Hindi Christian Song | परमेश्वर के प्रकटन को सीमित करने के लिए कल्पना पर निर्भर मत रहो
12 मार्च, 2026
1
परमेश्वर समस्त मानवजाति का परमेश्वर है। वह स्वयं को किसी भी देश या राष्ट्र की निजी संपत्ति नहीं मानता, बल्कि अपना कार्य अपनी बनाई योजना के अनुसार, किसी भी रूप, देश या राष्ट्र द्वारा बंधे बिना करता है। शायद तुमने इस रूप की कभी कल्पना नहीं की है या शायद इस रूप के प्रति तुम्हारा रवैया इनकार करने वाला है या शायद वह देश या राष्ट्र जहाँ परमेश्वर प्रकट होता है वह संयोग से ऐसा है जिसके प्रति सभी भेदभावपूर्ण हैं और जो बस संयोग से पृथ्वी पर सर्वाधिक पिछड़ा हुआ है। लेकिन परमेश्वर के पास अपनी बुद्धि है। उसने अपने महान सामर्थ्य के साथ और अपने सत्य और स्वभाव के माध्यम से सचमुच ऐसे लोगों के समूह को हासिल कर लिया है जो उसके साथ एक मन वाले हैं और जिन्हें वह पूरा करना चाहता है—उसके द्वारा जीता गया एक समूह जो तमाम तरह के परीक्षण और पीड़ा और तमाम तरह का उत्पीड़न सह चुकने के बाद बिल्कुल अंत तक उसका अनुसरण कर सकता है।
2
परमेश्वर का प्रकटन, जो किसी देश या रूप तक सीमित नहीं है, इसका लक्ष्य उसे अपनी योजना के अनुसार कार्य पूरा करने में सक्षम बनाना है। यह ठीक वैसा ही है जैसे जब परमेश्वर यहूदिया में देहधारी हुआ : उसका लक्ष्य समस्त मानवजाति के छुटकारे के लिए सलीब पर चढ़ने का कार्य पूरा करना था। फिर भी यहूदी मानते थे कि यह करना परमेश्वर के लिए असंभव है और उन्हें यह असंभव लगता था कि परमेश्वर देहधारी बन सकता है और प्रभु यीशु का रूप ग्रहण कर सकता है। उनका "असंभव" वह आधार बन गया जिस पर उन्होंने परमेश्वर की निंदा की और उसका विरोध किया और जो अंततः इस्राएल के विनाश का कारण बना।
3
आज बहुत से लोग वैसी ही गलती कर चुके हैं। वे अपनी समस्त शक्ति के साथ परमेश्वर के आसन्न प्रकटन की घोषणा करते हैं, मगर साथ ही उसके प्रकटन की निंदा भी करते हैं; उनका "असंभव" परमेश्वर के प्रकटन को एक बार फिर उनकी कल्पना के दायरे में सीमित कर देता है। बहुत से लोग परमेश्वर के वचन प्राप्त होने के बाद वहशी और कर्कश ठहाका लगाते हैं। लेकिन क्या यह ठहाका यहूदियों द्वारा की गई निंदा और ईशनिंदा से किसी तरह भिन्न है? तुम लोग सत्य की उपस्थिति में श्रद्धावान नहीं हो और तुममें ललक का रवैया तो और भी कम है। तुम बस आँख मूँदकर अध्ययन करते हो और लापरवाही भरी उदासीनता के साथ प्रतीक्षा करते हो। इस तरह अध्ययन और प्रतीक्षा करने से तुम क्या हासिल कर सकते हो? क्या तुम्हें लगता है कि तुम्हें परमेश्वर से व्यक्तिगत मार्गदर्शन मिलेगा? यदि तुम परमेश्वर के कथनों को पहचान नहीं सकते तो तुम किस प्रकार परमेश्वर के प्रकटन को देखने के योग्य हो? जहाँ कहीं परमेश्वर प्रकट होगा, वहीं सत्य व्यक्त किया जाएगा और वहीं परमेश्वर की वाणी होगी। जो लोग सत्य स्वीकार कर सकते हैं केवल वही परमेश्वर की वाणी सुन पाएँगे और केवल इसी तरह के लोग परमेश्वर के प्रकटन को देखने के योग्य हैं।
—वचन, खंड 1, परमेश्वर का प्रकटन और कार्य, परिशिष्ट 1 : परमेश्वर के प्रकटन ने एक नए युग का सूत्रपात किया है
परमेश्वर के बिना जीवन कठिन है। यदि आप सहमत हैं, तो क्या आप परमेश्वर पर भरोसा करने और उसकी सहायता प्राप्त करने के लिए उनके समक्ष आना चाहते हैं?
अन्य प्रकार की वीडियो