परमेश्वर के दैनिक वचन | "सुसमाचार को फैलाने का कार्य मनुष्यों को बचाने का कार्य भी है" | अंश 218

वह कार्य जिसका मैं हज़ारों सालों से प्रबंधन करता आ रहा हूँ वह केवल अंत के दिनों में ही मनुष्य के सामने पूर्णतः प्रकट होता है। केवल अब है कि मैंने अपने प्रबन्धन के पूरे रहस्य को मनुष्य के लिए खोला है। मनुष्य मेरे कार्य के उद्देश्य को जानता है और इसके अतिरिक्त उसने मेरे सभी रहस्यों की समझ प्राप्त कर ली है। और मैंने मनुष्य को उस मंज़िल के बारे में सब कुछ बता दिया है जिसके बारे में वह चिंतित है। मैंने पहले से ही मनुष्य के लिए अपने सारे रहस्यों को अनावृत कर दिया है जो लगभग 5,900 सालों से अधिक समय से गुप्त थे। यहोवा कौन है? मसीहा कौन है? यीशु कौन है? तुम लोगों को यह सब ज्ञात होना चाहिए। मेरा कार्य इन्हीं नामों पर निर्भर करता है। क्या तुम लोग इसे समझ गए हो? मेरे पवित्र नाम की घोषणा कैसे की जानी चाहिए? किसी ऐसे देश में मेरे नाम को कैसे फैलाया जाना चाहिए जिसने मुझे मेरे किसी भी नाम को पुकारा हो? मेरा कार्य पहले से ही फैलने की प्रक्रिया में है, और मैं उसकी परिपूर्णता को किसी भी और सभी देशों में फैलाऊँगा। चूँकि मेरा कार्य तुम लोगों में किया गया है, इसलिए मैं तुम लोगों को वैसे ही मारूँगा ठीक जैसे यहोवा ने इस्राएल में दाऊद के घर के चरवाहों को मारा था, और हर देश में तुम्हारे फैलने का कारण बनूँगा। क्योंकि अंत के दिनों में, मैं सभी देशों को टुकड़ों-टुकड़ों में कुचल दूँगा और उनके लोगों के नए सिरे से विभाजित होने का कारण बनूँगा। जब मैं पुनः वापस आऊँगा, तो सारे देश पहले से ही मेरी जलती हुई आग की लपटों द्वारा निर्धारित सीमाओं में विभाजित हो चुके होंगे। उस समय, मैं अपने आप को नए सिरे से मानवजाति के सामने झुलसाने वाले सूरज के समान व्यक्त करूँगा, और पवित्र व्यक्ति की छवि में अपने आपको स्पष्ट रूप से उन्हें दिखाऊँगा जिसे उन्होंने कभी नहीं देखा है, और असंख्य देशों के बीच चलूँगा, ठीक जैसे मैं, यहोवा, कभी यहूदी कबीलों के बीच चला था। तब से, मैं पृथ्वी पर उनके जीवन में मानवजाति की अगुवाई करूँगा। वे वहाँ मेरी महिमा को निश्चित रूप से देखेंगे, और उनके जीवन में उनकी अगुवाई के लिए हवा में बादल के एक खम्भे को भी वे निश्चित रूप से देखेंगे, क्योंकि मैं अपना प्रकटन पवित्र स्थानों में करता हूँ। मनुष्य मेरी धार्मिकता के दिन और मेरी महिमामय अभिव्यक्ति को भी देखेगा। वैसा तब होगा जब मैं सारी पृथ्वी पर शासन करूँगा और अपने कई पुत्रों को महिमा में लाऊँगा। पृथ्वी में हर कहीं, मनुष्य नीचे झुकेगा, और मानवजाति के बीच मेरा तम्बू उस कार्य की चट्टान पर दृढ़ता से खड़ा होगा जिसे मैं आज कर रहा हूँ। मनुष्य मन्दिर में भी मेरी सेवा करेंगे। गन्दी और घृणास्पद चीज़ों से ढकी हुई वेदी को मैं टुकड़ों में चूर-चूर कर दूँगा और नए सिरे से बनाऊँगा। पवित्र वेदी पर नवजात मेम्नों और बछड़ों का चट्टा लग जाएगा। मैं आज के मन्दिर को तबाह कर दूँगा और एक नया मन्दिर बनाऊँगा। वह मन्दिर जो अब खड़ा है, जो घृणास्पद लोगों से भरा हुआ है, ढह जाएगा और वह मन्दिर जो मैं बनाऊँगा वह मेरे प्रति वफादार सेवकों से भरा होगा। वे मेरे मन्दिर की महिमा के वास्ते एक बार फिर से खड़े होंगे और मेरी सेवा करेंगे। तुम लोग निश्चित रूप से उस दिन को देखोगे जब मैं बड़ी महिमा को प्राप्त करूँगा, तुम लोग निश्चित रूप से उस दिन को भी देखोगे जब मैं मन्दिर को तबाह करूँगा और एक नया मन्दिर बनाऊँगा। तुम लोग मनुष्यों के संसार में मेरे तम्बू के आने के दिन को भी देखोगे। जैसे ही मैं मन्दिर को चकनाचूर करूँगा, वैसे ही मैं अपने तम्बू को मनुष्यों के संसार में ले आऊँगा; यह वैसा ही होगा जैसा कि जब लोग मुझे उतरते हुए देखते हैं। जब मैं सभी देशों को चकनाचूर कर दूँगा, तब से अपने मन्दिर को बनाते हुए और अपनी वेदी को स्थापित करते हुए, मैं उन्हें नए सिरे से एक साथ इकट्ठा करूँगा ताकि सभी मुझे बलिदान अर्पित करें, मेरे मंदिर में मेरी सेवा करें, और अन्यजाति देशों में मेरे कार्य के प्रति स्वयं को निष्ठापूर्वक समर्पित करें। वे एक याजक के लबादे और एक मुकुट के साथ, मुझ यहोवा की महिमा के बीच, और मेरा प्रताप उनके ऊपर मँडराते हुए और उनके साथ बने रहते हुए, आज के दिन के इस्राएलियों के जैसे होंगे। अन्यजाति देशों में भी मेरा कार्य उसी तरह से पूरा किया जाएगा। जैसा मेरा कार्य इस्राएल में है, वैसा ही मेरा कार्य अन्यजाति देशों में भी होगा क्योंकि मैं इस्राएल में अपने कार्य का विस्तार करूँगा और इसे अन्यजातियों के देशों में फैलाऊँगा।

— 'वचन देह में प्रकट होता है' से उद्धृत

परमेश्वर का डेरा विश्व में प्रकट हुआ है

जब लौटेगा परमेश्वर, विभाजित हो चुकी होगी सीमा देशों की, तय की हैं जो उसकी सुलगती ज्वालाओं ने। प्रकट होगा प्रखर सूर्य-सा, पवित्र-सा वो। चलेगा वो देशों में, चला था यहोवा यहूदी कबीलों में जैसे। करेगा वो अगुवाई इंसान की, उसके जीवन में एक बादल-स्तम्भ के साथ। देखेगा इंसान महिमा परमेश्वर की, क्योंकि प्रकट होता वो पवित्र धरती पर। देखेगा इंसान धार्मिक दिवस परमेश्वर का, महिमामय प्रकटन उसका जब शासन करेगा परमेश्वर धरती पर, लाएगा अपने पुत्रों को महिमा में। नमन करेगा इंसान, परमेश्वर का डेरा उनके बीच स्थापित होगा, कर रहा जो आज वो उस कार्य की चट्टान पर निर्मित होगा। मलिनता की वेदी को ध्वस्त कर, परमेश्वर नई वेदी का निर्माण करेगा। इंसान मंदिर में उसकी सेवा करेगा, वेदी पर मेमनों, बछड़ों का जमघट होगा। देखोगे वो दिन तुम जब परमेश्वर महान महिमा पाएगा, जब मन्दिर को ढहा कर, वो नया मन्दिर बनाएगा। तुम देखोगे प्रकट होते धरती पर डेरा उसका। जैसा देखेगा इंसान उसे प्रकट होते, ये वैसा ही होगा।

ध्वस्त करके देशों को परमेश्वर, उनका नव-निर्माण करेगा। बनाकर अपना मन्दिर वो अपनी वेदी स्थापित करेगा, ताकि अर्पित करें, सेवा करें सब जन उसकी, समर्पित करें ख़ुद को अन्यजाति देशों में उसके कार्य को। याजकों के लिबास और मुकुट में सभी, और अपने मध्य परमेश्वर की महिमा लिये, परमेश्वर का प्रताप उन पर होगा, उनके साथ होगा, आज की तरह के इस्राएली होंगे वो। नमन करेगा इंसान, परमेश्वर का डेरा उनके बीच स्थापित होगा, कर रहा जो आज वो उस कार्य की चट्टान पर निर्मित होगा। मलिनता की वेदी को ध्वस्त कर, परमेश्वर नई वेदी का निर्माण करेगा। इंसान मंदिर में उसकी सेवा करेगा, वेदी पर मेमनों, बछड़ों का जमघट होगा। देखोगे वो दिन तुम जब परमेश्वर महान महिमा पाएगा, जब मन्दिर को ढहा कर, वो नया मन्दिर बनाएगा। तुम देखोगे प्रकट होते धरती पर डेरा उसका। जैसा देखेगा इंसान उसे प्रकट होते, ये वैसा ही होगा।

जिस तरह किया है कार्य उसने इस्राएल में, उसी तरह करेगा कार्य अन्यजाति देशों में परमेश्वर, क्योंकि बढ़ाएगा इस्राएल के अपने कार्य को वो, और फैलाएगा कार्य को अन्यजाति देशों में वो। नमन करेगा इंसान, परमेश्वर का डेरा उनके बीच स्थापित होगा, कर रहा जो आज वो उस कार्य की चट्टान पर निर्मित होगा। मलिनता की वेदी को ध्वस्त कर, परमेश्वर नई वेदी का निर्माण करेगा। इंसान मंदिर में उसकी सेवा करेगा, वेदी पर मेमनों, बछड़ों का जमघट होगा। देखोगे वो दिन तुम जब परमेश्वर महान महिमा पाएगा, जब मन्दिर को ढहा कर, वो नया मन्दिर बनाएगा। तुम देखोगे प्रकट होते धरती पर डेरा उसका। जैसा देखेगा इंसान उसे प्रकट होते, ये वैसा ही होगा।

'मेमने का अनुसरण करो और नए गीत गाओ' से उद्धृत

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