहे हैं। क्या आप उनमें से एक हैं? हमारी ऑनलाइन सहभागिता में शामिल हों और आपको परमेश्वर से फिर से मिलने का अवसर मिलेगा।

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