परमेश्वर के दैनिक वचन : जीवन में प्रवेश | अंश 548
प्रत्येक व्यक्ति में चलने के लिए पवित्र आत्मा के पास एक मार्ग है और प्रत्येक व्यक्ति को पूर्ण होने का अवसर प्रदान करता है। तुम्हारी...
हम परमेश्वर के प्रकटन के लिए बेसब्र सभी साधकों का स्वागत करते हैं!
बाइबल किस प्रकार की पुस्तक है? पुराना विधान व्यवस्था के युग के दौरान किया गया परमेश्वर का कार्य है। बाइबल के पुराने विधान में व्यवस्था के युग के दौरान किया गया यहोवा का समस्त कार्य और उसका सृष्टि के निर्माण का कार्य दर्ज है। इसमें यहोवा द्वारा किया गया समस्त कार्य दर्ज है, और वह अंततः मलाकी की पुस्तक के साथ यहोवा के कार्य का वृत्तांत समाप्त करता है। पुराने विधान में परमेश्वर द्वारा किए गए दो तरह के कार्य दर्ज हैं : एक सृष्टि की रचना का कार्य, और दूसरा व्यवस्था की आज्ञा देना। दोनों ही यहोवा द्वारा किए गए कार्य थे। व्यवस्था का युग यहोवा परमेश्वर के नाम से किए गए कार्य का प्रतिनिधित्व करता है; यह मुख्यतः यहोवा के नाम से किए गए कार्य की समग्रता है। इस प्रकार, पुराने विधान में यहोवा का कार्य दर्ज है, और नए विधान में यीशु का कार्य, वह कार्य जिसे मुख्यतः यीशु के नाम से किया गया था। यीशु के नाम का महत्व और उसके द्वारा किया गया कार्य अधिकांशत: नए विधान में दर्ज हैं। पुराने विधान के व्यवस्था के युग के दौरान यहोवा ने इस्राएल में मंदिर और वेदी का निर्माण किया, उसने यह साबित करते हुए पृथ्वी पर इस्राएलियों के जीवन का मार्गदर्शन किया कि वे उसके चुने हुए लोग हैं, उसके द्वारा पृथ्वी पर चुने गए उसके मनोनुकूल लोगों का पहला समूह हैं, वह पहला समूह, जिसकी उसने व्यक्तिगत रूप से अगुआई की थी। इस्राएल के बारह कबीले यहोवा के चुने हुए पहले लोग थे, और इसलिए उसने, व्यवस्था के युग के यहोवा के कार्य का समापन हो जाने तक, हमेशा उनमें कार्य किया। कार्य का दूसरा चरण नए विधान के अनुग्रह के युग का कार्य था, और उसे यहूदी लोगों के बीच, इस्राएल के बारह कबीलों में से एक के बीच किया गया था। उस कार्य का दायरा छोटा था, क्योंकि यीशु देहधारी हुआ परमेश्वर था। यीशु ने केवल यहूदिया की पूरी धरती पर काम किया, और सिर्फ साढ़े तीन वर्षों का काम किया; इस प्रकार, जो कुछ नए विधान में दर्ज है, वह पुराने विधान में दर्ज कार्य की मात्रा से आगे निकलने में सक्षम नहीं है।
—वचन, खंड 1, परमेश्वर का प्रकटन और कार्य, बाइबल के विषय में (1)
परमेश्वर के बिना जीवन कठिन है। यदि आप सहमत हैं, तो क्या आप परमेश्वर पर भरोसा करने और उसकी सहायता प्राप्त करने के लिए उनके समक्ष आना चाहते हैं?
प्रत्येक व्यक्ति में चलने के लिए पवित्र आत्मा के पास एक मार्ग है और प्रत्येक व्यक्ति को पूर्ण होने का अवसर प्रदान करता है। तुम्हारी...
तुम लोगों की देह, तुम लोगों की असाधारण इच्छाएँ, तुम लोगों का लोभ और तुम लोगों की वासना तुम लोगों में गहराई तक जमी हुई हैं। ये चीजें तुम...
जब परमेश्वर का कार्य किसी निश्चित बिन्दु पर पहुंच जाता है, और उसका प्रबंधन किसी निश्चित बिन्दु पर पहुंच जाता है, तो जो लोग उसके हृदय के...
अब परमेश्वर के सार के विषय में तुम लोगों की बोधात्मक समझ को अब भी इसे सीखने के लिए, इसकी पुष्टि करने के लिए, इसका एहसास करने के लिए एवं...