परमेश्वर के दैनिक वचन | "देह की चिन्ता करने वालों में से कोई भी कोप के दिन से नहीं बच सकता है" | अंश 611

आज, मैं तुम लोगों के स्वयं के जीवित रहने के वास्ते तुम लोगों को इस प्रकार से धिक्कारता हूँ, ताकि मेरा कार्य सुचारू रूप से प्रगति करे, और सम्पूर्ण जगत में मेरा आरंभिक कार्य, मेरे वचनों, अधिकार, प्रताप और मेरे न्याय को सभी देशों और राष्ट्रों के लोगों के लिए प्रकट करते हुए, और भी अधिक उचित ढंग से और पूरी तरह से किया जा सके। जो कार्य मैं तुम लोगों के बीच करता हूँ वह सम्पूर्ण जगत में मेरे कार्य का आरम्भ है। यद्यपि अब पहले से ही अंत के दिन चल रहे हैं, फिर भी ज्ञात हो कि "अंत के दिन" केवल एक नए युग का नाम हैः ठीक व्यवस्था के युग और अनुग्रह के युग के समान, यह एक युग का संकेत करता है, और यह, अंतिम कुछ वर्षों या महीनों के बजाय, एक सम्पूर्ण युग का संकेत करता है। फिर भी अंत के दिन अनुग्रह के युग और व्यवस्था के युग से काफ़ी अलग हैं। अंत के दिनों का कार्य इस्राएल में नहीं, बल्कि बुतपरस्तों के बीच किया जाता है; यह मेरे सिंहासन के सामने इस्राएल के बाहर के सभी राष्ट्रों और कबीलों के लोगों पर विजय है, ताकि सम्पूर्ण जगत की मेरी महिमा से ब्रह्माण्ड भर सके। यह इसलिए है ताकि मैं और भी अधिक महिमा को प्राप्त कर सकूँ, ताकि पृथ्वी के सभी प्राणी मेरी महिमा को हर राष्ट्र को, हमेशा पीढ़ियों के लिए सौंप सकें, और स्वर्ग एवं पृथ्वी के सभी प्राणी मेरी उस समस्त महिमा को देख सकें जो मैंने पृथ्वी पर अर्जित की है। अंत के दिनों के दौरान किया गया कार्य विजय का कार्य है। यह पृथ्वी पर सभी लोगों के जीवन का मार्गदर्शन नहीं, बल्कि पृथ्वी पर मानवजाति के सहस्रों-वर्षों लंबे अविनाशी दुःखों का निष्कर्ष है। परिणामस्वरूप, अंत के दिनों का कार्य इस्राएल में किए गए हज़ार वर्षों के कार्य के जैसा नहीं हो सकता है, न ही यहूदिया में दशकों के कार्य के जैसा हो सकता है जो बाद में परमेश्वर के दूसरे देहधारण तक हज़ारों वर्षों तक जारी रहा। अंतिम दिनों के लोग केवल छुटकारा दिलाने वाले का देह में पुनः-प्रकटन का सामना करते हैं, और वे परमेश्वर के व्यक्तिगत कार्य और वचन को प्राप्त करते हैं। अब अंत के दिनों का अंत आने में दो हज़ार वर्ष नहीं लगेंगे; वे संक्षिप्त हैं, उस समय के जैसे जब यीशु मसीहा ने यहूदिया में अनुग्रह के युग का कार्य किया। ऐसा इसलिए है क्योंकि अंतिम दिन सम्पूर्ण युग का उपसंहार हैं। ये परमेश्वर की छह-हजार-वर्षीय प्रबंधन योजना की पूर्णता और समाप्ति हैं, और ये मनुष्य के दुःखों की जीवन यात्रा का समापन करते हैं। ये समस्त मानवजाति को एक नए युग में नहीं ले जाते हैं या मानवजाति के जीवन को जारी नहीं रहने देते हैं। यह मेरी प्रबंधन योजना या मनुष्य के अस्तित्व के लिए कोई महत्व नहीं रखेगा यदि मानवजाति इसी प्रकार चलती रही, तो देर-सवेर उसे शैतान द्वारा पूरी तरह से निगल लिया जाएगा, और वे आत्माएँ जो मुझ से सम्बन्ध रखती हैं अंततः पूरी तरह से उसके हाथों द्वारा जब्त कर ली जाएँगी। मेरा कार्य केवल छह हजार वर्ष तक रहेगा, और मैंने वचन दिया है कि समस्त मानवजाति पर शैतान का नियंत्रण भी छह हजार वर्षों से अधिक तक नहीं रहेगा। और इसलिए, समय पूरा हुआ। मैं अब और न तो जारी रखूँगा और न ही बिलंब करूँगा: अंत के दिनों के दौरान मैं शैतान को परास्त कर दूँगा, मैं अपनी सम्पूर्ण महिमा वापस ले लूँगा, और मैं पृथ्वी पर उन सभी आत्माओं को सुधार दूँगा जो मुझसे संबंधित हैं ताकि ये व्यथित आत्माएँ दुःख के सागर से बच कर बाहर आ जाएँ, और इस प्रकार पृथ्वी पर मेरे समस्त कार्य का समापन होगा। इस दिन से आगे, मैं पृथ्वी पर फिर कभी भी देहधारी नहीं बनूँगा, और पूर्ण-नियंत्रण करने वाला मेरा आत्मा फिर कभी भी पृथ्वी पर नहीं आएगा। मैं पृथ्वी पर केवल एक कार्य करूँगाः मैं मानवजाति को पुनः बनाऊँगा, ऐसी मानव जाति जो पवित्र हो, और जो पृथ्वी पर मेरा विश्वासनीय शहर हो। परन्तु जान लें कि मैं सम्पूर्ण संसार को जड़ से नहीं मिटाऊँगा, न ही मैं समस्त मानवजाति को जड़ से मिटाऊँगा। मैं उस शेष तृतीयांश को रखूँगा—वह तृतीयांश जो मुझसे प्रेम करता है और मेरे द्वारा पूरी तरह से जीत लिया गया है, और उन्हें अत्यधिक भेड़ों, पशुओं पृथ्वी की समस्त संपदा से पोषित करते हुए, मैं इस तृतीयांश को उपजाऊ बनाऊँगा और पृथ्वी पर कई गुना बढ़ाऊँगा ठीक वैसे ही जैसे इस्राएलियों ने व्यवस्था के अधीन किया था। यह मानवजाति हमेशा मेरे साथ रहेगी, मगर यह आज की बुरी तरह से गंदी मानवजाति की तरह नहीं होगी, बल्कि ऐसी मानवजाति होगी जो उन सभी लोगों का जनसमूह होगा जो मेरे द्वारा प्राप्त कर लिए गए हैं। इस प्रकार की मानवजाति को शैतान के द्वारा नष्ट, व्याकुल या चारों ओर से परेशान नहीं किया जाएगा, और ऐसी एकमात्र मानवजाति होगी जो मेरे द्वारा शैतान पर विजय प्राप्त करने के बाद पृथ्वी पर विद्यमान रहेगी। यही वह मानवजाति है जो आज मेरे द्वारा जीत ली गई है और जिसने मेरी प्रतिज्ञा प्राप्त कर ली है। और इसलिए, अंत के दिनों के दौरान मेरे द्वारा जीती गई मानवजाति भी वह मानव जाति होगी, जिसे छोड़ दिया जाएगा और और मेरे अनन्त आशीष प्राप्त करेगी। शैतान पर मेरी विजय की यही एकमात्र गवाही होगी, और शैतान के साथ मेरे युद्ध का विजयोपहार होगा। युद्ध के ये विजयोपहार मेरे द्वारा शैतान के अधिकार क्षेत्र से बचाया गए हैं और ये ही मेरी छह-हजार-वर्षीय प्रबंधन योजना के ठोस-रूप और परिणाम हैं। ये विश्वभर के हर राष्ट्र और संप्रदाय, और हर स्थान और देश से आते हैं। ये भिन्न-भिन्न जातियों के हैं, भिन्न-भिन्न भाषाओं, रीति-रिवाज़ों और त्वचा के रंगों वाले हैं, ये और विश्व के हर देश और संप्रदाय में और यहाँ तक कि संसार के हर कोने में भी फैले हुए हैं। अंततः, वे पूर्ण मानवजाति, मनुष्यों का ऐसा जनसमूह जो शैतान की ताकतों द्वारा अगम्य है, की रचना करने के लिए एक साथ आएँगे। मानवजाति के बीच जिन लोगों को मेरे द्वारा बचाया और जीता नहीं गया है वे ख़ामोश समुद्र की गहराईयों में डूब जाएँगे, और मेरी भस्म करने वाली लपटों द्वारा हमेशा के लिए जला दिए जाएँगे। मैं इस पुरानी, अत्याधिक गंदी मानवजाति को जड़ से उसी तरह मिटाऊँगा जैसे मैंने मिस्र की पहली संतानों और मवेशियों को जड़ से मिटाया, केवल इस्राएलियों को छोड़ कर, जिन्होंने मेमने का मांस खाया, मेमने का लहू पीया, और अपने दरवाजे की चौखट को मेमने के लहू से चिह्नित किया। क्या जो लोग मेरे द्वारा जीत लिए गए हैं और मेरे परिवार के हैं वे भी ऐसे लोग नहीं हैं जो मुझ मेमने के मांस को खाते हैं और मुझ मेमने के लहू को पीते हैं, और मेरे द्वारा छुटकारा प्राप्त कराए जा चुके हैं और मेरी आराधना करते हैं? क्या ऐसे लोग हमेशा मेरी महिमा के साथ नहीं बने रहते हैं? क्या वे लोग जो मुझ मेमने के मांस के बिना हैं पहले से ही चुपचाप सागर की गहराईयों में नहीं डूब गए हैं? आज वे मेरा विरोध करते हैं, और आज मेरे वचन ठीक इस्राएल के पुत्रों और पौत्रों को यहोवा द्वारा कहे गए वचन के अनुसार ही हैं। फिर भी तुम लोगों के हृदय की गहराईयों में कठोरता मेरे कोप को संचित कर रही है, तुम लोगों की देह पर और भी अधिक दुःख, तुम लोगों के पापों पर और अधिक ताड़ना, और तुम लोगों की अधार्मिकता पर और भी अधिक क्रोध ला रही हैं। जब आज तुम लोग मुझसे इस प्रकार का व्यवहार करते हो, तो किसे मेरे कोप के दिन पर छोड़ा जा सकता है? किसकी अधार्मिकता ताड़ना की मेरी आँखों से बच कर भाग सकती है? किसके पाप मुझ, सर्वशक्तिमान के, हाथों से बच सकते हैं? किसकी अवज्ञा मुझ, सर्वशक्तिमान के, न्याय को प्राप्त कर सकती है? मैं, यहोवा, इस प्रकार, बुतपरस्त परिवार के वंशजों, तुम लोगों से बात करता हूँ, और जिन वचनों को मैं तुम लोगों से कहता हूँ वे व्यवस्था के युग और अनुग्रह के युग के सभी कथनों से बढ़ कर हैं, फिर भी तुम लोग मिस्र के लोगों से ज्यादा कठोर हो। जब मैं विश्राम में काम करता हूँ तो क्या तुम लोग मेरे कोप को संचित नहीं करते हो? कैसे तुम लोग मुझ, सर्वशक्तिमान के दिन से बिना चोट खाए बच कर निकल सकते हो?

— 'वचन देह में प्रकट होता है' से उद्धृत

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