परमेश्वर के दैनिक वचन | "क्या परमेश्वर का कार्य उतना सरल है, जितना मनुष्य कल्पना करता है?" | अंश 188

परमेश्वर पर विश्वास करने वाले व्यक्ति के रूप में, तुम को यह समझना चाहिए कि, आज, इन अंतिम दिनों में परमेश्वर का कार्य और तुम में परमेश्वर की योजना के सारे कार्य को पाने में, तुमने परमेश्वर की ओर से उत्कर्ष और उद्धार को वास्तव में पा लिया है। समस्त ब्रम्हांड में परमेश्वर के सारे कार्य ने इसी एक जनसमूह पर ध्यान केंद्रित किया है। उसने अपने सभी प्रयास तुम लोगों के लिये समर्पित किये और तुम्हारे लिये सब कुछ बलिदान किया है, उसने फिर से दावा किया है और समस्त ब्रम्हांड में तुम लोगों के लिये पवित्रा आत्मा के सभी काम दिये हैं। यही कारण है कि मैं कहता हूं, तुम सभी सौभाग्यशाली हो। और यही नहीं, अपनी महिमा को इस्राएल से, अर्थात उसके चुने हुए लोगों से हटाया है, और तुम लोगों को दिया है, ताकि उसकी योजना के उद्देश्यों को तुम्‍हारे जनसमूह के द्वारा पूर्ण रूप से प्रकट करे। इस कारण तुम सभी वे लोग हो जो परमेश्वर की विरासत को पाएंगे, और इससे भी अधिक परमेश्वर की महिमा के वारिस ठहरेंगे। संभवतः तुम सबको ये वचन स्मरण होंगे: "क्योंकि हमारा पल भर का हल्का सा क्लेश हमारे लिये बहुत ही महत्वपूर्ण और अनन्त महिमा उत्पन्न करता जाता है।" अतीत में तुम सबने यह बात सुनी है तो भी किसी ने इन वचनों का सही अर्थ नहीं समझा। आज, तुम सभी अच्छे से जानते हो कि उनका वास्तविक महत्व क्या है। ये वह वचन है जिन्हें परमेश्वर अंतिम दिनों में पूरा करेगा। और ये वचन उन में पूरे होंगे जो विशाल लाल अजगर द्वारा निर्दयतापूर्वक पीड़ित किये गए हैं, उस देश में जहां वह रहता है। यह बड़ा लाल अजगर परमेश्वर को सताता है और परमेश्वर का शत्रु है, इसलिए इस देश में, जो परमेश्वर पर विश्वास करते हैं उन्हें अपमानित किया जाता और सताया जाता है। इस कारण ये शब्द तुम्हारे समूह के लोगों में वास्तविकता बन जाएंगे। जब उस देश में परमेश्वर का कार्य किया जाता है जहाँ परमेश्वर का विरोध होता है, उसके सारे कामों में अत्यधिक बाधा आती है, और उसके बहुत से वचन सही समय पर पूरे नहीं किये जा सकते; अतः, परमेश्वर के वचनों के कारण लोग शुद्ध किये जाते हैं। यह भी पीड़ा का एक तत्व है। परमेश्वर के लिए विशाल लाल अजगर के देश में अपना कार्य करना बहुत कठिन है, परन्तु ऐसी कठिनाईयों के बीच में अपनी बुद्धि और अद्भुत कामों को प्रकट करने के लिए परमेश्वर अपने काम का मंचन करता है। परमेश्वर इस अवसर के द्वारा इस जनसमूह के लोगों को पूर्ण करता है। इस अशुद्ध देश में लोगों के सताये जाने के कारण, उनकी क्षमता और उनके पूरे शैतानी स्वभाव का परमेश्वर शुद्धिकरण करता और जीतता है ताकि, इससे, वह महिमा प्राप्त करे और उन्हें भी जो उसके कामों के गवाह बनते हैं। परमेश्वर ने इस जनसूमह के लोगों के लिए जो बलिदान किये हैं यह उन सभी का संपूर्ण महत्व है। कहने का अभिप्राय है, परमेश्वर विजय कार्य उनके द्वारा करता है जो उसका विरोध करते हैं। इस कारण, ऐसा करने पर ही परमेश्वर की महान सामर्थ का प्रकटीकरण हो सकता है। दूसरे शब्दों में, केवल वे जो अशुद्ध देश में हैं परमेश्वर की महिमा का उत्‍तराधिकार पाने के योग्य हैं, और केवल यह परमेश्वर की महान सामर्थ्‍य को विशिष्टता दे सकती है। इसी कारण मैं कहता हूँ कि परमेश्वर अशुद्ध देश में महिमा पाता है, और उनके द्वारा जो उस देश में रहते हैं। यह परमेश्वर की इच्छा है। यह बिल्कुल वैसा ही है जैसा यह यीशु के कार्य के चरण में था; उसे सिर्फ उन फरीसियों के बीच ही महिमा मिल सकती थी जिन्होंने उसे सताया। यदि यीशु को वैसा कष्ट और यहूदा का विश्वासघात नहीं मिलता, तो यीशु का उपहास और निंदा भी नहीं होती, क्रूस पर चढ़ना तो असम्भव होता, और उसे कभी भी महिमा नहीं मिलती। जहां भी परमेश्वर प्रत्येक युग में कार्य करता है, और जहां भी वह शरीर में काम करता है, वो वहाँ महिमा पाता है और उन्हें जीत लेता है जिन्हें वो जीतना चाहता है। यह परमेश्वर के कार्य की योजना है, और यही उसका प्रबंध है।

— 'वचन देह में प्रकट होता है' से उद्धृत

तुम सब वो हो जो परमेश्वर की विरासत पाओगे

परमेश्वर पर विश्वास करने वाले समझो, अंत के दिनों में करके उसका कार्य प्राप्त, परमेश्वर पर विश्वास करने वाले समझो, अंत के दिनों में करके उसका कार्य प्राप्त, और प्राप्त करके परमेश्वर की पूरी योजना अपने में, मिला है तुम्हें उमंग और उद्धार। इस ब्रह्मांड में परमेश्वर का कार्य है केंद्रित तुम लोगों पे। उसकी सारी कोशिशें हैं समर्पित तुम लोगों को। परमेश्वर ने किया सब कुछ बलिदान तुम लोगों के लिए। आत्मा के कार्य को किया अर्पित तुम लोगों पे। तुम लोग हो भाग्यशाली, ख़ुशकिस्मत। इज़राइल से हटाकर यहां लाया है अपनी महिमा वो, अपनी योजना को तुम लोगों के ज़रिए सच करने को, तुम लोग उसकी महिमा और विरासत के वारिस हो। तुम लोग हो भाग्यशाली, ख़ुशकिस्मत। इज़राइल से हटाकर यहां लाया है अपनी महिमा वो, अपनी योजना को तुम लोगों के ज़रिए सच करने को, तुम लोग उसकी महिमा और विरासत के वारिस हो।

पहले, तुम लोग सुनते थे, पर समझते नहीं थे इन अनमोल वचनों का सच्चा अर्थ: "हमारा थोड़ा सा दुःख रहता तो है कुछ पल के लिए, पर उत्पन्न करता बड़ी महिमा और है बहुत ज़रुरी हमारे लिए।" अब तुम लोग हो पूरी तरह से अवगत इन वचनों के महत्व से। वे वचन होंगे पूरे अंत के दिनों में उनके लिए जिन पर परमेश्वर के दुश्मन, बड़े लाल अजगर, ने किया क्रूर अत्याचार। क्योंकि वो कष्ट देता है परमेश्वर को, इस देश के विश्वासी लोग सहते हैं अत्याचार। यही है वजह कि परमेश्वर का वादा, होगा पूरा इन लोगों के ज़रिए। तुम लोग हो भाग्यशाली, ख़ुशकिस्मत। इज़राइल से हटाकर यहां लाया है अपनी महिमा वो, अपनी योजना को तुम लोगों के ज़रिए सच करने को, तुम लोग उसकी महिमा और विरासत के वारिस हो। तुम लोग हो भाग्यशाली, तुम लोग हो ख़ुशकिस्मत। तुम लोग हो भाग्यशाली, तुम लोग हो ख़ुशकिस्मत।

परमेश्वर अपना कार्य एक देश में करता है जो है उसके खिलाफ़। उसके कार्य में हैं बहुत-सी अड़चनें, उसके वचन नहीं हो सकते जल्दी पूरे। इसलिए लोग होते हैं शुद्ध उसके वचनों से। बड़े लाल अजगर के देश में परमेश्वर का कार्य है मुश्किल। इसी संघर्ष से गुज़रते हुए परमेश्वर करता है कार्य का यह चरण, अपनी बुद्धि और अपने अद्भुत कार्य को करने प्रकट, इन लोगों को करने के लिए सिद्ध और पूर्ण। अपनी पीड़ा और अपने कम योग्यता के कारण, इस मैली ज़मीन में उनके शैतानी स्वभाव के कारण, परमेश्वर करता है उन्हें शुद्ध, करता उन पे जीत हासिल, ताकि पा सके वो महिमा और अपने कार्यों के लिए गवाह। यही है अर्थ उसके हर बलिदान का। परमेश्वर करता जीत हासिल, उनके ज़रिए जो हैं उसके खिलाफ़, अपने सामर्थ्य को करने के लिए सच। इस मैली ज़मीन के ही हैं लोग जो उसकी महिमा के वारिस बनने के हैं लायक। केवल यही परमेश्वर के महान सामर्थ्य को देता है प्रमुखता। परमेश्वर की महिमा अशुद्ध भूमि में प्राप्त होती है। ये उन लोगों से प्राप्त होती है जो भीतर रहते हैं। ये परेमश्वर की इच्छा है। केवल ऐसा करने से परमेश्वर की शक्ति प्रकट हो सकती है। तुम लोग हो भाग्यशाली, तुम लोग हो ख़ुशकिस्मत। तुम लोग हो भाग्यशाली, तुम लोग हो ख़ुशकिस्मत।

'मेमने का अनुसरण करो और नए गीत गाओ' से उद्धृत

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