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हमारे परमेश्वर राज करते हैं राजा की तरह

परमेश्वर के वचन का भजन हमारे परमेश्वर राज करते हैं राजा की तरह सर्वसमर्थ परमेश्वर, शाश्वत पिता, शांति के युवराज हमारे परमेश्वर करते हैं सब पर राज राजा की तरह! I करते हर जगह पर राज, परमेश्वर राजा हैं, परमेश्वर राजा हैं, शाश्वत पिता, शांति के युवराज, शांति के युवराज हैं! शांति के युवराज हैं! सर्वसमर्थ परमेश्वर, के चरण जैतून, के पर्वत पर, जैतून के पर्वत पर, कितना सुन्दर, आओ और सुनो, हम प्रहरी, अपनी आवाजें बुलंद करें आवाजें कर, के बुलंद, गाते मिलकर, गाते मिलकर ज़ीयोन को लौट आये हैं, परमेश्वर, परमेश्वर यरुशेलम को उजड़ते, तब अपनी आँखों से देखकर, देखकर अब एक साथ फूट पड़ें, हम गाकर   परमेश्वर ने सांत्वना दी, यरुशेलम को बचाकर सारे मुल्कों के सामने, अपनी ताकतवर बाँह उघाड़कर जैसे वे हैं, वैसे ही दिखाकर, और लो, दूर वहां, दिखाई देता है उद्धार ज़मीन पर!    II सर्वसमर्थ परमेश्वर, सर्वसमर्थ परमेश्वर! निकलती हैं सात रूहें, सिंहासन से, वे आपके, भेजते हैं उन्हें सभी कलीसियाओं में ताकि खुल जाएँ वो सारे, भेद आपके!  विराजते आप दिव्य सिंहासन पर अपने, पर अपने   करते शासन राज्य पर अपने \"बनाये रखते इसे मजबूत और स्थिर  न्याय और धर्माचरण की नींव पर!\" झुका दी गरदनें राजाओं की अपनी दहलीज़ पर। सर्वसमर्थ परमेश्वर, सर्वसमर्थ परमेश्वर! करधनी खोल दी, उन्होंने राजाओं की ताकि खुल जाएँ उनके, मुल्कों की सरहदें फिर न बंद होने को कभी, क्योंकि  आपके दिव्य प्रकाश की, जो आ गयी किरणें!  III है अँधेरा चारों ओर, लोग घिरे निराशा में,  पर आप हों प्रकट प्रभु, आलोकित हो आपका प्रकाश, ऐसे ही हम में,  हों प्रकट आप, हे परमेश्वर   हो आपका प्रकाश हम पर, आपकी महिमा हममें है जागृत     सारे देश प्रवेश करें आपके प्रकाश में! उनके राजा आयें आपके भेजे प्रकाश के पास  उठाते हैं आप नज़रें अपनी, आपके पुत्र हैं आपके आस पास आए वे दूर दूर से आपकी पुत्रियाँ भी आयेंगी, आपके पास बाहें थामे आपकी सर्वसमर्थ परमेश्वर, सर्वसमर्थ परमेश्वर! आपके प्रेम ने बांधा हमें, आप ही रहनुमाई करते हमारी,  आपके राज्य को जाते मार्ग पर   दिव्य है आपका पवित्र वचन ही  \"जो भेदता हमें है आर पार  सर्वसमर्थ परमेश्वर! \" आपकी जय हो, आपका आभार, आपकी ही हो जय जयकार!! \"एक नेक, शांत और निष्ठावान, ह्रदय से\" प्यार करें, गवाही आपकी, मिल कर एक साथ उठायें आप को, गीत गाएँ आप ही के, आप ही के, हम प्रसन्न करें आपको, रहकर साथ!  करें मुदित आपको, परमेश्वर, आपकी सेवा में रहकर। पूरी हो आपकी इच्छा, अबाध इस धरा पर, धरा पर, धरा पर!! \"वचन देह में प्रकट होता है\" से

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