Hindi Sermon Series | परमेश्वर का न्याय शुद्धिकरण और उद्धार के लिए है या निंदा और विनाश के लिए?

14 फ़रवरी, 2022

जैसे-जैसे आपदाएँ पूरे विश्व में फैल रही हैं, प्रभु के विश्वासी दम साधे प्रभु यीशु के बादल पर आने का इंतज़ार कर रहे हैं ताकि वह आकर उन्हें विपत्तियों से बचाकर मिलने के लिए आकाश में ले जाए। लेकिन अब तक उन्होंने प्रभु यीशु को बादल पर उतरते नहीं देखा है, बल्कि, चमकती पूर्वी बिजली लगातार गवाही दे रही है कि वह सर्वशक्तिमान परमेश्वर देहधारी होकर वापस आ गया है, इंसान को शुद्ध करने और बचाने की खातिर अंत के दिनों का न्याय-कार्य करने के लिए सत्य व्यक्त कर रहा है। यह कई लोगों के लिए आश्चर्यजनक है। उन्हें लगता है, "प्रभु को पहले विश्वासियों को आकाश में उठाना चाहिए। पहले हमें आपदाओं से बचाना ज़रूरी है। अंत के दिनों में न्याय-कार्य करने के लिए परमेश्वर सत्य क्यों व्यक्त करेगा? हम सभी को हमारे पापों के लिए क्षमा कर दिया गया है और परमेश्वर ने हमें धार्मिक मान लिया है,तो फिर उसके न्याय की क्या आवश्यकता है?" अधिकांश लोगों का मानना ​​है कि अंत के दिनों में, परमेश्वर के न्याय का लक्ष्य अविश्वासी होंगे, न्याय का मतलब है निंदा और विनाश, और जिनके पाप क्षमा कर दिए गए हैं, उनका न्याय करने की आवश्यकता नहीं होगी। तो फिर, इंसान के लिए परमेश्वर का न्याय उसके शुद्धिकरण और उद्धार के लिए है या निंदा और विनाश के लिए? सच्ची आस्था की खोज का यह एपिसोड आपको सत्य की खोज करने, परमेश्वर के प्रकटन और कार्य को जानने में आपका मार्गदर्शन करेगा।

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