94 परमेश्वर हमें पूरी गहराई से प्रेम करता है

1

सर्वशक्तिमान परमेश्वर, मैं तुझ में विश्वास रखता हूँ। यह सोचकर कि मैं दुनिया में कैसे भटका करता था,

मैं लोगों की चंचलता और उदासीनता को गहराई से महसूस करता हूँ। मैंने संघर्ष किया और अंधेरे में भटका।

जीवन की पीड़ाओं का कोई अंत नहीं है; आँसुओं से चेहरा पोंछते हुए, मैं बरसों तक तड़पता रहा।

नाउम्मीदी में, मैं केवल बेबसी और मायूसी की ज़िंदगी जी सकता था।

सर्वशक्तिमान परमेश्वर, तू हमें पूरी गहराई से प्रेम करता है। तेरे वचन जगाते हैं मुझे।

मैंने आख़िरकार अपने दर्द भरे जीवन को दूर कर दिया है और मैं तेरे पास वापस आ गया हूँ।

तेरे वचन मुझे प्रकाशित करते हैं, मैं एक उज्ज्वल जीवन देखता हूँ।

मैं तेरे वचनों का आनंद लेता हूँ और तेरी उपस्थिति में रहता हूँ, मेरा दिल शांति और आनंद से भर गया है।

2

सर्वशक्तिमान परमेश्वर, मैं तुझ में विश्वास रखता हूँ। मेरा स्वभाव तेरे वचनों से उजागर हुआ है।

तेरे वचनों का न्याय मुझे दिखाता है कि मैं कितना भ्रष्ट हूँ।

मैं अभिमानी, धोखेबाज़, दुष्ट और लालची हूँ, मैं किसी इंसान से मेल नहीं खाता।

मैं ख़ुद को जानता हूँ, तेरे न्याय और शुद्धिकरण को स्वीकारने के लिये तेरे सामने ज़मीन पर गिरता हूँ।

सर्वशक्तिमान परमेश्वर, तू हमें पूरी गहराई से प्रेम करता है। तेरा न्याय मुझे बचाता है।

तू मुझे सत्य और जीवन देता है, और मुझे सिखाता है कि मैं इंसान कैसे बनूँ।

अब मैं थोड़ा बदल गया हूँ, मैं कैसे न तेरी स्तुति करूँ, कैस तुझे धन्यवाद न दूँ?

मैं तेरे वचनों का आनंद लेता हूँ और तेरी उपस्थिति में रहता हूँ, मेरा दिल शांति और आनंद से भर गया है।

3

सर्वशक्तिमान परमेश्वर, मैं तुझ में विश्वास रखता हूँ। तू सचमुच मुझसे प्रेम करता है।

मेरा हृदय कृतज्ञता के लाखों शब्दों से भरा है, लेकिन मैं जानता नहीं कि कहाँ से शुरू करूँ।

मैं तेरे प्रेम का आनंद तो लेता हूँ, मगर तेरी गवाही नहीं दे पाता हूँ, मेरा दिल बेचैन होता जा रहा है।

मैं अपने कर्तव्यों में अभी भी लापरवाह और कपटी हूँ, मैं तेरी इच्छा को संतुष्ट नहीं कर सकता।

सर्वशक्तिमान परमेश्वर, तू हमें पूरी गहराई से प्रेम करता है। तेरा न्याय एक आशीष है।

तेरा न्याय मुझे शुद्ध करता है, मैं तेरी पवित्रता और प्रियता को देखता हूँ।

अब मैंने तेरा उद्धार पा लिया है, मैं रोशनी में रहता हूँ, मेरा दिल एक अतुलनीय मिठास महसूस करता है।

मैं तेरे वचनों का आनंद लेता हूँ और तेरी उपस्थिति में रहता हूँ, मेरा दिल शांति और आनंद से भर गया है।

हम तेरी हर बात का पालन करेंगे, तेरे वचनों के अनुरूप रहेंगे, सदा तुझे प्रेम करेंगे।

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अब बड़ी-बड़ी विपत्तियाँ आ रही हैं और वह दिन निकट है जब परमेश्वर भलाई का प्रतिफल देगें और बुराई को दण्ड देंगे। हमें एक सुंदर गंतव्य कैसे मिल सकता है?

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