ईसाइयों पर सीसीपी के क्रूर उत्पीड़न के तथ्य, एपिसोड 18 : ईसाइयों पर क्रूरता करने के लिए सीसीपी द्वारा मनोरोग की दवाओं का दुरुपयोग

01 जुलाई, 2026

सत्ता में आने के बाद से एक नास्तिक क्रांतिकारी पार्टी सीसीपी द्वारा धार्मिक आस्था का उन्मत्त दमन और उत्पीड़न कभी नहीं रुका है; यह केवल और अधिक गंभीर होता गया है। सीसीपी ईसाइयों को अपनी आँख की किरकिरी मानती है, परमेश्वर का अनुसरण करने वाले और सुसमाचार का प्रचार करने वाले लोगों का समूल नाश करना चाहती है। वह गलती से एक हजार लोगों को मार डालेगी लेकिन एक को भी नहीं बचने देगी और उसने पूरे चीन में ईसाइयों को ढूँढ़कर उनका सफाया करने के लिए जन-युद्ध छेड़ रखा है। जब भी वे किसी ईसाई को गिरफ्तार करते हैं, तो वे उसे विभिन्न प्रकार की क्रूर यातनाएँ देते हैं। इन तरीकों में एक और भी अधिक कुटिल, क्रूर, नीच और बेशर्म तरीका शामिल है—यानी ईसाइयों को मनोरोग संबंधी दवाओं के इंजेक्शन लगाकर और उन्हें अज्ञात दवाएँ जबरन खिलाकर यातनाएँ देना। यहाँ तक कि चुपके से उनके भोजन में जहर मिला देना, जहर को धीरे-धीरे उनके शरीर में असर करने देना, फिर मुकदमे के लंबित रहने तक जल्दी से उन्हें मेडिकल पैरोल या जमानत पर रिहा करने की व्यवस्था करना, इस डर से कि अगर वे जेल में मर गए तो उसे जिम्मेदार ठहराया जाएगा। इन ईसाइयों के रिहा होने के बाद, कुछ मानसिक संतुलन खो देते हैं, कुछ बिना न्याय पाए ही दुनिया छोड़कर चले जाते हैं और कुछ जीवन भर के लिए स्थायी और लाइलाज मानसिक विकारों से ग्रस्त हो जाते हैं। पूछताछ के कमरों और आपराधिक हिरासत केंद्रों से लेकर ब्रेनवॉशिंग केंद्रों और जेलों तक, सीसीपी पुलिस अक्सर ईसाइयों को विभिन्न अज्ञात दवाएँ देती है, मुँह के जरिए और जबरन इंजेक्शन लगाकर दोनों ढंग से दवाएँ देती है। सीसीपी मनोरोग दवाओं, तंत्रिका को दबाने वाली दवाओं और यहाँ तक कि अज्ञात स्रोत वाले मिश्रित इंजेक्शनों का इस्तेमाल करती है। ईसाइयों को सताने के लिए दवाओं का इस्तेमाल करने में सीसीपी का लक्ष्य बिल्कुल स्पष्ट है : उनके तंत्रिका तंत्र को नुकसान पहुँचाना और मानसिक भ्रम पैदा करना, और जब वे भ्रम की अवस्था में हों, तब उनसे कलीसिया की जानकारी उगलवाना और परमेश्वर से विश्वासघात करने के लिए तीन कथनों पर हस्ताक्षर करवाना। यही उनका लक्ष्य है। इसके माध्यम से सीसीपी उन्हें शारीरिक और मानसिक रूप से इस हद तक तबाह कर देती है कि उनका जीवित रहना कठिन हो जाए, ताकि उन्हें मुख्यभूमि चीन से हटाया जा सके। उसने ईसाइयों के अस्तित्व के अधिकार को पूरी तरह से छीन लिया है। इस एपिसोड में, हम सीसीपी द्वारा गिरफ्तार किए गए कई ईसाइयों के वृत्तांत सुनेंगे और जानेंगे कि शारीरिक यातना के साथ-साथ उन्हें दवाओं से किस तरह का नुकसान पहुँचाया गया।

00:20 मुख्य अंश

07:29 सुसमाचार का प्रचार करते समय गिरफ्तार किए जाने के बाद ली गांग और दो भाइयों को बेरहमी से पीटा गया

12:36 हिरासत केंद्र के पुलिसवालों द्वारा दवा दिए जाने के बाद ली गांग का स्वास्थ्य बिगड़ गया

18:43 ली गांग को जेल में पीटा गया, बीमारी के कारण मेडिकल पैरोल पर रिहा किया गया

21:25 जेल में "चार कथन" पर हस्ताक्षर करने से इनकार करने पर शाओ यू को यातना दी गई

24:13 जेल की गार्ड चिकित्सा उपचार के बहाने शाओ यू को दवा देती हैं, जिससे मतिभ्रम होता है

30:03 गार्डों ने शाओ यू को शारीरिक दंड दिया और उसके साथ दुर्व्यवहार किया; रिहाई के बाद उसकी हालत देखकर परिवार का दिल टूट गया

33:34 परमेश्वर में विश्वास करने की रिपोर्ट किए जाने के बाद लिन पिंग को गिरफ्तार किया गया, पूछताछ के दौरान बेरहमी से पीटा गया

40:30 डिप्टी चीफ ने कबूलनामा उगलवाने की कोशिश में लिन पिंग को अज्ञात दवाओं का इंजेक्शन लगाया

47:51 ईसाइयों को सताने के लिए दवाओं का इस्तेमाल करना सीसीपी ने कभी बंद नहीं किया है

50:09 अपराधियों की जानकारी

58:18 समापन-टिप्पणी

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