Hindi Christian Testimony Video, एपिसोड 662: पिता द्वारा देखरेख और सुरक्षा के साथ कैसे पेश आएँ
13 अप्रैल, 2026
आज की मुख्य पात्र मू शी है। जब वह 11 साल की थी, तो उसकी माँ परमेश्वर में अपनी आस्था के कारण सीसीपी की पकड़ से बचने के लिए घर से भाग गई थी, और उसके पिता ने अकेले ही उसका पालन-पोषण किया। बड़ी होने पर मू शी ने अपने पिता के प्रति अपनी संतानोचित जिम्मेदारी पूरा करने का संकल्प लिया। लेकिन परमेश्वर में अपनी आस्था के कारण उसे सीसीपी द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया और ढाई साल की जेल की सजा सुनाई गई। रिहा होने पर, उसे पता चला कि उसके पिता की गठिया की बीमारी और बिगड़ गई है। वह उनकी अच्छी तरह से देखभाल करने के लिए उनके साथ रहना चाहती थी, लेकिन पुलिस की निगरानी के कारण अगर वह घर पर रहती तो उसके लिए सभाओं में शामिल होना या अपना कर्तव्य निभाना असंभव था। जब उसने शहर से बाहर जाकर अपना कर्तव्य निभाने के बारे में सोचा, तो वह दुविधा में पड़ गई—वह अपने पिता को छोड़ने को तैयार नहीं थी और अपराध-बोध से दबी हुई थी। मू शी इस दुविधा को कैसे समझ पाई, और उसे अपने पिता की दयालुता के प्रति सही ढंग से कैसे पेश आना चाहिए?
परमेश्वर के बिना जीवन कठिन है। यदि आप सहमत हैं, तो क्या आप परमेश्वर पर भरोसा करने और उसकी सहायता प्राप्त करने के लिए उनके समक्ष आना चाहते हैं?
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