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परमेश्वर में विश्वास के माध्यम से मनुष्य के उद्धार और सिद्धता के लिए अंत के दिनों में परमेश्वर के न्याय कार्य का महत्वपूर्ण महत्व है

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जिन लोगों ने परमेश्वर के न्याय और ताड़ना के कार्य का अनुभव किया है, वे पहले से ही इसे स्पष्ट रूप से देखते हैं: अंत के दिनों में परमेश्वर के न्याय और ताड़ना का अनुभव करने वाले भाग्यशाली लोग वास्तव में सबसे अधिक धन्य लोग हैं। वे सभी लोग जिन्होंने सच में परमेश्वर के न्याय और ताड़ना का अनुभव कर लिया है, उन्होंने निम्नलिखित दस परिणाम प्राप्त कर लिए हैं:

1. परमेश्वर का न्याय लोगों को ईमानदारी से आश्वस्त होने, यह जानने देता है कि केवल अंत के दिनों में परमेश्वर के न्याय और ताड़ना के द्वारा ही वे सच में बचाए और सिद्ध किए जा सकते हैं।

2. परमेश्वर का न्याय लोगों को यह जानने देता है कि भ्रष्ट मानवजाति की सच्ची अवस्था और आवश्यक प्रकृति वास्तव में परमेश्वर के विरुद्ध प्रतिरोध में शैतान के वंशज हैं।

3. परमेश्वर का न्याय लोगों को बड़े लाल अजगर, शैतानी राक्षस, का सच्चा चेहरा पूर्णतः स्पष्ट रूप से देखने, और बड़े लाल अजगर से नफ़रत करने और उसे त्यागने और सच में परमेश्वर की ओर मुड़ने देता है।

4. परमेश्वर का न्याय लोगों को दुनिया में अंधकार के मूल और दुष्टता को पूर्णतः स्पष्टता के साथ देखने देता है; मानवजाति की भ्रष्टता इतनी गहरी है कि वे राक्षस बन गए हैं, और उनमें बहुत जरा सी ही मानवता है।

5. परमेश्वर का न्याय लोगों को कई सच्चाइयाँ समझाता है, और लोगों को महान विश्वास करने, सब कुछ ठुकरा देने और अपने पूरे हृदय से परमेश्वर के लिए व्यय करने, और अपने कर्तव्यों में अपना पूरा प्रयास करने देता है।

6. परमेश्वर का न्याय लोगों को सच्चाई का अनुसरण करने और उसे प्राप्त करने के लिए प्यासा बनाता है, और सच्चाई का अनुसरण करने, परमेश्वर को जानने और एक सच्चा जीवन जीने के लिए दृढ़ संकल्पी बनाता है।

7. परमेश्वर का न्याय लोगों को स्पष्ट रूप से देखने देता है कि परमेश्वर ईमानदार लोगों से प्रेम करता है, और यह केवल वे लोग ही हैं जो कुटिलता और धोखाधड़ी से बचते हैं और ईमानदार होने की कोशिश करते हैं उनमें मनुष्य की सच्ची सदृशता होती है।

8. न्याय लोगों को यह जानने देता है कि यह केवल परमेश्वर से प्रेम करना है जो सबसे सार्थक है; केवल परमेश्वर से प्रेम करके ही कोई व्यक्ति अपना कर्तव्य पूरा कर सकता है और परमेश्वर के प्रति वफादार हो सकता है, और मसीह के साथ अनुकूल हो सकता है।

9. परमेश्वर का न्याय लोगों को अवगत कराता है कि सत्य को प्राप्त करना सबसे मूल्यवान बात है; केवल जब कोई सत्य को प्राप्त कर लेता है तभी उसके पास जीवन होता है, और केवल जब कोई सत्य को प्राप्त कर लेता है तभी कोई व्यक्ति परमेश्वर की स्वीकृति प्राप्त करता है।

10. न्याय सभी लोगों को परमेश्वर का धार्मिक स्वभाव और परमेश्वर की बुद्धि और सर्वशक्तिमत्ता से अवगत कराता है; वे पूरे हृदय से परमेश्वर के लिए व्यय कर सकते हैं, और परमेश्वर की दया पर हो सकते हैं।

निस्संदेह, परमेश्वर का न्याय और ताड़ना लोगों के लिए जो लाता है वह उद्धार और सिद्धता है। यह परमेश्वर का सच्चा प्रेम, और अधिक पूर्ण प्रेम है। अंत के दिनों में परमेश्वर के न्याय और ताड़ना का मानवजाति के उद्धार और उसकी सिद्धता के लिए वास्तव में बहुत महत्व है। यह केवल न्याय और ताड़ना का कार्य ही है जो वास्तव में लोगों को परमेश्वर की ओर मोड़ सकता है और लोगों से परमेश्वर के कार्य का पालन करवा सकता है, और बड़े लाल अगजर से वास्तव में नफ़रत करवा सकता है और उसका त्याग करवा सकता है और लोगों को मनुष्य की सच्ची सदृशता में जीवित रखवा सकता है। केवल ऐसा व्यक्ति ही जिसने अंत के दिनों में परमेश्वर के न्याय और ताड़ना का अनुभव कर लिया है, वास्तव में परमेश्वर को जान सकता है, वास्तव में परमेश्वर से प्रेम कर सकता है, परमेश्वर के साथ संगत हो सकता है, सदैव परमेश्वर का आज्ञा पालन और उसकी आराधना कर सकता है, और कभी भी दोबारा परमेश्वर का विरोध या उसके साथ विश्वासघात नहीं कर सकता है। केवल यही उद्धार प्राप्त करने का अर्थ है। अंत के दिनों में परमेश्वर के न्याय और ताड़ना के बिना, मानवजाति शैतान द्वारा मानवजाति की भ्रष्टता की वास्तविक अवस्था और सार को कभी भी सच में नहीं जान सकती थी। मानवजाति दुनिया में अंधकार और दुष्टता के मूल को कभी नहीं जान सकती थी, और मानवजाति कभी भी बड़े लाल अगजर से नफ़रत या उसके विरुद्ध विद्रोह नहीं कर सकती थी; मानवजाति कभी भी शैतान के अंधेरे प्रभाव से मुक्त नहीं हो सकती थी। अंत के दिनों में परमेश्वर के न्याय और ताड़ना के बिना, मानवजाति सदैव परमेश्वर के धार्मिक स्वभाव के बारे में अनभिज्ञ रहती। अंत के दिनों में परमेश्वर के न्याय और ताड़ना के बिना, मानवजाति सदैव सत्य प्राप्त करने में और नए लोग बनने, परमेश्वर के राज्य में प्रवेश करने में असमर्थ रहती। यह केवल परमेश्वर का न्याय और ताड़ना है जो मानवजाति को बचा सकता है, और मंजिल में प्रवेश करने में मानवजाति की सच्ची अगुआई करता है। क्योंकि मानवजाति की भ्रष्टता बहुत गहरी है, कि भले ही कोई यीशु में विश्वास करता है, और उसके पापों के लिए क्षमा कर दिया जाता है और परमेश्वर के बहुत अनुग्रह का आनंद लेता है, फिर भी परमेश्वर का विरोध करने की उनकी प्रकृति के कारण वे अभी भी परमेश्वर का विरोध करेंगे और परमेश्वर के साथ विश्वासघात करेंगे। इसलिए, वे कभी भी शैतान के प्रभाव से मुक्त नहीं हो सकते हैं और उद्धार प्राप्त नहीं कर सकते हैं। हम सभी स्पष्ट रूप से देख सकते हैं, कि धर्म के भीतर यद्यपि जो लोग यीशु में विश्वास करते हैं वे उत्सुकता से इस बात की गवाही दे सकते हैं कि यीशु उद्धारकर्ता है, वे परमेश्वर के धार्मिक स्वभाव को नहीं जानते हैं। अंत के दिनों में जब मसीह पुनः आते हैं, वे तब भी परमेश्वर के अंत के दिनों के कार्य का विरोध करते हैं, सच्चे मार्ग की आलोचना करते हैं और उसे दोषी ठहराते हैं, परमेश्वर की वापसी से इनकार करते हैं, और यहाँ तक कि मसीह को पुनः क्रूस पर चढ़ाते हैं। इसलिए, यदि किसी को केवल अनुग्रह के युग के दौरान परमेश्वर द्वारा छुटकारे का अनुभव होता है, फिर भी उसे यीशु के पुनः आगमन के दौरान न्याय और ताड़ना का अनुभव नहीं होता है, तो इस प्रकार का व्यक्ति कोई ऐसा व्यक्ति नहीं है जो स्वर्गिक पिता की इच्छा का पालन करता है, और वह स्वर्गिक राज्य में प्रवेश करने के योग्य नहीं है। क्योंकि लोगों ने अभी भी परमेश्वर का विरोध करने की अपनी प्रकृति का समाधान नहीं किया है और उनमें अभी भी बहुत सी सच्चाइयों का अभाव है, इसलिए वे अभी भी परमेश्वर को जानने और उसका पालन करने से बहुत दूर हैं। विशेष रूप से परमेश्वर के आने और अंत के दिनों का कार्य करने के दौरान, वे अभी भी उसके अंत के दिनों के कार्य की आलोचना कर रहे हैं और उसे दोषी ठहरा रहे हैं, शैतान की भूमिका निभाते हुए परमेश्वर का विरोध कर रहे हैं, और मसीह के दुश्मन बन रहे हैं। निस्संदेह, जो लोग यीशु के पुनः आने के कार्य को स्वीकार नहीं करते हैं और जिन्होंने सत्य को अपने जीवन के रूप में प्राप्त नहीं किया है सच में बचाए नहीं जाते है। इसलिए, भ्रष्ट मानवजाति को देहधारी परमेश्वर द्वारा उद्धार की आवश्यकता होती है; अर्थात्, उन्हें परमेश्वर का सच्चा ज्ञान और उसके प्रति आज्ञाकारिता प्राप्त करने के लिए अंत के दिनों के दौरान परमेश्वर के न्याय और ताड़ना का अनुभव अवश्य करना चाहिए। केवल इस तरह का व्यक्ति ही वह है जो स्वर्गिक पिता की इच्छा का पालन करता है, और परमेश्वर की प्रशंसा प्राप्त कर सकता है और स्वर्गिक राज्य में प्रवेश कर सकता है; यह बिना संदेह के है।

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अंत के दिनों में परमेश्वर के न्याय और ताड़ना को जानना वास्तव में लोगों के लिए उद्धार प्राप्त करने और सिद्ध होने हेतु परमेश्वर पर विश्वास करने के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। पृथ्वी पर न्याय और ताड़ना क्या है यह बात परमेश्वर के वचनों ने पहले ही स्पष्ट रूप से समझा दी है। परमेश्वर सच्चाई व्यक्त करता है और न्याय और ताड़ना को लागू करता है। मानवजाति की भ्रष्टता के सार के अनुसार वह लोगों को उजागर करने, उनका न्याय करने और उन्हें दोषी ठहराने, और लोगों को सच्चाई को समझाने, स्वयं को ज्ञात करवाने और उनमें सच्चा पश्चाताप पैदा करने के लिए सच्चाई का उपयोग करता है। यह न्याय और ताड़ना का परिणाम है। परमेश्वर ने सभी चीजों को बनाया है और हर चीज़ पर प्रभुत्व रखता है; यह परमेश्वर का अधिकार है। चूँकि परमेश्वर शैतान को मानवजाति को भ्रष्ट करने देता है, इसलिए उसके पास भ्रष्ट मानवजाति का न्याय करने और उसे दंडित करने की शक्ति है। परमेश्वर के पास मानवजाति को बचाने और शैतान के अधिकार क्षेत्र से वापस लाने की और भी अधिक क्षमता है। शैतान को हराने के लिए परमेश्वर की बुद्धि और सर्वशक्तिमत्ता बिल्कुल यहीं निहित है। केवल इस तरह से ही मानवजाति को बचाया जा सकता है, और मानवजाति को हमेशा के लिए परमेश्वर की ओर मोड़ते हुए, शैतान की नियति को समाप्त किया जा सकता है, मानवजाति ऐसी मानवजाति बन सकती है जो परमेश्वर का आज्ञापालन और उसकी आराधना करती हो, और एक सच्चा गंतव्य प्राप्त कर सकती है। यह सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचनों को पूरा करता है: “जो अंत के दिनों के दौरान परमेश्वर के न्याय और ताड़ना के कार्य के दौरान—अर्थात्, शुद्धिकरण के अंतिम कार्य के दौरान—अडिग रहने में समर्थ हैं, ये वे लोग होंगे जो परमेश्वर के साथ अंतिम विश्राम में प्रवेश करेंगे; इसलिए, जो विश्राम में प्रवेश करेंगे, वे सब शैतान के प्रभाव से मुक्त हो चुके होंगे और केवल परमेश्वर के शुद्धिकरण के अंतिम कार्य से गुज़रने के बाद ही परमेश्वर द्वारा प्राप्त किए जा चुके होंगे। ये लोग ही जो अंततः परमेश्वर द्वारा प्राप्त किए जा चुके हैं अंतिम विश्राम में प्रवेश करेंगे। परमेश्वर की ताड़ना और न्याय का सार मानवजाति को शुद्ध करना है, और यह अंतिम विश्राम के दिन के लिए है। अन्यथा, संपूर्ण मानवजाति अपने स्वयं के स्वभाव का अनुसरण करने या विश्राम में प्रवेश करने में समर्थ नहीं होगी। यह कार्य ही मानवजाति के लिए विश्राम में प्रवेश करने का एकमात्र मार्ग है।“(”परमेश्वर और मनुष्य एक साथ विश्राम में प्रवेश करेंगे”)

धर्मोपदेशों—जीवन के लिए आपूर्ति—के संग्रह में “अंत के दिनों में न्याय और ताड़ना के परमेश्वर के कार्य को कैसे जानें” से

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