Hindi Christian Testimony Video | कठिन समय से सीख | True Story of a Christian

10 फ़रवरी, 2022

मुख्य किरदार अनेक वर्षों से विश्वासी है, उसे उसकी आस्था के लिए जेल में बंद कर दिया गया था, लेकिन उसने कभी परमेश्वर को धोखा नहीं दिया। रिहा होने के बाद उसने अपना कर्तव्य निभाने के लिए अपना गाँव छोड़ दिया, और त्याग करना और खुद को खपाना कभी बंद नहीं किया। नॉवेल कोरोना वायरस के प्रकोप के दौरान उसे फिर से गिरफ्तार कर लिया गया। यह पता चलने पर कि उसके फेफड़ों पर काले धब्बे हैं, उसके परिवार को उसे घर ले जाने की अनुमति दे दी जाती है; तब उसे पता चलता है कि उसके पिता गंभीर रूप से बीमार हैं, और उसके परिवार की आमदनी के स्रोत पूरी तरह खत्म हो चुके हैं। अपने परिवार को ऐसी मुसीबत में देखकर वह परमेश्वर को दोष दिए बिना नहीं रह पाता। लेकिन प्रार्थना करके और परमेश्वर के वचनों को पढ़कर उसे एहसास होता है कि उसके त्याग सिर्फ आशीष पाने के लिए थे, कि वह परमेश्वर से सौदेबाजी कर रहा था। वह समझ जाता है कि एक सृजित प्राणी के लिए कर्तव्य निभाना ही सही है, और यह आशीष पाने या विपत्ति भुगतने से बिलकुल अलग है। वह आशीष पाने के लिए काम करने की अपनी प्रेरणा छोड़ने और अपना कर्तव्य अच्छे ढंग से निभाने के लिए तैयार हो जाता है।

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परमेश्वर की ओर से एक आशीर्वाद—पाप से बचने और बिना आंसू और दर्द के एक सुंदर जीवन जीने का मौका पाने के लिए प्रभु की वापसी का स्वागत करना। क्या आप अपने परिवार के साथ यह आशीर्वाद प्राप्त करना चाहते हैं?

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