Hindi Sermon Series | Seeking True Faith: प्रभु का स्वागत करने के लिए हमें उसकी वाणी क्यों सुननी चाहिए

09 अप्रैल, 2026

प्रकाशितवाक्य की पुस्तक कहती है : "देख, मैं द्वार पर खड़ा हुआ खटखटाता हूँ; यदि कोई मेरा शब्द सुनकर द्वार खोलेगा, तो मैं उसके पास भीतर आकर उसके साथ भोजन करूँगा और वह मेरे साथ" (प्रकाशितवाक्य 3:20)। (© BSI) इससे, हम देख सकते हैं कि प्रभु का स्वागत करने की कुंजी उसकी वाणी सुनना है। लेकिन बहुत से धार्मिक लोग मानते हैं कि प्रभु बादल पर उतरकर लौटेगा और लोग उसे सीधे देखेंगे, जिससे उसकी वाणी सुनने की कोई आवश्यकता नहीं होगी। क्या यह दृष्टिकोण प्रभु के वचनों के अनुरूप है? क्या बादल पर उतरना ही प्रभु के लौटने का एकमात्र तरीका है? प्रभु का स्वागत करने के लिए उसकी वाणी सुनना क्यों आवश्यक है? आस्था में सत्य की खोज का यह एपिसोड सत्य की खोज करने और उत्तर ढूँढ़ने में आपका मार्गदर्शन करेगा।

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