236 परमेश्वर के न्याय से गुज़रकर मुझे उससे और भी अधिक प्रेम हो गया है

1 प्रभु में अपने बरसों के विश्वास में मैंने अक्सर बाइबल पढ़ी, लेकिन फिर भी मैंने कभी सत्य को नहीं समझा। मुझे लगा सब-कुछ त्याग देने और कड़ी मेहनत करने का मतलब है कि उस व्यक्ति को परमेश्वर से प्यार है। परमेश्वर के वचनों के न्याय के ज़रिये आखिरकार मैंने अपना पाखंड देखा। मैंने सिर्फ़ इसलिये काम किया और प्रचार-कार्य किया ताकि स्वर्ग के राज्य में आरोहित किए जाने का आशीष पा सकूँ। हालाँकि मैंने सतही तौर पर कष्ट उठाए और स्वयं को खपाया, लेकिन मैं गुप्त रूप से अपने पुरस्कारों की गणना कर रहा था। परीक्षणों के दौरान मेरी शिकायतों ने मुझे स्वार्थी और तुच्छ इंसान के रूप में उजागर कर दिया। मैं बहुत भ्रष्ट था, फिर भी मुझे विश्वास था कि मैं परमेश्वर से प्यार करता हूँ, मुझे कोई शर्म नहीं थी। इतने सारी मंशाओं और इच्छाओं के चलते, मैं परमेश्वर की स्वीकृति कैसे प्राप्त कर सकता था? अंतत: मैं समझ गया कि प्रभु में वर्षों की अपनी आस्था में मैंने कभी दूर-दूर तक भी परमेश्वर को नहीं जाना था। मैं साष्टाँग दंडवत करके पूरी तरह से पश्चाताप करता हूँ, मैं न्याय और शुद्धिकरण को स्वीकार करना चाहता हूँ।

2 परमेश्वर के न्याय से गुज़रते हुए, मैंने देख लिया है कि परमेश्वर का स्वभाव धार्मिक है और वह कोई अपराध बर्दाश्त नहीं करता। मैं हमेशा पाप करता और उसे स्वीकार करता रहा हूँ, और अभी भी पाप में जी रहा हूँ, मैं परमेश्वर के चेहरे को देखने के योग्य कैसे हो सकता हूँ? परीक्षण और शुद्धिकरण मेरी गहरी भ्रष्टता को उजागर करते हैं, मेरे अंदर थोड़ी-सी ही इंसानियत है। मैं शैतानी स्वभाव से भरा हूँ, बिना सच्चा पश्चाताप किए, मैं स्वर्ग के राज्य में प्रवेश करने का सपना देखता हूँ। काट-छाँट और निपटारा किए जाने के बाद, मैं पीड़ा, शर्म और अपराधबोध से भर गया हूँ। मैं व्यर्थ की तमाम इच्छाओं को त्यागना चाहता हूँ, सत्य का अनुसरण करके एक नया इंसान बनना चाहता हूँ। मैं परमेश्वर से प्रेम करने, उसे संतुष्ट करने के लिए किसी भी पीड़ा को झेलने के लिए संकल्पित हूँ। मुझे रुतबा या पुरस्कार नहीं चाहिए, मैं केवल अपना कर्तव्य पूरा करना चाहता हूँ ताकि मेरा दिल सुकून पा सके। चाहे कितनी भी भयानक मुसीबतें आएँ, भले ही मुझे अपने प्राण न्यौछावर करने पड़ें, मैं अंत तक निष्ठावान रहूँगा। न्याय के ज़रिये, मैं शुद्ध हो गया हूँ, मैं परमेश्वर से और भी अधिक प्रेम करता हूँ।

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