ईसाइयों पर सीसीपी के क्रूर उत्पीड़न के तथ्य, एपिसोड 28 : एक ईसाई को दो बार गिरफ्तार किया गया और सीसीपी द्वारा यातना देकर पूछताछ की गई
27 सितम्बर, 2026
अनहुई प्रांत के हेफेई शहर की एक ईसाई, यांग लिंग को परमेश्वर में अपनी आस्था और अपना कर्तव्य निभाने के कारण सीसीपी पुलिस ने दो बार गिरफ्तार किया है। 23 जनवरी 2004 को, यांग लिंग को अपना कर्तव्य निभाने जाते समय गिरफ्तार कर लिया गया था, बाद में उन्हें लगभग दो साल के लिए एक आपराधिक हिरासत केंद्र में बंद कर दिया गया था। इस दौरान, पुलिस ने उनसे दर्जनों बार पूछताछ की। उन्होंने बारी-बारी से उन्हें क्रूरता से पीटा, उनके हाथों के पिछले हिस्सों पर प्रहार किया, उनके पैरों की उँगलियों पर पैर रखा और उन्हें कुचला, उनके निप्पलों को बेरहमी से नोचा, और उनके हाथों को उनकी पीठ के पीछे करके हथकड़ी लगा दी। उन्होंने अन्य कैदियों को भी हर दिन उन्हें यातना देने और उनके साथ दुर्व्यवहार करने का आदेश दिया...। यांग लिंग को यातना देकर मौत के कगार पर पहुँचा दिया गया था। 6 दिसंबर 2005 को, हिरासत केंद्र के गार्डों ने उन्हें एक ट्रेन स्टेशन पर ले जाकर वहीं छोड़ दिया। यांग लिंग केवल 34 वर्ष की थीं, लेकिन उन्हें कई चोटें लग गई थीं और कई स्वास्थ्य समस्याएँ हो गई थीं : उन्हें कान बजने और कम सुनने की समस्या हो गई थी; प्रहारों के कारण उनके सामने के दो दाँत ढीले हो गए और बाद में गिर गए, और वे अपने दाढ़ वाले दाँतों से कुछ भी जोर से नहीं चबा सकती थीं; उन्हें अक्सर मतली आती थी और वे कुछ खा नहीं पाती थीं; उनकी बाँहों में दर्द रहता था और वे कमजोर हो गई थीं, उन्हें बहुत ज्यादा ठंड लगने लगी थी और उनके दोनों पैरों में गठिया हो गया था; लंबे समय तक, उन्हें शौच के लिए दवाइयों पर निर्भर रहना पड़ा। जब उनका मूत्रमार्ग का संक्रमण गंभीर होता था, तो राहत पाने के लिए उन्हें कई दिनों तक आईवी ड्रिप लगवानी पड़ती थी। 6 सितंबर 2012 को, यांग लिंग को पुलिस ने फिर से गिरफ्तार कर लिया क्योंकि उन्होंने उनके सेलफोन के जीपीएस का इस्तेमाल करके उन्हें ढूँढ़ निकाला था। उन्हें कलीसिया के चढ़ावे सौंपने पर मजबूर करने के लिए, पुलिस ने बारी-बारी से उन्हें बेरहमी से पीटा, बोतल के मुँह से उनके माथे और पैरों के नाखूनों पर हिंसक रूप से वार किया, और उनके नथुनों में जलती हुई सिगरेट घुसेड़ दी। उन्होंने उन्हें सोने न देने की यातना भी दी, आखिरकार, यांग लिंग को एक साल और तीन महीने के लिए सश्रम पुनर्शिक्षा शिविर में रहने की सज़ा सुनाई गई। इस उत्पीड़न से उनके शरीर पर कई स्थायी दुष्प्रभाव पड़े : उन्हें लंबे समय तक अनिद्रा की समस्या रही, उनकी गर्दन की हड्डी टेढ़ी हो गई, और उनकी कमर और रीढ़ के निचले हिस्से की हड्डियों में समस्याएँ पैदा हो गईं, जिससे उनका रोजमर्रा का जीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। इस रिपोर्ट में, यांग लिंग दो बार गिरफ्तार होने के बाद सहे गए क्रूर उत्पीड़न की कहानी बताएँगी।
00:21 मुख्य अंश
05:34 यांग लिंग को गिरफ्तार किया गया और यातना दी गई, लगभग दो साल तक हिरासत केंद्र में बंद रखा गया
33:59 यांग लिंग को दूसरी बार गिरफ्तार किया गया और यातना देकर पूछताछ की गई, उन्हें एक साल और तीन महीने के लिए सश्रम पुनर्शिक्षा शिविर में रहने की सज़ा सुनाई गई