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अंतिम दिनों के मसीह के कथन - संकलन

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अंतिम दिनों के मसीह के कथन - संकलन

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वचन देह में प्रकट होता है से आगे जारी

मैं अपना कार्य अन्यजाति देशों में फैला रहा हूँ। मेरी महिमा पूरे ब्रह्माण्ड में चमकती है; मेरी इच्छा कुछ यत्र-तत्र फैले लोगों में समाहित है, सब मेरे हाथ के इशारों पर चलते हैं और उन कामों को प्रचारित करते हैं जो मैंने उन्हें सौंपे हैं। इस बिंदु से आगे, सभी लोगों को एक दूसरे विश्व में लाते हुए, मैंने एक नए युग में प्रवेश किया है। जब मैं अपनी "मातृभूमि" लौटा तो मैंने अपनी मूल योजना के कार्य का एक और भाग आरम्भ किया, ताकि इंसान मुझे और गहराई से जान जाए। मैं दुनिया को पूरी समग्रता में देखता हूं और सोचता हूं कि यह मेरे कार्य के लिए अनुकूल समय है, इसलिए इधर-उधर जाता हूं और इंसान पर अपना नया कार्य करता हूं। आखिरकार, यह एक नया युग है और मैं नए युग में नए लोगों को लेने के लिये नया काम लाया हूं और जिन्हें मैं हटा दूंगा उन्हें किनारे कर देता हूं। बड़े लाल अजगर के देश में, मैंने ऐसा कार्य किया है जो लोगों के लिए अकल्पनीय है, जिससे वे हवा में उड़ जाएंगे, जिसके बाद उनमें से काफी हवा के तेज़ बहाव में दूर चले जाते हैं। वाकई ये "खलिहान" है जिसे मैं साफ करने वाला हूं; यही मेरी इच्छा है और यही मेरी योजना है। मेरे काम में व्यस्त रहने के दौरान, काफी दुष्ट लोग घुस आए हैं, लेकिन मुझे उन्हें खदेड़ने की अभी कोई जल्दी नहीं है। बल्कि सही समय आने पर मैं उन्हें छिन्न-भिन्न कर दूंगा। केवल उसके बाद ही मैं जीवन का सोता बनूंगा, जो मुझे सचमुच प्रेम करते हैं, उन लोगों को अंजीर के वृक्ष के फल और कुमुदिनी की सुगंध का आनंद लेने दूंगा। उस धरती पर जहां शैतान का बसेरा है, जहां गुबार है, वहां कोई शुद्ध स्वर्ण नहीं बचा है, मात्र रेत है, और ऐसे हालात से टकराते हुए मैं ऐसे चरण का कार्य करता हूं। तुम्हें ज्ञात होना चाहिए कि मैं शुद्ध, परिशोधित स्वर्ण प्राप्त करता हूं, रेत नहीं। कोई दुष्ट मेरे घर में कैसे रह सकता है? मैं लोमड़ियों को स्वर्ग में परजीवी बनकर कैसे रहने दे सकता हूं? ऐसी चीज़ों को दूर भगाने के लिए मैं हर सम्भव तरीका अपनाता हूं। जब तक मेरी इच्छा ज़ाहिर नहीं हो जाती, तब तक किसी को पता नहीं चलता कि मैं क्या करने वाला हूं। इस अवसर का लाभ उठाते हुए मैं दुष्टों को निकाल बाहर करता हूं, और उन्हें मेरे सामने से चले जाने के लिए बाध्य किया जाता है। दुष्टों के साथ मैं ऐसा ही करता हूं, लेकिन फिर भी उनके लिए एक दिन ऐसा आएगा जब वे मेरी सेवा कर सकेंगे। आशीष पाने की लोगों की कामना बड़ी प्रबल होती है; इसलिए मैं चहुँ- ओर अपने शरीर को घुमाता हूं और अन्यजाति देशों को अपनी महिमामयी मुखाकृति दिखाता हूं, ताकि सभी लोग अपनी दुनिया में जी सकें और स्वयं को परख सकें, और मुझे जो कहना है, वह मैं कहता रहूं, और लोगों को को उनकी आवश्यकता के अनुसार पोषण प्रदान करता रहूं। जब लोगों को होश आएगा, तब तक मेरा काफी काम हो चुका होगा। तब मैं लोगों को अपनी इच्छा बताऊंगा, और लोगों पर अपने कार्य का दूसरा भाग शुरु करूंगा, और इस प्रकार से लोगों को अपना अनुसरण करने दूंगा कि वे मेरे कार्य के साथ समन्वय स्थापित कर सकें, और जो कार्य मुझे अनिवार्यतः करना है उसमें वे मेरे साथ हर कार्य अपनी क्षमता के अनुसार कर सकें।

किसी को यह विश्वास नहीं है कि वे मेरे महिमा के दर्शन कर पाएंगे, और मैं उन्हें विवश नहीं करता, बल्कि लोगों के बीच से अपनी महिमा को हटा लेता हूं और उसे एक दूसरी दुनिया में ले जाता हूं। जब इंसान एक बार फिर पश्चाताप करता है तो मैं और भी अधिक, आस्थावान लोगों को अपनी महिमा दिखाता हूं। मैं इसी सिद्धांत से काम करता हूं। क्योंकि एक समय ऐसा आता है जब मेरी महिमा कनान छोड़ देती है, और ऐसा भी समय आता है जब मेरी महिमा चुने हुए लोगों को छोड़ देती है। इसके अलावा, ऐसा समय भी आता है जब मेरी महिमा पूर्ण धरती को छोड़ देती है, और तब यह प्रकाश-विहीन होकर अंधकार में विलीन हो जाती है। कनान की धरती को भी प्रकाश नसीब नहीं होगा; सबका विश्वास समाप्त हो जाएगा, लेकिन कोई भी कनान की धरती की सुगंध को छोड़ना सह नहीं पाएगा। केवल तभी जब मैं नव-स्वर्ग और पृथ्वी में प्रवेश करूंगा, मैं सबसे पहले कनान की धरती पर अपनी महिमा का दूसरा भाग प्रकाशित करूंगा, जिससे गहन अंधकार की रात्रि में डूबी पृथ्वी पर प्रकाश की एक हल्की-सी झलक दिखाई देगी, जिसकी वजह से पूरी धरती प्रकाशमान हो जाएगी। सारी धरती पर लोग रोशनी की ऊर्जा से शक्ति ग्रहण करेंगे और इससे मेरी महिमा बढ़ेगी और समस्त राष्ट्रों को नई तरह से दिखाई देगी। इससे मानवजाति को अहसास हो जाए कि मैं बहुत पहले ही इंसानी दुनिया में आ चुका हूं और बहुत पहले ही अपनी महिमा को इस्राएल से पूर्व में ले आया हूं; चूँकि मेरी महिमा पूर्व से चमकती है, जहां इसे अनुग्रह के युग से लेकर आज तक लाया गया है। लेकिन मैं इस्राएल को अलविदा कहकर पूर्व में आया। केवल जब पूर्व की रोशनी धीरे-धीरे श्वेत रूप में परिवर्तित होगी तभी पूरी पृथ्वी पर अंधकार रोशनी में बदलने लगेगा, और केवल तभी लोगों को पता चलेगा कि मैं बहुत पहले इस्राएल से जा चुका हूं और एक नए रूप में पूर्व में उभर रहा हूं। एक बार इस्राएल में अवतरित होकर और फिर उसे छोड़कर, मैं फिर से इस्राएल में जन्म नहीं ले सकता, क्योंकि मेरा कार्य पूरे विश्व के लिए है, और इसके अलावा, रोशनी सीधे पूर्व से पश्चिम की ओर चमकती है। इसी वजह से मैं पूर्व में अवतरित हुआ हूं और कनान को पूर्व के लोगों के पास लाया हूं। मेरी इच्छा है कि मैं पूरी दुनिया से लोगों को कनान की धरती पर लेकर आऊं, अत: मैं पूरे विश्व को नियंत्रित करने के लिए कनान में कथन जारी करता रहता हूं। इस समय, कनान को छोड़कर, पूरी धरती पर रोशनी नहीं है, और सभी लोग भूख और शीत से संकट में हैं। मैंने अपनी महिमा इस्राएल को दी और फिर वापस ले ली, और फिर इस्राएलियों को, और सम्पूर्ण मानवता को पूर्व में ले आया। मैं उन सभी को रोशनी में ले आया ताकि वे फिर से एक हो सकें, और इसकी संगति में रह सकें, तथा उन्हें और खोज न करनी पड़े। मैं उन सभी को फिर से रोशनी देखने दूंगा जिन्हें इसकी तलाश है और अपनी वह महिमा देखने दूंगा जो इस्राएल में थी; मैं उन्हें देखने दूंगा कि मैं बहुत पहले सफेद बादलों पर सवार होकर लोगों के बीच आ गया हूं, अनगिनत सफेद बादल और पर्याप्त मात्रा में फलों के गुच्छे, और तो और, इस्राएल के यहोवा परमेश्वर को भी देखने दूंगा। मैं उन्हें यहूदियों के मालिक, चिर-इच्छित मसीह, और अपना पूर्ण प्रकटन देखने दूंगा, जिसे शासक पूरे युगों के दौरान सताते रहे हैं। मैं पूरे विश्व पर कार्य करूंगा, मैं महान कार्य करूंगा और अंत के दिनों में लोगों को अपनी सारी महिमा और सारे कर्म दिखाऊंगा। जिन्होंने बरसों मेरी प्रतीक्षा की है, जिन्होंने मेरे सफेद बादलों पर सवार होकर आने की इच्छा की है, इस्राएल को, जिसने फिर से मेरे प्रकट होने की कामना की है, और उस सारी मानवता को, जिसने मुझे सताया है, उन्हें मैं समग्र पूर्णता में अपनी महिमामयी मुखाकृति दिखाऊंगा, ताकि उन सभी को पता चल सके कि मैं बहुत पहले ही पूर्व में अपनी महिमा ले आया हूं, और यह अब यहूदिया में नहीं है। क्योंकि अंत के दिन पहले ही आ चुके हैं!

पूर्ण ब्रह्माण्ड में मैं अपना कार्य कर रहा हूं, और पूर्व में गर्जना करते हुए धमाके निरंतर होते हैं और सभी सम्प्रदायों और पंथों को हिला देते हैं। मेरी वाणी ने सभी लोगों को वर्तमान में लाने में अगुवाई की है। मैं अपनी वाणी से सभी लोगों को जीत लूंगा, ताकि वे इस धारा में आएं, मेरे सामने नतमस्तक हों, क्योंकि मैंने बहुत पहले अपनी महिमा सारी धरती से वापस ले ली है और इसे नए रूप में पूर्व में जारी कर दिया है। ऐसा कौन है जो मेरी महिमा नहीं देखना चाहता? कौन है जिसे उत्सुकता से मेरी वापसी की प्रतीक्षा नहीं है? कौन है जिसे मेरे पुन: प्रकटन की प्यास नहीं है? कौन है जिसे मेरी मनोरमता की अभिलाषा नहीं है? कौन है जो रोशनी में नहीं आना चाहेगा? कौन है जो कनान की समृद्धि नहीं देखना चाहेगा? कौन है जो उद्धारक के लौटने की इच्छा नहीं रखता? कौन है जो महान सर्वशक्तिमान की आराधना नहीं करता? मेरी वाणी समस्त धरती पर फैल जाएगी; मैं चाहता हूं कि मैं अपने पसंदीदा लोगों के सामने अपने अधिक वचन व्यक्त करूं। भयंकर गर्जना की तरह जो पर्वतों और नदियों को हिलाकर रख देती है, मैं अपने वचन पूर्ण ब्रह्माण्ड और मानवता के सामने बोलता हूँ। अत: मेरे मुख के वचन इंसान के लिए खज़ाना बन गए हैं, और सभी लोग मेरे वचनों को संजोकर रखते हैं। बिजली पूर्व से लेकर पश्चिम तक चमकती है। मेरे वचन ऐसे हैं कि इंसान इन्हें त्यागना नहीं चाहता और साथ ही उन्हें कल्पना से परे पाता है, लेकिन उसमें भरपूर आनंद लेता है। किसी नवजात शिशु की तरह, लोग मेरे आगमन की खुशियां और आनंद मना रहे हैं। अपनी वाणी के ज़रिए मैं सभी लोगों को अपने सामने लाऊंगा। उसके बाद, मैं औपचारिक रूप से इंसानी नस्ल में प्रवेश करूंगा ताकि वे आकर मेरी आराधना करें। उस महिमा के साथ जो मुझसे प्रसारित होती है और उन वचनों के साथ जो मेरे मुख में हैं, मैं इसे ऐसा बनाऊंगा कि सभी लोग मेरे सामने आएं और देखें कि बिजली पूर्व से चमकती है और मैं पूर्व के "जैतून के पर्वत" पर्यंत अवतरित हो चुका हूं। वे देखेंगे कि मैं बहुत पहले से ही इस धरती पर हूं, यहूदियों का पुत्र होकर नहीं बल्कि पूर्व की बिजली होकर क्योंकि मैं बहुत पहले ही पुनर्जीवित हो चुका हूं, और लोगों के बीच से जा चुका हूं, और लोगों के बीच पुन: अपनी महिमा के साथ प्रकट हुआ हूं। मैं वो हूं जिसे अनंत युगों पहले पूजा जाता था, और मैं वो शिशु भी हूं जिसे अनंत युगों पहले इस्राएलियों द्वारा त्याग दिया गया था। इसके अलावा, मैं आज के युग का सर्व-महिमामय सर्वशक्तिमान परमेश्वर हूं! सभी मेरे सिंहासन के समक्ष आओ और मेरी महिमामयी मुखाकृति का अवलोकन करो, मेरी वाणी सुनो, और मेरे कर्मों को देखो। यही मेरी इच्छा की समग्रता है; यही मेरी योजना का अंत और चरम है, तथा मेरे प्रबंधन का प्रयोजन है। सभी देश मेरी आराधना करें, सभी जिह्वा मुझे स्वीकृति दें, हर व्यक्ति मुझमें निष्ठा रखे, और प्रत्येक व्यक्ति मेरी प्रजा बने!

अंतिम दिनों के मसीह के कथन - संकलन

केवल वह जो परमेश्वर के कार्य को अनुभव करता है वही परमेवर में सच में विश्वास करता है परमेश्वर का प्रकटीकरण एक नया युग लाया है केवल परमेश्वर के प्रबंधन के मध्य ही मनुष्य बचाया जा सकता है सात गर्जनाएँ – भविष्यवाणी करती हैं कि राज्य के सुसमाचार पूरे ब्रह्माण्ड में फैल जाएंगे उद्धारकर्त्ता पहले से ही एक "सफेद बादल" पर सवार होकर वापस आ चुका है जब तुम यीशु के आध्यात्मिक शरीर को देख रहे होगे ऐसा तब होगा जब परमेश्वर स्वर्ग और पृथ्वी को नये सिरे से बना चुका होगा वे जो मसीह से असंगत हैं निश्चय ही परमेश्वर के विरोधी हैं बुलाए हुए बहुत हैं, परन्तु चुने हुए कुछ ही हैं तुम्हें मसीह की अनुकूलता में होने के तरीके की खोज करनी चाहिए मसीह न्याय का कार्य सत्य के साथ करता है मसीह न्याय का कार्य सत्य के साथ करता है क्या तुम जानते हो? परमेश्वर ने मनुष्यों के बीच एक बहुत बड़ा काम किया है केवल अंतिम दिनों का मसीह ही मनुष्य को अनन्त जीवन का मार्ग दे सकता है अपनी मंज़िल के लिए तुम्हें अच्छे कर्मों की पर्याप्तता की तैयारी करनी चाहिए तुम किस के प्रति वफादार हो? पृथ्वी के परमेश्वर को कैसे जानें परमेश्वर मनुष्य के जीवन का स्रोत है सर्वशक्तिमान का आह भरना तुम लोगों को अपने कार्यों पर विचार करना चाहिए भ्रष्ट मनुष्य परमेश्वर का प्रतिनिधित्व करने में अक्षम है विश्वासियों को क्या दृष्टिकोण रखना चाहिए परमेश्वर में अपने विश्वास में तुम्हें परमेश्वर की आज्ञाओं का पालन करना चाहिए प्रतिज्ञाएं उनके लिए जो पूर्ण बनाए जा चुके हैं दुष्ट को दण्ड अवश्य दिया जाना चाहिए वास्तविकता को कैसे जानें परमेश्वर की इच्छा की समरसता में सेवा कैसे करें सहस्राब्दि राज्य आ चुका है तुम्हें पता होना चाहिए कि व्यावहारिक परमेश्वर ही स्वयं परमेश्वर है आज परमेश्वर के कार्य को जानना क्या परमेश्वर का कार्य इतना सरल है, जितना मनुष्य कल्पना करता है? तुम्हें सत्य के लिए जीना चाहिए क्योंकि तुम्हें परमेश्वर में विश्वास है परमेश्वर पर विश्वास करना वास्तविकता पर केंद्रित होना चाहिए, न कि धार्मिक रीति-रिवाजों पर जो आज परमेश्वर के कार्य को जानते हैं केवल वे ही परमेश्वर की सेवा कर सकते हैं जो सच्चे हृदय से परमेश्वर के आज्ञाकारी हैं वे निश्चित रूप से परमेश्वर के द्वारा ग्रहण किए जाएँगे राज्य का युग वचन का युग है भाग एक राज्य का युग वचन का युग ह भाग दो "सहस्राब्दि राज्य आ चुका है" के बारे में एक संक्षिप्त वार्ता वे सब जो परमेश्वर को नहीं जानते हैं वे ही परमेश्वर का विरोध करते हैं क्या त्रित्व का अस्तित्व है? भाग एक क्या त्रित्व का अस्तित्व है? भाग दो जब परमेश्वर की बात आती है, तो तुम्हारी समझ क्या होती है एक वास्तविक मनुष्य होने का क्या अर्थ है तुम विश्वास के विषय में क्या जानते हो? देहधारियों में से कोई भी कोप के दिन से नहीं बच सकता है सुसमाचार को फैलाने का कार्य मनुष्यों को बचाने का कार्य भी है व्यवस्था के युग में कार्य छुटकारे के युग में कार्य के पीछे की सच्ची कहानी तुम्हें पता होना चाहिए कि समस्त मानवजाति आज के दिन तक कैसे विकसित हुई भाग एक तुम्हें पता होना चाहिए कि समस्त मानवजाति आज के दिन तक कैसे विकसित हुई भाग दो पद नामों एवं पहचान के सम्बन्ध में भाग एक पद नामों एवं पहचान के सम्बन्ध में भाग दो वह मनुष्य किस प्रकार परमेश्वर के प्रकटनों को प्राप्त कर सकता है जिसने उसे अपनी ही धारणाओं में परिभाषित किया है? जो परमेश्वर को और उसके कार्य को जानते हैं केवल वे ही परमेश्वर को सन्तुष्ट कर सकते हैं देहधारी परमेश्वर की सेवकाई और मनुष्य के कर्तव्य के बीच अंतर भाग दो देहधारी परमेश्वर की सेवकाई और मनुष्य के कर्तव्य के बीच अंतर भाग एक परमेश्वर का कार्य और मनुष्य का काम भाग एक परमेश्वर का कार्य और मनुष्य का काम भाग दो परमेश्वर का कार्य और मनुष्य का काम भाग तीन परमेश्वर के कार्य के तीन चरणों को जानना ही परमेश्वर को जानने का मार्ग है (भाग दो) परमेश्वर के कार्य के तीन चरणों को जानना ही परमेश्वर को जानने का मार्ग है (भाग एक) भ्रष्ट मानवजाति को देह धारण किए हुए परमेश्वर के उद्धार की अत्यधिक आवश्यकता है भाग एक भ्रष्ट मानवजाति को देह धारण किए हुए परमेश्वर के उद्धार की अत्यधिक आवश्यकता है भाग दो भ्रष्ट मानवजाति को देह धारण किए हुए परमेश्वर के उद्धार की अत्यधिक आवश्यकता है भाग तीन परमेश्वर द्वारा आवासित देह का सार भाग एक परमेश्वर द्वारा आवासित देह का सार भाग दो परमेश्वर का कार्य एवं मनुष्य का रीति व्यवहार भाग एक परमेश्वर का कार्य एवं मनुष्य का रीति व्यवहार भाग दो परमेश्वर का कार्य एवं मनुष्य का रीति व्यवहार भाग तीन स्वर्गिक परमपिता की इच्छा के प्रति आज्ञाकारिता ही मसीह का वास्तविक सार है मनुष्य के सामान्य जीवन को पुनःस्थापित करना और उसे एक बेहतरीन मंज़िल पर ले चलना भाग एक मनुष्य के सामान्य जीवन को पुनःस्थापित करना और उसे एक बेहतरीन मंज़िल पर ले चलना भाग दो मनुष्य के सामान्य जीवन को पुनःस्थापित करना और उसे एक बेहतरीन मंज़िल पर ले चलना भाग तीन परमेश्वर और मनुष्य एक साथ विश्राम में प्रवेश करेंगे भाग एक परमेश्वर और मनुष्य एक साथ विश्राम में प्रवेश करेंगे भाग दो संपूर्ण ब्रह्मांड के लिए परमेश्वर के कथन - सातवाँ कथन संपूर्ण ब्रह्मांड के लिए परमेश्वर के कथन - आठवाँ कथन संपूर्ण ब्रह्मांड के लिए परमेश्वर के कथन - नौवाँ कथन नये युग की आज्ञाएँ संपूर्ण ब्रह्मांड के लिए परमेश्वर के कथन - ग्यारहवाँ कथन संपूर्ण ब्रह्मांड के लिए परमेश्वर के कथन - तेरहवाँ कथन दस प्रशासनिक आज्ञाएँ जिनका परमेश्वर के चयनित लोगों द्वारा राज्य के युग में पालन अवश्य किया जाना चाहिए क्या आप जाग उठे हैं? 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