कलीसियाई जीवन पर एक ऑन-द-सीन रिपोर्ट, एपिसोड 37 : कैमरून के याउंडे की सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया से अनुभवजन्य गवाहियाँ : परमेश्वर के वचनों का न्याय स्वीकार करके ही हम प्रसिद्धि, लाभ और रुतबे के बंधन से मुक्त हो सकते हैं
26 अक्टूबर, 2026
कैमरून के याउंडे की सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया के ईसाइयों ने सत्य के आत्मा के कथन सुने हैं। वे धार्मिक कलीसियाओं और धार्मिक रीति-रिवाजों के बंधन से मुक्त हो गए हैं। वे स्वतंत्र रूप से परमेश्वर के वचनों को खाते-पीते हैं और सत्य पर संगति करते हैं, उनके दिल मुक्त हो गए हैं। सभाओं के दौरान वे इसी तरह अपने दिल खोलते हैं और खुलकर बोलते हैं : सत्य पर संगति करते हैं, खुद को जानने लगते हैं और एक-दूसरे की मदद करते हैं। उनकी समस्याएँ और कठिनाइयाँ एक-एक करके हल हो जाती हैं, उनके दिल और अधिक उज्ज्वल हो जाते हैं। परमेश्वर की स्तुति के एक भजन और हँसी-खुशी के साथ सभा एक आनंदमय माहौल में समाप्त हुई। हर कोई अपने प्राप्त किए गए लाभ से संतुष्ट होकर और अपनी अगली सभा की प्रतीक्षा करते हुए वहाँ से विदा हुआ।
00:33 मुख्य अंश
01:03 परिचय
04:28 परमेश्वर के वचनों का भजन गाना : "परमेश्वर मानवजाति के लिए एक ज्यादा सुंदर कल बनाता है"