परमेश्वर के दैनिक वचन | "तुम विश्वास के बारे में क्या जानते हो?" | अंश 464

मनुष्य के पास मेरे प्रति विश्वास तो है किन्तु वह मेरा गवाह नहीं बन सकता है, और इस से पहले कि मैं ने अपने आपको प्रकट किया, मनुष्य मेरे लिए गवाही नहीं दे सकता है। मनुष्य केवल यह देखता है कि मैं सभी जीवधारियों और सभी पवित्र मनुष्यों से श्रेष्ठ हूँ, और यह देखता है कि वह कार्य जो मैं करता हूँ उसे मनुष्यों के द्वारा नहीं किया जा सकता है। इसलिए, यहूदियों से लेकर आज के मनुष्यों तक, जिस किसी ने भी मेरे महिमामय कार्य को देखा है वह सामान्यतः मेरे प्रति जिज्ञासा से भर जाता है, फिर भी कोई जीवधारी अपने मुँह से मेरी गवाही नहीं दे सकता है। केवल मेरे पिता ने मेरी गवाही दी थी; उसने सभी जीवधारियों के मध्य मेरे लिए मार्ग बनाया था। अन्यथा, इस से कोई फर्क नहीं पड़ता चाहे मैं जैसा भी काम करता, मनुष्य कभी नहीं जान पाता कि मैं सृष्टि का प्रभु हूँ, क्योंकि मनुष्य केवल लेना जानता है, और मेरे कार्य के कारण मुझ पर विश्वास नहीं करता है। मनुष्य मुझे केवल इसी लिए जानता है क्योंकि मैं निर्दोष हूँ, और किसी भी रीति से पापी नहीं हूँ, क्योंकि मैं अनेक भेदों को व्याख्या कर सकता हूँ, क्योंकि मैं लोगों से ऊँचा हूँ, या क्योंकि मनुष्य को मुझ से काफी लाभ प्राप्त हुआ है। फिर भी कुछ लोग हैं जो यह विश्वास करते हैं कि मैं सृष्टि का प्रभु हूँ। इसी लिए मैं कहता हूँ कि मनुष्य नहीं जानता है कि वह मुझ पर क्यों विश्वास करता है; वह मुझ पर विश्वास करने का उद्देश्य और महत्व नहीं जानता है। मनुष्य में वास्तविकता की कमी है, इतना कि वह मेरा गवाह बनने में लगभग अयोग्य हो गया है। तुम लोगों के पास सच्चा विश्वास बहुत ही कम है और तुम लोगों ने बहुत ही कम ग्रहण किया है, इसलिए तुम लोगों के पास बहुत ही कम गवाही है। इसके अतिरिक्त, तुम लोग बहुत कम जानते हो और तुम सब में बहुत कमी है, इतना कि तुम लोग मेरे कार्यों की गवाही देने के काबिल नहीं हो। तुम लोगों का दृढ़ निश्चय वास्तव में विचारणीय है, लेकिन क्या तुम लोग निश्चित हो कि तुम सब सफलतापूर्वक परमेश्वर के मुख्य तत्व की गवाही दे सकते हो? जो कुछ तुम लोगों ने अनुभव किया और देखा है वह पहले के पवित्र लोगों और भविष्यवक्ताओं से बढ़कर है, लेकिन क्या तुम लोग इन पहले के पवित्र लोगों और भविष्यवक्ताओं के वचनों से बढ़कर गवाही प्रदान करने में सक्षम हो? अब जो कुछ मैं ने तुम लोगों को दिया है वह मूसा से बढ़कर है और वह दाऊद से बड़ा है, अतः उसी प्रकार मैं तुम लोगों से कहता हूँ कि तुम सबकी गवाही मूसा से बढ़कर हो और तुम लोगों के वचन दाऊद से बड़े हों। मैं तुम लोगों को सौ गुना देता हूँ, तो उसी प्रकार मैं तुम लोगों से कहता हूँ मुझे उतना ही वापस करो। तुम लोगों को जानना होगा कि वह मैं ही हूँ जो मानवजाति को जीवन देता है, और तुम लोग ही हो जो मुझ से जीवन प्राप्त करते हो और तुम लोगों को मेरा गवाह बनना होगा। यह तुम लोगों का वह कर्तव्य है, जिसे मैं नीचे तुम लोगों पर भेजता हूं और जिसे तुम लोगों को मेरे लिए निभाना ही होगा। मैंनेने अपनी सारी महिमा तुम लोगों को दे दी है, और वह चुना हुआ जीवन तुम लोगों को दे दिया है जिसे चुने हुए लोगों, अर्थात् इस्राएलियों ने कभी प्राप्त नहीं किया था। पूरे अधिकार से तुम लोगों को मेरे लिए गवाही देनी होगी, और अपनी युवावस्था को मेरे प्रति समर्पित करना होगा और अपना जीवन कुर्बान करना होगा। जिस किसी को मैं अपनी महिमा दूँगा वह मेरा गवाह बनेगा और मेरे लिए अपना जीवन देगा। यह बहुत पहले से ही नियत किया गया है। यह तुम लोगों का सौभाग्य है कि मैं अपनी महिमा तुम लोगों को देता हूँ, और तुम लोगों का कर्तव्य है कि तुम लोग मेरी महिमा की गवाही दो। यदि तुम लोग केवल सौभाग्य प्राप्त करने के लिए मुझ पर विश्वास करते हो, तो मेरे कार्य का ज़्यादा महत्व नहीं रह जाएगा, और तुम लोग अपने कर्तव्य को पूरा नहीं कर रहे होगे। इस्राएलियों ने केवल मेरी दया, प्रेम और महानता को देखा था, और यहूदी केवल मेरे धीरज और छुटकारे के गवाह बने थे। उन्होंने मेरी आत्मा के एक छोटे से भाग को देखा था; ऐसा हो सकता है कि उनकी समझ का स्तर जो कुछ तुम लोगों ने देखा और सुना है वह केवल उसका दस हज़ारवां हिस्सा था। जो कुछ तुम लोगों ने देखा है वह उस से कहीं बढ़कर है जो उनके बीच महायाजकों ने देखा था। आज, तुम लोग जिस सच्चाई को समझते हो वह उनकी समझ से बढ़कर है; जो कुछ तुम लोगों ने आज देखा है वह उस से बढ़कर है जो उन्होंने व्यवस्था के युग में देखा था, साथ ही अनुग्रह के युग में भी, और जो कुछ तुम लोगों ने अनुभव किया है वह मूसा और एलिय्याह के अनुभवों से कहीं बढ़कर है। क्योंकि जो कुछ इस्राएलियों ने समझा था वह केवल यहोवा की व्यवस्था थी और जो कुछ उन्होंने देखा था वह केवल यहोवा की पीठ की झलक थी; जो कुछ यहूदियों ने समझा था वह केवल यीशु का छुटकारा था, जो कुछ उन्होंने प्राप्त किया था वह केवल वह अनुग्रह था जो यीशु के द्वारा दिया गया था, और जो कुछ उन्होंने देखा था वह यहूदियों के घराने के भीतर यीशु का स्वरूप था। जो कुछ तुम लोग आज देखते हो वह यहोवा की महिमा है, यीशु का छुटकारा है और आज के मेरे सभी कार्य हैं। तुम लोगों ने मेरी आत्मा के वचनों को भी सुना है, मेरी बुद्धिमत्ता की तारीफ की है, मेरे चमत्कारों को जान लिया है, और मेरे स्वभाव से सीखा है। मैंने तुम लोगों को अपने सम्पूर्ण प्रबंधन योजना के बारे में भी बताया था। जो तुम लोगों ने देखा वह मात्र एक प्रेमी और दयालु परमेश्वर नहीं है, परन्तु वह ऐसा है जो धार्मिकता से भरा हुआ है। तुम लोगों ने मेरे आश्चर्यजनक कामों को देखा है और जान गए हो कि मैं प्रचण्ड क्रोध और प्रताप से भरपूर हूँ। उस से बढ़कर, तुम लोग जान गए हो कि मैंने एक बार इस्राएल के घराने पर अपने क्रोध को उड़ेला था, और आज, यह तुम लोगों के पास आ गया है। तुम लोग यशायाह और यूहन्ना की अपेक्षा स्वर्ग के मेरे रहस्यों को कहीं ज़्यादा समझते हो; पिछली पीढ़ियों के सभी संतों की अपेक्षा तुम लोग मेरी मनोरमता और आदर को कहीं ज़्यादा जानते हो। जो कुछ तुम लोगों ने प्राप्त किया है वह मात्र मेरा सत्य, मेरा मार्ग और मेरा जीवन नहीं है, परन्तु यूहन्ना को प्राप्त होने से भी बड़ा दर्शन और प्रकाशन है। तुम लोगों ने बहुत सारे भेदों को जान लिया है और मेरा सच्चा मुख भी देख लिया है; तुम लोगों ने मेरे न्याय को और अधिक स्वीकार किया है और मेरे धर्मी स्वभाव को और अधिक जान लिया है। अतः, यद्यपि तुम लोगों का जन्म इन अंतिम दिनों में हुआ है, फिर भी तुम लोग पहली और पिछली बातों की समझ रखते हो; तुम लोगों ने भी अनुभव किया है कि आज के दिन में क्या है, और उसे मेरे हाथों के द्वारा पूरा किया गया था। जो मैं तुम लोगों से पूछता हूँ वह अनुचित नहीं है, क्योंकि मैंने तुम लोगों को बहुत ज़्यादा दिया है और तुम लोगों ने मेरे द्वारा बहुत कुछ देखा है। इसलिए, मैं तुम लोगों से कहता हूँ कि मेरे लिए गवाह बनो जैसा पहले पवित्र लोगों ने किया था, और यह मेरे हृदय की एकमात्र इच्छा है।

— 'वचन देह में प्रकट होता है' से उद्धृत

परमेश्वर के लिए गवाही देना मानव का कर्तव्य है

परमेश्वर तुम लोगों को जीवन देता है; ये एक उपहार है जिसे तुम उससे प्राप्त करते हो। और इसलिए तुम्हारा कर्तव्य है कि तुम उसके लिए गवाही दो। परमेश्वर देता है उसकी महिमा, उसका जीवन जो इस्राएलियों के पास नहीं था। और इसलिए तुमको अपना जीवन और यौवन, उसे समर्पित करना चाहिए। तुम्हें परमेश्वर की महिमा मिल गई है, इसलिए तुम्हें परमेश्वर का साक्ष्य देना है। यही विहित है। ये तुम्हारा सौभाग्य है, तुम्हें परमेश्वर की महिमा दी गयी है। और इसलिए उसकी महिमा की गवाही देना तुम्हारा कर्तव्य है। यदि तुम परमेश्वर में मानते हो, सिर्फ़ आशीर्वाद पाने के लिए, उसका काम सार्थक नहीं होगा, और तुम अपने कर्तव्य को पूरा नहीं करोगे। तुम्हें परमेश्वर की महिमा मिल गई है, इसलिए तुम्हें परमेश्वर का साक्ष्य देना है। यही विहित है।

'मेमने का अनुसरण करो और नए गीत गाओ' से

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