Hindi Christian Testimony Video Based on a True Story | बड़ा अनमोल है यह कष्ट

26 अक्टूबर, 2021

मुख्य किरदार को परमेश्वर के वचनों की क़िताबें पहुँचाने के दौरान पकड़कर गिरफ़्तार कर लिया जाता है। क़िताबें कहाँ से आयीं, इस बारे में उससे पूछताछ करते समय, पुलिस ने एक मीटर लंबे रबड़ के सोंटे से उसके पैरों को लगातार सोंटा, उसे चिलचिलाती धूप में खड़ा रखा, और एक पूछताछ के दौरान लगातार चार घंटे तक उसकी पिटाई की। उन्होंने दूसरे कैदियों से भी उसे यातना दिलवायी, उसके घावों में कपड़े धोने का डिटर्जेंट पाउडर रगड़ा, उस पर पानी उँड़ेला, और एक सिगरेट के डिब्बे की प्लास्टिक वाली झिल्ली जलाकर उसकी पीठ जलायी। कल्पना न की जा सकने वाली ऐसी यातना के दौरान वह परमेश्वर के वचनों पर भरोसा करके उसकी गवाही देता है। कई साल बाद, उसे सुसमाचार साझा करते समय फिर एक बार गिरफ़्तार कर लिया जाता है। पुलिस उसके पूरे शरीर पर बिजले के डंडे से झटके देती है, उसके मुँह से झाग निकलने और बेहोश हो जाने तक उसकी पिटाई करती है। कलीसिया के बारे में जानकारी देने पर उसे मजबूर करने के लिए, पुलिस उसके सीने पर लात मारती है, मुँह में बिजली के झटके देती है, सिर पर मुक्के मारती है, उसे हवा में ऊपर उठाकर सात-आठ बार धम से नीचे पटक देती है। मौत के कगार पर पहुँचते तक उसे सताया जाता है। ... वह बहुत ज़्यादा दर्द और यातना सहता है, लेकिन आखिरकार उसे महसूस होता है कि इन सारे कष्ट से उसे फ़ायदा ही हुआ। उसे क्या फ़ायदा होता है? आइए, सुनें उसकी कहानी।

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