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अंतिम दिनों के मसीह के कथन - संकलन

परमेश्वर की पवित्रता (II)     भाग तीन के क्रम में

(स) शैतान कैसे पारम्परिक संस्कृति का उपयोग मनुष्य को दूषित करने में करता है।

क्या कई बातें पारम्परिक संस्कृति का एक भाग मानी जाती हैं? (हां) इस पारम्परिक संस्कृति का मतलब क्या है? (यह वंशानुगत चली आती है।) यह वंशानुगत चली आती है, यह एक पहलू है। परिवार, जातीय समूह, यहां तक कि मानव जाति अपनी जीवन पद्धति को प्रारम्भ से ही आगे बढ़ाती रही है, या वे अपने रीति-रिवाज, कहावत और नियम आगे बढ़ाते रहे हैं जो लोगों के विचारों में छप गए हैं। लोगों को इन से क्या मिलता है? लोग ऐसा समझते हैं कि ये चीज़ें उनके जीवन से अलग नहीं की जा सकती। वे उन चीज़ों को लेते और नियम तथा जीवन का हिस्सा मानते हैं। चूंकि ये बातें उनके पुरखों द्वारा दी गई हैं इसलिए वे उन्हें बदलने और छोड‌ने को बिल्कुल तैयार नहीं होते। पारम्परिक संस्कृति के अन्य पहलू हैं जैसे वे जो कि चीनी दार्शनिकों द्वारा प्रतिपादित किए गये थे, लोगों को चीनीवाद और कन्फयूशियसवाद द्वारा लोगों को सिखाई गई थीं जो प्रत्येक व्यक्ति का अंतर्तम भाग बन गई हैं। क्या यह सही नहीं हैं? (हां) इस पारम्परिक संस्कृति में और क्या शामिल है? क्या इनमें वे त्यौहार शामिल हैं जो लोग मानते हैं? उदाहरण के लिए, इसमें वसंत उत्सव, दीप उत्सव, चिंग मिंग दिवस, ड्रैगन नौका उत्सव और अंतर्राष्ट्रीय मज़दूर दिवस, बाल दिवस, मध्य हेमंत उत्सव और राष्ट्रीय दिवस प्रमुख हैं। कुछ परिवार, अन्य त्यौहार भी मनाते हैं या जब वरिष्ठ लोग एक उम्र को प्राप्त कर लेते हैं उत्सव मनाते हैं या जब बच्चे एक माह की उम्र को प्राप्त करते हैं और जब वे 100 दिन की आयु के हो जाते हैं तो उत्सव मनाते हैं। ये सब पारम्परिक त्यौहार हैं। क्या इन त्यौहारों की पृष्ठभूमि पारम्परिक संस्कृति नहीं है? पारम्परिक संस्कृति का सार क्या है? क्या इनमें परमेश्वर की उपासना के विषय में कुछ है? क्या इसमें लोगों को सच का अभ्यास करने के विषय में कहने को कुछ है? (नहीं) क्या लोगों का कोई ऐसा त्यौहार है जिसमें वे परमेश्वर के लिए बलिदान करें, परमेश्वर की वेदी के पास जाएं और उसके कुछ वचन प्राप्त करें? क्या ऐसा कोई त्यौहार है? (नहीं) इन सारे त्यौहारों में लोग क्या करते हैं? (शैतान की उपासना करते हैं, खाते-पीते, और मौज करते हैं।) आधुनिक युग में यह एक अवसर होता है खाने, पीने और मज़े करने का। तब पारम्परिक संस्कृति के पीछे स्रोत क्या है? पारम्परिक संस्कृति किस से है (शैतान से) यह "शैतान" से है। इन पारम्परिक उत्सवों की पृष्ठभूमि में, शैतान मनुष्यों में कुछ बातें भर देता है, ये चीज़ें क्या हैं? यह सुनिश्चित करना कि लोग अपने पूर्वजों को याद रखें, क्या यह उनमें से एक है? उदाहरण के लिए, चिंग मिंग उत्सव के दौरान लोग कब्र को व्यवस्थित करते हैं और अपने पूर्वर्जों को भेंट चढ़ाते हैं। इस प्रकार लोग अपने पूर्वजों को स्मरण रखेंगे। सही? शैतान ड्रैगन बोट उत्सव के माध्यम से सुनिश्चित करता है कि लोग देशभक्त होना स्मरण रखें, मध्य हेमंत उत्सव के बारे में क्या? (परिवार मिलन) परिवार मिलन की पृष्ठभूमि क्या है? इसका कारण क्या है? (परिवार और भावना को पहले रखना) भावनात्मक रूप से संवाद करना और जुड़ना, सही? वाकई चंद्र नववर्ष की पूर्व संध्या या दीप-उत्सव को मनाने के पीछे की भावना के कई कारण हैं, हालांकि उन्हें मनाने के पीछे के कई कारण दिये जाते हैं, लेकिन इनमें से प्रत्येक का कारण है कि शैतान उनके माध्यम से अपनी दार्शिनिकता और सोच को लोगों में बैठाता है ताकि वे परमेश्वर से दूर रहें और यह न जानें कि परमेश्वर है। वे या तो अपने पूर्वजों को या शैतान को अर्पित करते हैं। या फिर यह खाने, पीने और मज़ा करके शरीर की अभिलाषा पूरी करने का बहाना मात्र है। हर उत्सव के बाद शैतान के विचार और दृष्टिकोण मनुष्य के दिमाग पर और गहरे होते जाते हैं और वे इसे जान भी नहीं पाते। जब व्यक्ति अधेड़ हो जाते हैं, वृद्ध हो जाते हैं तो शैतान की ये बातें, ये विचार, ये दृष्टिकोण पहले से ही उनके हृदयों में गहरे बैठ चुके होते हैं। और चाहे ये विचार सही हों या गलत, बिना सोच विचार के अपनी अगली पीढ़ी को स्थानांतरित करते रहते हैं। क्या यह सही है? (हां) तो ये पारम्परिक संस्कृति और त्यौहार लोगों को कैसे दूषित करते हैं? (लोग इन परम्पराओं के नियमों से इतने बंध जाते हैं कि परमेश्वर की खोज के लिये उनके पास न तो समय बचता है और न शक्ति बचती है।) यह एक पहलू है। उदाहरण के लिए, हर कोई चंद्र नव वर्ष मनाता है, यदि आप नहीं मनाते, तो क्या आप दुखी महसूस नहीं करेंगे? आपको नहीं लगेगा, "ओह, मैंने तो नववर्ष का उत्सव मनाया ही नहीं, चन्द्र नव वर्ष का यह दिन बहुत खराब था और यह मनाया नहीं गया है; क्या यह पूरा वर्ष खराब जायेगा?" क्या आप असहज महसूस नहीं करेंगे? (हां) और थोड़ा सा डर भी जायेंगे, सही? कुछ लोग ऐसे भी हैं जिन्होंने बहुत वर्षों से अपने पुरखों के लिए भेंट नहीं चढ़ाई और वे अचानक स्वप्न देखते हैं कि एक मृत व्यक्ति पैसा मांग रहा है, वे भीतर कैसा महसूस करेंगे? "कितने दुख की बात है कि इस मृत को खर्च करने के लिए पैसा चाहिए! मैं उनके लिए कुछ कागज की मुद्रा को जला दूंगा, यदि मैं ऐसा नहीं करता तो यह सही नहीं होगा। अगर मैं कुछ कागज की मुद्राएं नहीं जलाऊंगा तो हम जीवित लोग किसी मुसीबत में पड़ सकते हैं, कौन बता सकता है आफत कब आ जाए?" उनके मन में डर और चिंता का ये बादल हमेशा मंडराता रहेगा। तो उन्हें यह चिंता कौन देता है? (शैतान) शैतान यह लाता है। क्या यह एक तरीका नहीं है जिससे शैतान मनुष्य को दूषित करता है? वह आपको नियंत्रित करने के कई तरीके और बहाने काम में लाता है; आपको डराने और आपको उस हद तक बांधने के लिए जब तक कि आप उसकी चाल में न फंस जायें और न झुक जायें और समर्पण न कर दें; इसी तरीके से शैतान मनुष्य को दूषित करता है। अक्सर ऐसे समय में जब लोग कमज़ोर होते हैं या वे परिस्थितियों के प्रति पूर्ण रूप से सजग नहीं होते तब वे अनभिज्ञता में, दिमागी उलझन में कुछ ऐसा कर देते हैं, कि वे अनजाने में शैतान के चंगुल में फंस जाते हैं यानी वे शैतान की गिरफ्त में आकर अनजाने में ऐसा कुछ कर सकते हैं और वे नहीं जानते कि वे क्या कर रहे हैं। यह वह तरीका है जिससे शैतान मनुष्य को भ्रष्ट करता है। अभी भी कुछ लोग ऐसे हैं उन सांस्कृतिक परम्पराओं से अलग होने के अनिच्छुक हैं जिनकी जड़ें उनके दिमाग में गहरी जमी हुई हैं और वे उन्हें छोड़ नहीं सकते। विशेषकर यह तब होता है जब वे कमजोर और उदासीन होते हैं कि वे इस प्रकार की छुट्टियों को मनाने की इच्छा रखते हैं और वे फिर से शैतान से मिलना और उसे संतुष्ट करना चाहते हैं, ताकि ऐसा करके वे अपने अंदर भी संतुष्टि महसूस कर सकें। क्या ऐसा ही नहीं होता है? (हां) इन सांस्कृतिक परम्पराओं की पृष्ठभूमि क्या है? क्या दृश्य के पीछे शैतान का काला हाथ डोर को खींच रहा है? क्या शैतान का बुरा स्वभाव चीज़ों को चालाकी से नियंत्रित नहीं कर रहा है? क्या शैतान इन सब चीज़ों को नियंत्रित नहीं कर रहा है? (हां) जब लोग इस पारम्परिक संस्कृति में जीते और इस प्रकार की पारम्परिक छुट्टियों को मनाते हैं, तब क्या हम कह सकते हैं कि यह एक ऐसा वातावरण है जिसमें वे शैतान द्वारा मूर्ख बनाए जा रहे है और शैतान द्वारा भ्रष्ट किए जा रहे हैं? क्या वे शैतान द्वारा भ्रष्ट किए जाने से खुश नहीं हैं? क्या यह वह तरीका नहीं है? (हां) इस बात को तो हम सब मानते हैं, सही? और हम सब जानते भी हैं।

(द) शैतान कैसे अंधविश्वास का उपयोग मनुष्य को दूषित करने में करता है।

आप सब "अंधविश्वास" शब्द से तो परिचित हैं, सही? अंधविश्वास में अक्सर लोग किस के सम्पर्क में आते हैं? (झूठे ईश्वर) पारम्परिक संस्कृति में अतिव्यापी समानता पाई जाती है। परन्तु आज हम उनके विषय में बात नहीं करेंगे। बल्कि मैं उन पर चर्चा करूंगा जिनसे हमारा बहुत सामान्य रूप से सामना होता हैः भविष्य कथन, ज्योतिष, धूप जलाना और बुद्ध की उपासना करना। कुछ लोग शगुन विचारते हैं, दूसरे बुद्ध की उपासना करते हैं और धूप जलाते हैं जबकि कुछ लोग अपना भाग्य पढ़वाते हैं या अपना भविष्य किसी को अपना चेहरा दिखाकर जानना चाहते हैं। आप में से कितनों ने अपना भविष्य दिखाया है या चेहरे से भविष्य जानने की कोशिश की है? काफी लोग इस तरह की चीज़ों में रुचि रखते हैं।, सही? (हां) ऐसा क्यों है? भविष्य जानने और ज्योतिष में लोगों को किस प्रकार का फायदा मिलता है? इसमें से वे किस प्रकार की संतुष्टि पाते हैं? (जिज्ञासा) क्या यह मात्र जिज्ञासा है? यह ऐसा नहीं हो सकता। भविष्य बताने का लक्ष्य क्या है? यह क्यों किया गया है? क्या यह भविष्य जानने के लिए नहीं है? कुछ लोग अपना चेहरा पढ़वाते हैं ताकि भविष्य का अनुमान लगा सकें। अन्य ऐसा इसलिए करते हैं कि देख सकें कि उनका भाग्य अच्छा है या नहीं। कुछ लोग ऐसा इसलिए करते हैं कि उनकी शादी कैसी रहेगी, और फिर अन्य यह कहते हैं कि देखें कि आने वाला वर्ष क्या भाग्य ला रहा है? कुछ लोग अपना चेहरा इसलिए पढ़वाते हैं कि देखें उनके बेटे या बेटी का भविष्य कैसा है, और इन चीज़ों के सभी पहलुओं को देखें, और कुछ व्यापारी लोग यह इसलिए करते हैं कि देखें कि वे कितना पैसा कमाएंगे और कुछ मार्गदर्शन पा सकें कि उन्हें क्या करना चाहिये? कुछ लोग केवल यह जानना चाहते हैं कि उनका भाग्य कैसा होगा और भविष्य क्या लाएगा। क्या यह सिर्फ जिज्ञासा शांत करना है? (नहीं) जब लोग अपना चेहरा पढ़वाते या इस प्रकार की बातें करते हैं, तो यह केवल उनके भविष्य के व्यक्तिगत लाभ के लिए हेाता है और वे यह विश्वास करते है कि यह उनके स्वयं भाग्य के साथ निकटता से जुड़ा है। क्या इनमें से कुछ भी उपयोगी है? (नहीं) यह उपयोगी क्यों नहीं हैं? क्या यह अच्छी बात नहीं है कि भविष्य के विषय में कुछ जाना जाए? यह आपको यह जानने में सहायता करेगा कि कोई मुसीबत कब आएगी, ताकि आप उससे बच सकते हैं यदि आप उसके विषय में पहले से जानते हों, सही? आपका भविष्य बता दिए जाने से आपको पहले से ही उसके बारे में मार्गदर्शन मिल जायेगा, ताकि आने वाले वर्ष अच्छे हों और आप अच्छा पैसे वाला व्यापार कर सकें। क्या यह उपयोगी नहीं है? (नहीं) चाहे यह उपयोगी भी हो तो इसका हमसे कोई सम्बन्ध नहीं है, हम आज इस के बारे में संगति नहीं करेंगे। हमारे विचार विमर्श में यह मुद्दा और विषय शामिल नहीं है। शैतान कैसे अंधविश्वास का उपयोग लोगों को भ्रष्ट करने में करता है? लोग शकुन विचार, चेहरा पढ़ना और भविष्य बताना आदि जानना चाहते हैं, ताकि वे अपने भविष्य के विषय में जान सकें कि उनका भविष्य कैसा होगा या और आगे का मार्ग कैसा होगा, परन्तु अंतत:, किस के हाथ पहले से ही इन सब बातों को नियंत्रित कर रहे हैं? (परमेश्वर के हाथ) वे परमेश्वर के हाथों में हैं। जहां तक शैतान का सवाल है, इन विधियों का उपयोग करके वह लोगों को क्या जताना चाहता है? शैतान चेहरा पढ़ना और भविष्य बताने का उपयोग कर लोगों को बताना चाहता है कि वह उनका आगे का भविष्य जानता है और शैतान लोगों को बताना चाहता है कि वह इन बातों को जानता है, वह उन्हें नियंत्रित करता है। शैतान इस अवसर का लाभ उठाना चाहता है और लोगों को नियंत्रित करने में इन विधियों का उपयोग करता है ताकि लोग उस पर अंधा यकीन करें और उसकी हर बात मानें। उदाहरण के लिए, यदि भविष्यवक्ता आपका चेहरा पढ़कर कुछ देर अपनी आंखें बंद करे और आपके साथ पिछले कुछ दशकों में जो भी घटा है, उसे बड़ी स्पष्टता से बता दे तो आप अपने भीतर कैसा महसूस करेंगे? आप अचानक महसूस करेंगे, "मैं वास्तव में इस भविष्य बतानेवाले की सराहना करता हूं, वह कितना सटीक है! मैंने अपना अतीत कभी पहले किसी को नहीं बताया, वह इसके विषय में कैसे जानता है?" यह शैतान के लिए बहुत कठिन नहीं होगा कि आपका अतीत जानें, सही? आज परमेश्वर आपको यहां लाया है, और शैतान भी लोगों को अब तक दूषित करता आया है और आपका पीछा करता आया है। शैतान एक बुरी आत्मा है, आपके दशकों का कालखण्ड शैतान के लिए कुछ भी नहीं है और उसके लिए ये सब बातें जानना कुछ कठिन नहीं है। जब आप जानते हैं कि जो शैतान ने कहा सटीक है, क्या आप उसके नियंत्रण में नहीं जा रहे हैं? आपका भविष्य और किस्मत, क्या आप उसके नियंत्रण पर निर्भर नहीं कर रहे हैं? एकदम से आपका हृदय उसके लिए कुछ आदर या श्रद्धा महसूस करेगा और कुछ लोगों के आत्मा पर तो उसने पहले ही कब्ज़ा कर लिया है। और आप तत्काल भविष्य बताने वाले से पूछोगे, "मैं आगे क्या करूं? आने वाले साल में मुझे किस से बचना चाहिए? मुझे क्या नहीं करना चाहिए?" और तब वह कहेगा: "आपको वहां नहीं जाना चाहिए, आपको यह नहीं करना चाहिए, फलाने रंग के कपड़े मत पहनो, आपको ऐसे और ऐसे स्थानों पर बहुधा नहीं जाना चाहिए, और आपको कुछ बातें और अधिक करना चाहिए..." क्या आप हरेक बात जो वह कहता है एक दम से अपने दिल में ले नहीं लोगे? (हां) आप उसे परमेश्वर के वचन की अपेक्षा जल्दी से याद कर लोगे। आप उसे इतनी जल्दी कैसे याद कर लोगे? (यह मेरे लिए लाभदायक है)। क्योंकि आप अच्छे भाग्य के लिए शैतान पर आश्रित होना चाहोगे, क्या यह वह समय नहीं है जब वह आपके दिल पर अपनी पकड़ बनाता है? तब जैसा उसने कहा है आप वैसा ही करते हैं तब उसके कहे हुए शब्द वैसे ही पूरे होते हैं जैसा पूर्वानुमान लगाया गया था। तब क्या आप यह जानने के लिए कि अगला साल क्या भाग्य लाएगा, फिर से उसके पास नहीं जाना चाहोगे? (हां) आप वही करेंगे जो शैतान आपसे करने के लिए कहेगा और आप उन बातों से बचोगे जिनसे वह बचने के लिए कहता है, क्या आप उसकी हर बात का पालन नहीं कर रहे हैं जो वह कहता है? आप तुरन्त उसकी शरण में चले जाओगे, भटककर पूरी तरह उसके नियंत्रण में चले जाओगे। इसका कारण यह है कि आप उस पर विश्वास करते हैं कि जो वह कहता है वह सच है और क्योंकि आप विश्वास करते हैं कि वह आपके पिछले जीवन के विषय में जानता है, आपके वर्तमान जीवन के बारे जानता है और भविष्य में क्या होगा यह भी जानता है; यह वह विधि है जिससे शैतान लोगों को नियंत्रित करता है। पर वास्तविकता में कौन है जो नियंत्रण करता है? यह स्वयं परमेश्वर हैं, शैतान नहीं, शैतान केवल चालाकी से काम करता है। इस मामले में लोग अनजान हैं उसकी चालाकी से, लोग केवल भौतिक जगत को देखते हैं, उस पर आश्रित रहते और विश्वास करते हैं। तब वे शैतान के चंगुल में पड़ जाएंगे और उसकी हर बात मानेंगे। परन्तु क्या जब लोग परमेश्वर पर विश्वास करना और उसके पीछे चलना चाहेंगे तब शैतान छोड़ देगा? शैतान नहीं छोड़ेगा। इस परिस्थिति में क्या लोग वास्तव में शैतान के चंगुल में पड़ रहे हैं? (हां) क्या हम कह सकते हैं कि इस संदर्भ में शैतान का व्यवहार सचमुच शर्मनाक है? (हां) हम ऐसा क्यों कहेंगे? (शैतान चालाकी उपयोग में लाता है) क्योंकि शैतान की चालाकी धोखा देने वाली और छल से भरी हुई है, शैतान बेशर्म है और शैतान लोगों को गुमराह करता है ताकि लोग यह सोचें कि वह उनकी सब बातों को नियंत्रित करता है वह लोगों को धोखा देता है ताकि लोग यह सोचें कि वह उनके भाग्य को नियंत्रित करता है। यह अनभिज्ञ लोगों से पूरी तरह से अपनी बात मनवा लेता है और उन्हें केवल एक या दो वाक्य से बहकावे में लेकर स्तम्भित कर देता है और लोग उसके आगे झुक जाते हैं। क्या यह सही है? (हां) तो शैतान किस प्रकार के तरीकों का उपयोग करता है, वह क्या कहता है कि आप उस पर विश्वास करें? उदाहरण के लिए, आपने शैतान को नहीं बताया होगा कि आपके परिवार में कितने सदस्य हैं? पर शायद वह बता दे कि आपके परिवार में तीन सदस्य हैं, आपकी बेटी सात साल की है, और आपके माता-पिता की उम्र इतनी है। यदि आरम्भ में आपको कुछ शक था भी तो यह सुनने के बाद क्या आपका विश्वास नहीं जमने लगेगा? (हां) तब शैतान कह सकता है कि आज आपके लिए कार्य करना कठिन होगा, आपके वरिष्ठ अधिकारी आपको उतना महत्व नहीं देते जितना आपको मिलना चाहिए और हमेशा आपके विरुद्ध कार्य करते रहते हैं। इतना सुनने के बाद, आप सोचेंगे, "यह बिल्कुल सही है। दफ्तर में सब ठीक-ठाक नहीं चल रहा है।" इससे आप शैतान पर थोड़ा और विश्वास करने लगोगे। तब वह आपको धोखा देने के लिये कुछ और कहेगा, ताकि आप और विश्वास करो, धीरे धीरे करके आपका प्रतिरोध कम होता चला जायेगा और आपका संदेह भी दूर हो जायेगा शैतान आपको अपनी छोटी-मोटी चालों से ही सम्मोहित कर देता है। और जैसे ही आप सम्मोहित हो जाते हैं, आप अपने आपे में नहीं रहते आप को समझ नहीं आएगा कि आप क्या करें और आप वही करना प्रारम्भ कर देंगे जो शैतान चाहता है। "क्या कमाल है!" विधि से शैतान मनुष्य को दूषित करता है, और आप अनजाने में शैतान के चंगुल में फंस कर उसके अधीन हो जाते हैं। शैतान जो कुछ बातें आपसे कहता है उन्हें लोग अच्छी बात समझते हैं, और तब वह आपको बताता है कि क्या करना है और क्या नहीं करना चाहिए, इस प्रकार आप अनजाने में उसकी राह पर चलने लगते हैं। एक बार जब आप उस राह पर चल पडें तो फिर आपको परेशानी ही परेशानी मिलेगी; आप लगातार यही सोचते रहेंगे कि शैतान ने क्या कहा, और आपको क्या करने को कहा और आप अनजाने में उसके वश में हो जाओगे। ऐसा क्यों है? यह इसलिए है क्योंकि मनुष्यों में सत्य की कमी है और वे शैतान के प्रलोभन और बहकावे में फंसने से बचने में असमर्थ हैं। शैतान की बुराई और उसकी दगाबाजी, चालाकी और दुर्भावना का सामना करने में मानवजाति बेहद अनभिज्ञ, नासमझ और कमज़ोर है, सही है न? क्या यह उनमें से एक तरीका नहीं है जिनसे शैतान मनुष्य को दूषित करता है? (हां) मनुष्य अनजाने में धीरे धीरे शैतान के धोखे और चालाकियों में फंसता चला जाता है, क्योंकि लोग सकारात्मक और नकारात्मक के बीच अंतर नहीं कर पाते। उनमें शैतान पर विजय पाने का न तो स्तर होता है और न योग्यता होती है।

वचन देह में प्रकट होता है से आगे जारी

परमेश्वर को जानना परमेश्वर का भय मानने और बुराई से दूर रहने का मार्ग है परमेश्वर के स्वभाव और उसके कार्य के परिणाम को कैसे जानें
परमेश्वर का कार्य, परमेश्वर का स्वभाव और स्वयं परमेश्वर I
परमेश्वर का कार्य, परमेश्वर का स्वभाव और स्वयं परमेश्वर II
परमेश्वर का कार्य, परमेश्वर का स्वभाव और स्वयं परमेश्वर III
स्वयं परमेश्वर, जो अद्वितीय है I
स्वयं परमेश्वर, जो अद्वितीय है II
स्वयं परमेश्वर, जो अद्वितीय है III
स्वयं परमेश्वर, जो अद्वितीय है IV
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स्वयं परमेश्वर, जो अद्वितीय है VII
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