परमेश्वर के दैनिक वचन | "देह की चिन्ता करने वालों में से कोई भी कोप के दिन से नहीं बच सकता है" | अंश 337

मैंने इस प्रकार से तुम लोगों बीच कार्य किया और बातचीत की है, मैंने बहुत सारी ऊर्जा व्यय की और प्रयास किए हैं, फिर भी क्या तुम लोगों ने कभी भी उस बात को सुना है जो मैं तुम लोगों को स्पष्ट रूप से कहता हूँ? तुम लोग कहाँ मुझ सर्वशक्तिमान के सामने कब झुके हो? तुम लोग मुझ से इस प्रकार से व्यवहार क्यों करते हैं? क्यों जो कुछ तुम लोग कहते और करते हो वह मेरे क्रोध को भड़काता है? तुम्हारे हृदय इतने कठोर क्यों हैं? क्या मैंने कभी भी तुम्हें मार गिराया है? क्यों तुम लोग मुझे दुःखी और चिंतित करने के अलावा और कुछ नहीं करते हो? क्या तुम लोग अपने ऊपर मेरे, यहोवा के कोप के दिन के आने की प्रतीक्षा कर रहे हो? क्या तुम लोगों की अवज्ञा द्वारा भड़काए हुए मेरे क्रोध को तुम लोगों पर भेजने के लिए तुम लोग मेरी प्रतीक्षा कर रहे हो? क्या मैं जो कुछ भी करता हूँ वह तुम लोगों के लिए नहीं है? फिर भी तुम लोगों ने सदैव मुझ यहोवा के साथ इस प्रकार का व्यवहार किया: मेरे बलिदान को चुराना, मेरे घर की वेदी के चढ़ावों को घर ले जा कर भेड़ियों की माँद में छोटे और बड़े शावकों को खिलाना; लोग, मुझ सर्वशक्तिमान के वचनों को उछालते हुए, मलमूत्र के समान गंदा हो जाने के लिए पाखाने में एक दूसरे से लड़ाई करते हैं, गुस्से से घूरते हुए तलवारें और भाले के साथ एक दूसरे का सामना करते हैं। तुम लोगों में ईमानदारी कहाँ है? तुम लोगों की मानवता पाशविकता बन गई है! तुम लोगों के हृदय बहुत पहले पत्थरों में बदल गए हैं। क्या तुम लोग नहीं जानते हो कि जब मेरे कोप का दिन आएगा तब मुझ सर्वशक्तिमान के विरुद्ध आज की गई तुम लोगों की दुष्टता का मैं न्याय करूँगा? क्या तुम लोगों को लगता है कि मुझे इस प्रकार से बेवकूफ बनाकर, मेरे वचनों को कीचड़ में फेंक कर और उन पर ध्यान न देकर—क्या तुम लोगों को लगता है कि मेरी पीठ पीछे इस प्रकार के कार्य करके तुम लोग मेरी कुपित नज़रों से बच निकल सकते हैं? क्या तुम लोग नहीं जानते हो कि जब तुम लोगों ने मेरे बलिदानों को चुराया और तुम लोग मेरी सम्पत्ति के लिए लालायित हुए, तभी तुम लोग मेरी, यहोवा की आँखों द्वारा पहले से ही देखे जा चुके थे? क्या तुम लोग नहीं जानते हो कि जब तुम लोगों ने मेरे बलिदानों को चुराया, तो यह उस वेदी के सामने था जिस पर बलिदान चढ़ाए जाते हैं? मुझे इस तरह से धोखा देने के लिए तुम लोग अपने आप को पर्याप्त चालाक कैसे मान सकते हो? मेरा क्रोध कैसे तुम लोगों के घृणित पापों से विदा हो सकता है? मेरा प्रचण्ड प्रकोप कैसे तुम लोगों की बुरी करतूतें से दूर रह सकता है? आज तुम लोग जो बुराई करते हो वह तुम लोगों के लिए कोई मार्ग नहीं खोलती है, बल्कि तुम्हारे लिए कल के लिए ताड़ना संचित करती है; यह तुम लोगों के प्रति मेरी, सर्वशक्तिान की ताड़ना को भड़काती है। कैसे तुम लोगों की बुरी करतूतें और बुरे वचन मेरी ताड़ना से बच सकते हैं? कैसे तुम लोगों की प्रार्थनाएँ मेरे कानों तक पहुँच सकती हैं? कैसे मैं तुम लोगों को अधार्मिकता से बाहर निकालने का मार्ग को खोल सकता हूँ? मैं कैसे अपनी अवहेलना करने की तुम लोगों की बुरी करतूतों को जाने दे सकता हूँ? कैसे मैं तुम लोगों की ज़ुबानों को काटकर अलग नहीं कर सकता हूँ जो साँप की ज़ुबान के समान जहरीली है? तुम लोग मुझे अपनी धार्मिकता के वास्ते नहीं पुकारते हो, बल्कि इसके बजाय अपनी अधार्मिकता के परिणाम स्वरूप मेरे कोप को संचित करते हो। मैं तुम लोगों को कैसे क्षमा कर सकता हूँ? मेरी, सर्वशक्तिमान की, नज़रों में, तुम लोगों के वचन और कार्य दोनों ही गंदे हैं। मेरी, सर्वशक्तिमान की नज़रें, तुम लोगों की अधार्मिकता को एक निर्मम ताड़ना के रूप में देखती हैं। कैसे मेरी धर्मी सजा और न्याय तुम लोगों से दूर जा सकती है? क्योंकि तुम लोग ऐसा मेरे साथ करते हो, मुझे दुःखी और कुपित करते हो, इसलिए मैं कैसे तुम लोगों को अपने हाथों से बच कर निकलने दे सकता हूँ और उस दिन से दूर होने दे सकता हूँ जब मैं, यहोवा तुम लोगों को ताड़ना और श्राप दूँगा? क्या तुम लोग नहीं जानते हो कि तुम लोगों के सभी बुरे वचन और कथन पहले से ही मेरे कानों तक पहुँच चुके हैं? क्या तुम लोग नहीं जानते हो कि तुम लोगों की अधार्मिकता ने पहले से ही मेरी धार्मिकता के पवित्र लबादे को गंदा कर दिया है? क्या तुम लोग नहीं जानते हो कि तुम लोगों की अवज्ञा ने पहले से ही मेरे उग्र क्रोध को भड़का दिया है? क्या तुम लोग नहीं जानते हो कि तुम लोगों ने बहुत पहले से ही मुझे अति कुपित कर रखा है और बहुत समय पहले ही मेरे धैर्य को आजमा चुके हो? क्या तुम नहीं जानते हो कि तुम लोग मेरी देह को पहले से टुकड़े करके नष्ट कर चुके हो? मैंने अब तक इतना सहा है, कि मैं तुम लोगों के प्रति अब और अधिक सहिष्णु नहीं होते हुए, अपना क्रोध प्रकट करता हूँ। क्या तुम लोग नहीं जानते हो कि तुम लोगों की बुरी करतूतें पहले ही मेरी आँखों के सामने आ गई हैं, और कि मेरी पुकारें मेरे स्वर्गिक पिता के कानों तक पहले ही पहुँच चुकी हैं? वह कैसे तुम लोगों को मेरे साथ इस प्रकार का व्यवहार करने दे सकता है? क्या मैं तुम लोगों में जो भी कार्य करता हूँ वह तुम लोगों के वास्ते नहीं है? फिर भी तुम लोगों में से कौन मेरे, यहोवा के, कार्य को अधिक प्रेम कता है? क्या मैं कमज़ोर होने, और जो पीड़ा मैंने सहने की है उस की वजह से, अपने पिता की इच्छा के प्रति विश्वासघाती हो सकता हूँ? क्या तुम लोग मेरे हृदय को नहीं समझते हो? मैं तुम लोगों से उसी तरह बोलता हूँ जैसे यहोवा बोलता था; क्या मैंने तुम लोगों के लिए काफी कुछ नहीं त्यागा है? भले ही मैं अपने पिता के कार्य के वास्ते इन सभी कष्टों को सहने को तैयार हूँ, फिर भी तुम लोग उस ताड़ना से कैसे मुक्त हो सकते हो जिसे मैं अपने कष्टों के परिणामस्वरूप तुम पर पहुचाऊँगा? क्या तुम लोगों ने मेरा बहुत मज़ा नहीं ले लिया है? आज, मैं अपने परमपिता द्वारा तुम लोगों के लिए प्रदान किया गया हूँ; क्या तुम लोग नहीं जानते हो कि तुम लोग मेरे उदार वचनों की अपेक्षा कहीं बहुत अधिक लेते हो? क्या तुम लोग नहीं जानते हो कि मेरा जीवन तुम लोगों के जीवन और जिन चीजों का तुम आनन्द लेते हो उन के साथ अदला-बदली किया गया था? क्या तुम लोग नहीं जानते हो कि मेरे परमपिता ने शैतान के साथ युद्ध करने के लिए मेरे जीवन का उपयोग किया है, और कि मेरा जीवन तुम लोगों को प्रदान किया है, जिसने तुम लोगों को सौ गुना प्राप्त करवाया, और तुम लोगों को कितने ही प्रलोभनों से बचने दिया? क्या तुम लोग नहीं जानते हो कि यह केवल मेरे कार्य के माध्यम से ही है कि तुम लोगों को कई प्रलोभनों से और कई उग्र ताड़नाओं से छूट ही गई है? क्या तुम लोग नहीं जानते हो कि यह केवल मेरे ही कारण है कि मेरे स्वर्गिक परमपिता ने तुम लोगों को अभी तक आनन्द लेने दिया है? आज तुम लोगों के हृदय कैसे इतने कठोर हो सकते हैं, मानो कि वे निर्दयी बन गए हों? कैसे वह दुष्टता जो तुम आज करते हो उस कोप के दिन से बच सकती है जो पृथ्वी से मेरे जाने के बाद आएगा? कैसे मैं उन हृदय से बहुत कठोर लोगों को यहोवा के क्रोध से बचने दे सकता हूँ?

— ‘वचन देह में प्रकट होता है’ से उद्धृत

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